झारखंड के वासेपुर के कुख्यात गैंगस्टर शब्बीर आलम और उसके सहयोगी को भागने में मदद करने वालों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। झारखंड पुलिस बुधवार को अंबिकापुर पहुंची और कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। जांच में सामने आया कि बस संचालक बैदुल ने शब्बीर और उसके सहयोगी को शरण दी थी। बैदुल, शब्बीर का रिश्तेदार भी है। वहीं, वासेपुर का एक अन्य गैंगस्टर शाकिब अफजल पिछले 15 साल से अंबिकापुर में छिपकर रह रहा था। उसके खिलाफ साल 2004 में धनबाद के डॉन फहीम खान के कार्यालय पर AK-47 समेत घातक हथियारों से हमला करने, हत्या और लूट जैसे कई मामले दर्ज हैं। झारखंड में घर कुर्क होने के बाद शाकिब अफजल पहचान बदलकर अंबिकापुर में रह रहा था। गैंगस्टर नहीं पकड़े गए, FIR दर्ज कराने पहुंची झारखंड पुलिस करीब 15 दिन पहले झारखंड पुलिस गैंगस्टर शब्बीर आलम को गिरफ्तार करने अंबिकापुर पहुंची थी। पुलिस जैसे ही उसे पकड़ने लगी, तभी शब्बीर का बेटा और उसके कुछ साथी वहां पहुंच गए। उन्होंने पुलिस से बहस शुरू कर दी। इसी दौरान मौका देखकर शब्बीर आलम और उसका साथी जावेद फरार हो गए। शब्बीर को शरण देने के आरोप में राजहंस बस के संचालक बैदुल खान के खिलाफ कोतवाली थाना में एफआईआर दर्ज की गई है। मामला दर्ज होने के बाद से बैदुल भी फरार हो गया है। 17 CCTV कैमरों का फुटेज हटाने का आरोप झारखंड पुलिस ने मोस्ट वांटेड गैंगस्टर शब्बीर आलम के फरार होने के बाद उसकी तलाश तेज कर दी है। बुधवार को झारखंड पुलिस की टीम अंबिकापुर पहुंची। टीम ने शब्बीर और उसके साथी को फरार होने में मदद करने वालों के खिलाफ कोतवाली थाने में शिकायत दी, जिसके आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। जिस मोहल्ले से शब्बीर आलम फरार हुआ, वहां उसके मददगारों ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर आसपास लगे 17 CCTV कैमरों का फुटेज हटवा दिया। चर्चा है कि स्थानीय पुलिस के मौके पर पहुंचने और जांच शुरू करने से पहले ही डिजिटल सबूत मिटा दिए गए थे। एक और गैंगस्टर सालों से अंबिकापुर में छिपा रहा साल 2004 में धनबाद के डॉन फहीम खान के दफ्तर पर AK-47 और पिस्टलों से हुए हमले में नामजद गैंगस्टर शाकिब अफजल भी कई सालों तक अंबिकापुर में छिपकर रहा। इस मामले में शब्बीर आलम और उसके भाइयों पर जेल में रहकर हमला कराने का भी आरोप लगा था। FIR में नाम आने के बाद शाकिब अफजल झारखंड से फरार हो गया था। घर कुर्क होने के बाद वह अंबिकापुर पहुंचा, जहां उसने अपनी पहचान बदल ली। इसके बाद शहर से लगे लालमाटी इलाके में जंगल किनारे आलीशान मकान बनाकर रहने लगा। होटल और जमीन के कारोबार से जुड़ा था जानकारी के मुताबिक, शाकिब अंबिकापुर में एक होटल भी चलाता था। इसके अलावा वह जमीन के कारोबार से भी जुड़ा हुआ था। शाकिब अफजल उर्फ नेता, बस संचालक बैदुल खान का रिश्तेदार भी बताया जाता है। छापे के बाद शाकिब भी हुआ फरार झारखंड पुलिस की अंबिकापुर में कार्रवाई के बाद शाकिब अफजल भी फरार हो गया। आरोप है कि शाकिब, शब्बीर आलम और उसके साथियों को अंबिकापुर में बैदुल खान ने ही शरण दी थी। यह भी बताया जा रहा है कि बैदुल के बस और एम्बुलेंस के कारोबार में गैंगस्टरों की भी हिस्सेदारी थी। स्थानीय लोगों का दावा है कि बैदुल के फरार होने के बाद अब इस पूरे कारोबार की जिम्मेदारी शाकिब अफजल संभाल रहा है। गैंगस्टरों के दम पर खड़ा किया करोड़ों का कारोबार आरोप है कि गैंगस्टरों को शरण देने वाले बैदुल खान ने उनके प्रभाव का फायदा उठाकर करोड़ों रुपये का कारोबार खड़ा किया। पहले वह राजहंस बस कंपनी में पार्टनर था। बाद में उसने कंपनी की कुछ बसें खरीद ली। इसके अलावा एईसीएल में एम्बुलेंस और अन्य चारपहिया वाहन अटैच कर भी बड़ा कारोबार किया। शब्बीर की तलाश में जुटी झारखंड पुलिस धनबाद SSP प्रभात कुमार ने बताया कि पुलिस शब्बीर आलम की तलाश कर रही है। जहां-जहां से सूचना मिल रही है, वहां टीम भेजी जा रही है। उन्होंने कहा कि वासेपुर मामले में कई आरोपी हैं, जिनमें कुछ अभी भी फरार हैं। सभी के नाम फिलहाल सार्वजनिक नहीं किए जा सकते। गैंगस्टर को फरार होने में मदद करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने पुलिस टीम अंबिकापुर गई है। ‘कोरवा की जमीन पर बनाया घर’ भाजपा नेता आलोक दुबे ने आरोप लगाया कि धनबाद का फरार आरोपी शाकिब अफजल अंबिकापुर के लालमाटी इलाके में पहाड़ी कोरवा की जमीन पर कब्जा कर मकान बनाकर रह रहा है। उसे संरक्षण देने वालों की भी जांच होनी चाहिए। झारखंड के कुख्यात अपराधी सालों तक अंबिकापुर में कैसे छिपे रहे, यह गंभीर जांच का विषय है। एएसपी बोले- कार्रवाई पूरी होने के बाद देंगे जानकारी सरगुजा के एएसपी अमोलक सिंह ने कहा कि झारखंड पुलिस की टीम अंबिकापुर पहुंची है। फिलहाल मामले में कार्रवाई चल रही है। जांच और कार्रवाई पूरी होने के बाद ही पूरी जानकारी साझा की जाएगी। ……………… इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… वासेपुर का गैंगस्टर 13 साल अंबिकापुर में छिपा रहा: बसें-एम्बुलेंस चलाकर करोड़ों का कारोबार खड़ा किया; पुलिस पहुंची तो फिर भाग निकला झारखंड के वासेपुर का कुख्यात गैंगस्टर शब्बीर आलम (60) पिछले 13 साल से अपने सहयोगी जावेद के साथ अंबिकापुर में छिपकर रह रहा था। इस दौरान उसने एक स्थानीय बस संचालक के साथ पार्टनरशिप कर बसों और 40 से ज्यादा एम्बुलेंस का कारोबार खड़ा किया। करोड़ों रुपए का नेटवर्क बनाने के साथ उसने अंबिकापुर में आलीशान मकान भी बनवा लिया। पढ़ें पूरी खबर…
