छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी (GGU) के बहुचर्चित पेपर लीक मामले में बड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बीए-एलएलबी छठवें सेमेस्टर की मुख्य परीक्षा रद्द कर दी है और 27 जुलाई से दोबारा परीक्षा कराने का री-शेड्यूल जारी किया है। बता दें कि 2 महीने पहले दैनिक भास्कर डिजिटल ने यूनिवर्सिटी का पोर्टल हैक और पेपर लीक की आशंका का खुलासा किया था। री-एग्जाम की सूचना मिलते ही लॉ विभाग के छात्र-छात्राओं ने इस फैसले का विरोध किया। छात्रों ने जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने और री-एग्जाम के फैसले पर पुनर्विचार की मांग की। रजिस्ट्रार प्रो. अश्वनी दीक्षित और अन्य अधिकारियों ने छात्रों को समझाइश दी। विश्वविद्यालय की ओर से जारी आदेश में अपरिहार्य कारणों का हवाला देते हुए मई में हुई परीक्षा को निरस्त किया गया है। यह परीक्षा 7 मई से 28 मई के बीच आयोजित हुई थी। अब नई समय-सारिणी के अनुसार परीक्षा 27 जुलाई से होगी। छात्रों ने कहा- रिपोर्ट सार्वजनिक करे विश्वविद्यालय बीए-एलएलबी के विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर पुनर्परीक्षा कराने पर आपत्ति जताई थी। छात्रों का कहना था कि जिस फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट के आधार पर परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया गया है, उसे पारदर्शिता के लिए सार्वजनिक किया जाए। साथ ही पुनर्परीक्षा संबंधी अधिसूचना वापस लेने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की गई है। डेढ़ महीने तक दबी रही जांच रिपोर्ट पेपर लीक मामले की जांच के लिए गठित पांच सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने 6 जून को अपनी रिपोर्ट विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंप दी थी। इसके बावजूद करीब डेढ़ महीने तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। कुलपति प्रो. आलोक चक्रवाल को कार्यकाल विस्तार मिलने के बाद मंगलवार को अचानक परीक्षा निरस्त करने का आदेश जारी कर दिया गया। इसे लेकर भी छात्र सवाल उठा रहे हैं कि आखिर कार्रवाई में इतनी देरी क्यों हुई। समर्थ पोर्टल हैक नहीं, लॉगिन आईडी से लीक हुआ था पेपर फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की जांच में सामने आया कि समर्थ पोर्टल हैक नहीं हुआ था, बल्कि लॉगिन आईडी और पासवर्ड के जरिए प्रश्नपत्र और अन्य डेटा लीक किया गया। कमेटी ने मामले की पुलिस जांच कराने की भी अनुशंसा की है। जिसके बाद यूनिवर्सिटी ने विभागीय जांच समिति बनाई है, जिसमें प्रो. एससी श्रीवास्तव, प्रॉक्टर प्रो. मुकेश कुमार सिंह, प्रो. खेमचंद देवांगन, ओएसडी प्रो. भारती अहिरवार और असिस्टेंट रजिस्ट्रार (परीक्षा) टी.पी. सिंह शामिल हैं। पहले हटाए जा चुके हैं लॉ विभाग के डीन और एचओडी पेपर लीक मामले में सवाल उठने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने पहले ही लॉ विभाग के तत्कालीन एचओडी एवं डीन प्रो. सुधांशु रंजन मोहापात्रा को पद से हटा दिया है। उनकी जगह इतिहास विभाग के प्रो. प्रवीण मिश्रा को लॉ विभाग का नया एचओडी और डीन बनाया गया है। छात्रों ने इस मामले की शिकायत राष्ट्रपति और विश्वविद्यालय के कुलाध्यक्ष तक भी पहुंचाई थी। दैनिक भास्कर ने सबसे पहले किया था खुलासा दैनिक भास्कर डिजिटल ने समर्थ पोर्टल से प्रश्नपत्र लीक होने के मामले का सबसे पहले खुलासा किया था। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने फैक्ट फाइंडिंग कमेटी गठित की। अब जांच रिपोर्ट के आधार पर परीक्षा निरस्त कर दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया गया है। मामले में पुलिस जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की संभावना भी जताई जा रही है। ……………….. इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… बिलासपुर सेंट्रल यूनिवर्सिटी का पोर्टल हैक, पेपर-लीक की आशंका:एग्जाम से पहले छात्रों को प्रश्नपत्र मिलने का दावा, फैक्ट फाइंडिंग कमेटी कर रही जांच देशभर में चर्चित रहे नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) पेपर लीक का मामला अभी विवादों में है। छात्र आंदोलन कर रहे हैं। इस बीच छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी का समर्थ पोर्टल हैक हो गया है, जिससे आशंका जताई जा रही है कि क्वेश्चन पेपर भी लीक हुए हैं। पढ़ें पूरी खबर…
