छत्तीसगढ़ में मानसून सक्रिय बना हुआ है। पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक दिन का तापमान 30.8 डिग्री सेल्सियस रायपुर और दुर्ग में रिकॉर्ड किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस पेंड्रा रोड में रहा। अगले 48 घंटे प्रदेश के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना। मध्य और उत्तर छत्तीसगढ़ के अलग-अलग स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। बारिश के दौरान गरज-चमक और तेज हवाएं भी चल सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में 1 जून से अब तक हुई कुल बारिश सामान्य श्रेणी में है। हालांकि, औसत से 18% कम बारिश (–18% डिपार्चर) दर्ज की गई है, जिसे मौसम विज्ञान की भाषा में सामान्य माना जाता है। इन इलाकों में हुई सबसे ज्यादा बारिश पिछले 24 घंटे में धरमजयगढ़ में सबसे ज्यादा 30MM बारिश हुई। इसके अलावा लैलूंगा, कोरबा, कापू और खरसिया में 20-20MM बीजापुर, नया बाराद्वार, करतला, साल्हेवारा, लाल बहादुर नगर, कांसाबेल, पथलगांव और मानपुर में 10-10 MM बारिश दर्ज की गई। अगले 48 घंटे का मौसम मौसम विभाग के मुताबिक अगले दो दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेगी। वहीं मध्य और उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। क्यों सक्रिय है मानसून? मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मानसून द्रोणिका फिलहाल जैसलमेर, दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के निम्न दबाव क्षेत्र, कोटा, गुना, सीधी और डाल्टनगंज होते हुए उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी तक* फैली हुई है। वहीं उत्तरी गंगीय पश्चिम बंगाल और आसपास के बांग्लादेश के ऊपर ऊपरी हवा में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके प्रभाव से अगले 24 घंटे में उसी क्षेत्र में एक नया निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है। इसका असर छत्तीसगढ़ समेत मध्य भारत में बारिश की गतिविधियों पर पड़ सकता है। रायपुर का मौसम राजधानी रायपुर में 25 जुलाई को दिनभर आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है। एक-दो दौर की बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। क्या है –18% डिपार्चर? मौसम विभाग के मानकों के अनुसार, –19% से +19% तक की वर्षा को सामान्य माना जाता है। इसलिए प्रदेश में फिलहाल बारिश औसत से 18% कम होने के बावजूद मानसून की स्थिति सामान्य श्रेणी में बनी हुई है।
