छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में नाबालिग बेटी से दूर रहने की हिदायत देने से नाराज युवक ने अपने साथियों के साथ मिलकर उसके पिता पर जानलेवा हमला कर दिया। सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण पिता 8 दिनों तक कोमा में रहा। बुधवार को उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। जानकारी के अनुसार, मृतक का नाम गौकरण साहू (35) है, जो खेती-किसानी करता था। वहीं, मुख्य आरोपी भानुप्रताप जैन (18) पार्सल डिलीवरी बॉय के रूप में काम करता था। हालांकि पुलिस ने हमले के 24 घंटे के भीतर सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। देवरी थाना प्रभारी मनीष शेंडे ने गौकरण साहू की मौत की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103 के तहत भी मामला दर्ज कर लिया गया है। यह घटना पिनकापार चौकी क्षेत्र के ग्राम संबलपुर की है। देखिए पहले ये तस्वीरें- पढ़िए हमले की सिलसिलेवार पूरी कहानी… दरअसल, 30 जून की देर रात गौकरण साहू परिवार के साथ घर में सो रहे थे। इसी दौरान भानुप्रताप अपने 5 साथियों के साथ दो बाइक और एक स्कूटी से गांव पहुंचा। प्लानिंग के तहत 2 आरोपी बाहर निगरानी करते रहे, जबकि 4 आरोपी घर में घुस गए। आरोपियों ने लाठी-डंडों और लकड़ी के राफ्टर से गौकरण साहू के सिर, पीठ और कमर पर ताबड़तोड़ वार किए। शोर सुनकर रिश्तेदार और उसकी 13 साल बेटी जाग गई। इसके बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। हमले में गौकरण के सिर पर गंभीर चोटे आई। 24 घंटे में छह आरोपी गिरफ्तार, हथियार-वाहन जब्त घटना के बाद देवरी पुलिस ने फॉरेंसिक टीम, डॉग स्क्वॉड, साइबर सेल और सीसीटीवी फुटेज की मदद से महज 24 घंटे के भीतर छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में खपराभाठ, हाल अंबेडकर चौक टंकी मरौदा, थाना नेवई (दुर्ग) निवासी भानुप्रताप जैन (18), नीरज रस्तोगी (18), तुषार निर्मलकर (20), दिनेश ढीमर (25), कुंदन यादव (18) और बहेराभाठा, थाना देवरी (बालोद) निवासी दीपेश पटेल (18) शामिल हैं। आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल लाठी-डंडे, लकड़ी का राफ्टर, दो मोटरसाइकिल और एक स्कूटी जब्त की गई। एक सप्ताह तक जिंदगी की जंग हमले में गंभीर रूप से घायल गौकरण साहू को पहले राजनांदगांव में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने पर उसे भिलाई के हाईटेक अस्पताल रेफर किया गया। करीब 8 दिन तक कोमा में रहने के बाद बुधवार को उसकी मौत हो गई। शाम करीब 5 बजे गांव के मुक्तिधाम में उसका अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम यात्रा में उनकी दोनों बेटियां रूपाली साहू और दीप्ति साहू ने पिता की अर्थी को कंधा दिया। नाबालिग बेटी से जान-पहचान बनी हमले की वजह पुलिस जांच के मुताबिक करीब डेढ़ साल पहले मुख्य आरोपी भानुप्रताप जैन की गौकरण साहू की नाबालिग बेटी से जान-पहचान को लेकर विवाद हुआ था। गौकरण ने भानुप्रताप और उसके माता-पिता को बुलाकर फटकार लगाई थी और बेटी से दूर रहने की हिदायत दी थी। इसी बात की रंजिश में आरोपियों ने बदला लेने की साजिश रच डाली। हालांकि, पुलिस ने हमले के 24 घंटे के भीतर ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भी दाखिर कर दिया गया है। …………………. इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… बालोद में डेढ़ साल पुरानी रंजिश में पिता पर हमला: बेटी से बात करने से रोकने का लिया बदला; भिलाई से 6 आरोपी अरेस्ट
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में बेटी से बात करने से मना करने पर युवक ने अपने साथियों के साथ मिलकर पिता पर जानलेवा हमला कर दिया। आरोपियों ने देर रात पीड़ित के घर में घुसकर लाठी-डंडों से उसकी बेरहमी से पिटाई की, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। पढ़ें पूरी खबर…
