छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में महामाया पहाड़ पर शनिवार को मिले क्षत-विक्षत शव की पहचान हो गई है। मृतक की पहचान शुभम कश्यप (33) के रूप में हुई है। शुभम मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान चलाता था। पहले शव की पहचान नहीं हो सकी थी। इसलिए उसकी लाश को दफना दिया गया था। पहचान होने के बाद सोमवार को पुलिस ने न्यायिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में कब्र खुदवाकर शव को बाहर निकाला और रिश्तेदारों को सौंपा। वहीं, शुभम कश्यप के परिवार का आरोप है कि गुमशुदगी की जांच में पुलिस ने लापरवाही बरती और उनके साथ बदसलूकी की। रिश्तेदारों ने बताया कि 3 दिन पहले शुभम की मां के मोबाइल पर एक मैसेज आया था। उसमें लिखा था कि शुभम एक लड़की के पास है। उसे वापस लाना है तो 1 लाख रुपए की व्यवस्था करनी होगी। परिवार वालों का कहना है कि शुभम की हत्या करने के बाद शव को फांसी से लटका दिया गया। हालांकि, इन आरोपों पर एएसपी अमोलक सिंह का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है। देखिए पहले ये तस्वीरें- जानिए क्या है पूरा मामला ? दरअसल, शनिवार को महामाया पहाड़ स्थित सागौन नर्सरी में क्षत-विक्षत शव मिला था। मौके पर साड़ी और महिलाओं की चप्पल मिलने के कारण शुरुआत में शव को युवती का माना गया। हालांकि, फॉरेंसिक जांच और पोस्टमॉर्टम के बाद स्पष्ट हुआ कि शव युवक का है। शव के साथ मिले सामान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसके बाद रविवार शाम शुभम कश्यप के रिश्तेदार कोतवाली थाने पहुंचे। चप्पल और कपड़ों के आधार पर उन्होंने शव की पहचान की। वह जयस्तंभ चौक के पास मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान चलाता था। कब्र खुदवाकर सौंपे गए अवशेष पहचान नहीं होने के कारण पुलिस ने शव के अवशेषों को दफना दिया था। पहचान होने के बाद रिश्तेदारों की मांग पर न्यायिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में कब्र खुदवाई गई और शव के अवशेष रिश्तेदारों को सौंप दिए गए। गुमशुदगी की जांच में लापरवाही का आरोप रिश्तेदारों का आरोप है कि शुभम की गुमशुदगी की रिपोर्ट 11 जुलाई को कोतवाली थाने में दर्ज कराई गई थी। इसके बावजूद पुलिस ने न तो उसकी तलाश में गंभीरता दिखाई और न ही शव मिलने की जानकारी परिवार को दी। रिश्तेदारों का दावा- हत्या कर शव को फांसी पर लटकाया गया रिश्तेदारों के अनुसार शुभम नशे का आदी था। 10 जुलाई को नशे की हालत में घर पहुंचने पर विवाद हुआ था। इसके बाद परिवार उसे कोतवाली थाने ले गया था। वहां से वह मामा के घर चला गया। 11 जुलाई की सुबह वह घर लौटा और जरूरी सामान लेकर निकल गया, जिसके बाद वापस नहीं आया। उनका कहना है कि शुभम की हत्या की गई और उसके शव को फांसी पर लटका दिया गया। उनका दावा है कि जिस पेड़ पर शव मिलने की बात कही जा रही है, वह इतना मजबूत नहीं था कि शव का भार संभाल सके। फिरौती का मैसेज आने की भी बात कही रिश्तेदारों ने बताया कि 3 दिन पहले शुभम की मां के मोबाइल पर एक मैसेज आया था। उसमें लिखा था कि शुभम एक युवती के पास है और उसे वापस लाना है तो 1 लाख रुपए की व्यवस्था करनी होगी। आरोप है कि उन्होंने इसकी जानकारी पुलिस को दी, लेकिन पुलिस ने इसे फर्जी बताकर कोई गंभीर जांच नहीं की। उनका यह भी कहना है कि शुभम का मोबाइल और पर्स अब तक बरामद नहीं हुआ है। पुलिस पर बदसलूकी का आरोप रविवार को पहचान के लिए थाने पहुंचे रिश्तेदारों ने आरोप लगाया कि वहां मौजूद एक पुलिसकर्मी ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और बाहर जाने के लिए कहा। मामले को लेकर कांग्रेस नेताओं ने भी थाने पहुंचकर नाराजगी जताई थी। …………………… क्राइम से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… लव ट्रायंगल में युवक की चाकू गोदकर हत्या: दुर्ग में एक ही गर्लफ्रेंड से बात करने पर भिड़े लड़के, 2 दोस्त गंभीर, 10 हिरासत में छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एक ही लड़की से 2 लड़के बातचीत करते थे। जिसे लेकर दोनों के बीच मारपीट हो गई। इसके बाद कुछ लड़कों ने मिलकर युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी। जबकि उसके 2 दोस्त गंभीर रूप से घायल हो गए। पढ़ें पूरी खबर…
