छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के बाल सुधार गृह में 4 लड़कों ने जेल शिफ्ट होने से पहले साजिश रचकर चौकीदार की हत्या कर दी। इसकी भनक अधिकारी और स्टाफ को नहीं लगी। दैनिक भास्कर ने ग्राउंड पर इसकी पड़ताल की। जिसमें पता चला कि, चारों बदमाश लड़कों को रहने के लिए अलग-अलग रूम अलॉट किया गया था। इसके बावजूद प्लानिंग के तहत सभी रविवार की रात एक साथ रुक गए। लेकिन सवाल यह है कि, जिम्मेदारों ने उन्हें ऐसा करने क्यों दिया? आखिरकार हत्या और फरारी के बावजूद इसकी भनक किसी को कैसे नहीं लगी। मुआवजा, सरकारी नौकरी और दोषियों पर कार्रवाई समेत कई मांगों लेकर बाल सुधार गृह परिसर में परिजन पूरी रात डटे रहे। इस दौरान उनके साथ महिलाएं और बच्चों ने भी खुले आसमान के नीचे जमीन पर सो कर रात गुजारी। पहले देखिए ये तस्वीरें… पहले जानिए कैसे की चौकीदार की हत्या जानकारी के मुताबिक, तखतपुर क्षेत्र के अरईबंद गांव निवाली नरेंद्र कुमार खांडे (40) पिछले करीब एक साल से बाल संप्रेक्षण गृह में नाइट चौकीदार के रूप में कार्यरत था। उसकी संविदा नियुक्ति हुई थी। शुरुआती जांच में पता चला कि रविवार रात करीब 11 से 12 बजे के बीच लड़कों ने चौकीदार के साथ मारपीट की। उसके हाथ-पैर बांध दिए और गला दबाने के साथ मुंह में गमछा ठूंस दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस अफसरों का दावा है कि वारदात को अंजाम देने के बाद नाबालिग आरोपियों ने छत पर लगे कांटेदार तार हटाए, लकड़ी की सीढ़ी के सहारे बाउंड्रीवाल पार की और दूसरे चौकीदार की बाइक लेकर फरार हो गए। अलग-अलग कमरों में रहते थे सभी लड़के, प्लान बनाकर एक साथ रुके दैनिक भास्कर की पड़ताल में पता चला है कि आम तौर पर बाल सुधार गृह के जिम्मेदार अधिकारियों ने विधि के साथ संघर्षरत बालकों को अलग-अलग कमरा अलॉट किया था। माना जा रहा है कि बदमाशों ने पहले से ही बाल सुधार गृह से भागने का प्लान बना लिया था। यही वजह है कि प्लान के तहत सभी लड़के रविवार की रात एक ही कमरे में रुके। भागने के लिए पहले उन्होंने दरवाजा खुलवाया, जिसके बाद चौकीदार को पकड़कर जमकर पिटाई की और फिर उसके हाथ-पैर बांधकर मौत के घाट उतार दिए। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब सभी लड़के एक साथ कमरे में रुके, तब किसी ने उन पर ध्यान क्यों नहीं दिया। रात भर ऊपर छत पर पड़ी रही लाश इस वारदात के बाद पूरी रात चौकीदार की लाश पहली मंजिल पर ही पड़ी रही। इस दौरान किसी ने न तो उससे बातचीत करने का प्रयास किया और न ही पहली मंजिल में जाकर उसकी हाल चाल जाना। सोमवार सुबह नीचे की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रहा चौकीदार ऊपर गया, तब उसे इस घटना की जानकारी हुई। चौकीदार की लाश देखकर उसने बाल सुधार गृह के अधिकारियों को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। परिजनों का हंगामा, परिसर में धरना-प्रदर्शन इस घटना से नाराज परिजन सोमवार सुबह से ही बाल संप्रेक्षण गृह के मुख्य द्वार पर धरने पर बैठ गए। उन्होंने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और देर शाम तक शव को पोस्टमॉर्टम के लिए ले जाने से रोक दिया। परिजनों ने अधिकारियों को 12 सूत्रीय मांगपत्र सौंपकर मृतक के परिवार को उचित मुआवजा, दो सदस्य को शासकीय नौकरी, परिवार के भरण-पोषण की व्यवस्था, उच्चस्तरीय जांच, जिम्मेदार अधिकारियों और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। देर शाम पुलिस अफसरों की