जगदलपुर के बाद अब बिलासपुर के 240 बेड के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल और 100 बेड के कैंसर अस्पताल का संचालन भी निजी कंपनी को सौंपने की तैयारी है। दोनों अस्पतालों को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर देने के लिए शासन स्तर पर टेंडर प्रक्रिया की फाइल चल रही है। अधिकारियों के मुताबिक अगले 10-15 दिनों में टेंडर जारी हो सकता है। इसी वजह से फिलहाल दोनों अस्पतालों में नई नियुक्तियां नहीं की जा रही हैं। जिस कंपनी को संचालन का जिम्मा मिलेगा, वही डॉक्टरों और अन्य स्टाफ की भर्ती करेगी। करीब 200 करोड़ रुपए की लागत से बने सुपर स्पेशलिटी अस्पताल और 115 करोड़ रुपए के कैंसर अस्पताल का उद्घाटन 29 अक्टूबर 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। फिलहाल यहां सिम्स के डॉक्टरों, बॉन्ड पोस्टिंग वाले चिकित्सकों और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के सहारे सेवाएं संचालित हो रही हैं। प्रदेश में पहली बार जगदलपुर से शुरू हुआ पीपीपी मॉडल
प्रदेश में पहली बार पीपीपी मोड पर जगदलपुर का सुपर स्पेशलिटी सितंबर 2025 में कॉन्टिनेंटल हॉस्पिटल को दिया गया था। तीन महीने में अस्पताल को 240 बेड का पूरी तरह से शुरू करना था। लेकिन नौ महीने बीतने के बाद भी अस्पताल में अभी कई कार्यक्रम शुरू होना बाकी हैं। करीब 200 करोड़ की लागत से बने 10 मंजिला इमारत को कॉन्टिनेंटल को दे दिया गया। साथ ही एनएमडीसी भी 25 करोड़ रुपए की मदद शुरुआती दौर में कर रही है। इस मामले में कांग्रेस ने आरोप लगाया गया है कि हॉस्पिटल अभी तक पूरी तरह से शुरू नहीं हो पाया है।
