जिले में बीते एक सप्ताह से हो रही झमाझम बारिश के बाद बिलासपुर जिले का सबसे बड़ा और प्रमुख खूंटाघाट जलाशय और घोंघा जलाशय पूरी तरह लबालब हो गए हैं। राज्य में सभी प्रमुख बांधों में तीन जलाशय ही जो सौ फीसदी भर चुके हैं। इनमें खूंटाघाट के साथ घोंघा और मनियारी शामिल हैं। लगातार बारिश से जलभराव इतना तेज रहा कि दोनों ही बांधों का वाटर लेवल अपनी क्षमता को पार कर गया, जिसके बाद वेस्ट वियर से पानी छलकने लगा है। जिले में खारंग की जलभराव क्षमता 192.32 मीटर है जो सौ फीसदी भर चुका है। राज्य के अधिकांश बांध अब भी प्यासे हैं। राज्य के दूसरे बांधों की बात करें तो कुछ बड़े बांध ही 75 फीसदी तक भरे हैं जबकि अन्य 50 से 60 फीसदी भरे हैं। खूंटाघाट जलाशय के सौ फीसदी भरे जाने से इमरजेंसी में किसानों को होने वाली पानी की समस्या नहीं होगी। इसके अलावा प्रदेश के लगातार बारिश से बांधों में जलभराव बढ़ा है। इनमें मिनीमाता बांगो,77.32 प्रतिशत, रविशंकर सागर 47.49 प्रतिशत, तांदुला जलाशय 46.08 प्रतिशत, दुधवा जलाशय, 74.07 प्रतिशत, सिकसर 74.06 प्रतिशत, खारंग 100 प्रतिशत, सोंदूर 68.02 प्रतिशत, कोदार 53.77 प्रतिशत, मनियारी 100 प्रतिशत, केलो 57.03 प्रतिशत, खरखरा 35.65 प्रतिशत तक भरे हुए हैं।