मौजूदगी में उसके शव को अस्पताल भेजा गया। इस दौरान परिजनों ने उन्हें रोकने की कोशिश की। हालांकि, अफसरों ने उन्हें समझाइश देकर शांत करा दिया। लेकिन, बाल सुधार गृह परिसर में परिजन पूरी रात डटे रहे। इस दौरान उनके साथ महिलाएं और बच्चे भी खुले आसमान के नीचे जमीन पर सो कर रात गुजारी। घटना के बाद ऐसे फरार हुए आरोपी जांच में सामने आया है कि, वारदात के बाद आरोपी चौकीदार की बाइक और परिसर के ताले की चाबी लेकर फरार हुए। बताया जा रहा है कि, चारों आरोपी पहले भवन की छत पर पहुंचे। वहां से छोटी छत पर उतरे और सुरक्षा के लिए लगाए गए कांटेदार तार को हटाया। इसके बाद लकड़ी की सीढ़ी के सहारे नीचे आए। जानकारी के मुताबिक दो आरोपी पहले दीवार फांदकर बाहर निकले। इसके बाद अन्य दो आरोपी चौकीदार की बाइक को बाहर लेकर पहुंचे और फिर चारों मौके से फरार हो गए। संभावित ठिकानों पर पुलिस ने दी दबिश इस घटना के बाद आरोपियों को पकड़ने के लिए टीम गठित की गई है। अलग-अलग टीम फरार चारों बाल अपचारियों की तलाश के लिए अलग-अलग जगह दबिश दे रही है। लेकिन, उनका पता नहीं चल सका है। डीवीआर भी साथ ले गए बदमाश वारदात के बाद सरकंडा थाना पुलिस, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, फॉरेंसिक टीम और कलेक्टर मौके पर पहुंचे। घटना स्थल का बारीकी से निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए गए। पुलिस ने परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू किया, तब पता चला है कि जाते-जाते बदमाश लड़के सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर निकाल कर साथ ले गए हैं। सभी हो चुके थे बालिग, जेल शिफ्ट करने की थी तैयारी पुलिस की जांच में पता चला है कि फरार हुए चारों युवक पहले से हत्या, लूट, चोरी, दुष्कर्म और मारपीट जैसे गंभीर अपराधों में बंद थे। सभी आरोपी अब बालिग हो चुके हैं। बताया गया कि अपराध के समय वे नाबालिग थे, इसलिए न्यायालय के आदेश पर उन्हें बाल संप्रेक्षण गृह के विशेष गृह में रखा गया था। अब उन्हें जेल शिफ्ट करने की तैयारी चल रही थी। इसकी भनक लगने के बाद बदमाश लड़कों ने बाल सुधार गृह से भागने का प्लान बनाया। ट्रांसफर होने के बाद भी नहीं किया गया रिलीव मृतक चौकीदार के परिजनों ने इस घटना के लिए विभागीय लापरवाही का भी आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि नरेंद्र खांडे लंबे समय से यहां से स्थानांतरण की मांग कर रहे थे। उनका दूसरी जगह ट्रांसफर भी हो चुका था, लेकिन विभागीय अधिकारियों ने उन्हें कार्यमुक्त (रिलीव) नहीं किया। बताया गया कि कुछ दिन पहले उन्होंने इस संबंध में आयुक्त कार्यालय में भी आवेदन देकर जल्द रिलीव करने की मांग की थी। इसके बावजूद उन्हें यहां से नहीं हटाया गया। परिजनों का कहना है कि यदि समय पर उन्हें रिलीव कर दिया जाता तो शायद उनकी जान बच सकती थी। ……………………………….. इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… सुधार गृह में चौकीदार की हत्या कर भागे 4 लड़के: हाथ-पैर बांधकर गला घोंटा, हत्या-दुष्कर्म के आरोप में बंद थे, शव रखकर परिजनों का प्रदर्शन छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में बाल सुधार गृह से चार लड़के चौकीदार की हत्या कर फरार हो गए। आरोप है कि चारों ने पहले चौकीदार के साथ मारपीट की, फिर उसके हाथ-पैर बांधकर गला दबा दिया और मुंह में गमछा ठूंस दिया। वारदात के बाद सभी मौके से भाग निकले। घटना सरकंडा थाना क्षेत्र की है। पढ़ें पूरी खबर…
