कर्नाटक के बेंगलुरु साउथ तालुक इलाके में गुरुवार सुबह पत्थर खदान में 40 फीट ऊंचाई से चट्टान गिरने से बिहार के 8 मजदूरों की मौत हो गई। हादसे के समय खदान में करीब 18 मजदूर काम कर रहे थे। हादसे में कई अन्य मजदूर घायल हुए हैं। घायलों को इलाज के लिए प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालांकि, घायलों की सटीक संख्या की पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस चट्टान गिरने की वजह की जांच कर रही घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। मलबा हटाने का काम जारी है। यह भी देखा जा रहा है कि कहीं अन्य मजदूर उसके नीचे तो नहीं दबे हैं। पुलिस के मुताबिक, सभी मृतक दिहाड़ी मजदूर थे और स्टोन क्रशर साइट पर काम कर रहे थे। सभी मृतक बिहार के रहने वाले थे। उनके परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। चट्टान गिरने की वजह और खदान में सुरक्षा मानकों के पालन की जांच की जा रही है। प्रत्यक्षदर्शी बोला- पहाड़ी का हिस्सा कुछ ही सेकंड में ढह गया एक्सकेवेटर चला रहे परशुराम ने बताया कि काम शुरू करने के लिए जैसे ही वह मौके पर पहुंचे और मशीन चालू की, तभी पहाड़ी का एक हिस्सा ढह गया। उन्होंने कहा कि मैं पक्के तौर पर नहीं कह सकता, लेकिन उस समय नीचे करीब 18 लोग काम कर रहे थे। मलबे में दबे चार लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया, जबकि बाकी अब भी मलबे में दबे हैं। हादसा इतना अचानक हुआ कि मजदूरों को संभलने का मौका ही नहीं मिला। कर्नाटक के सीएम ने दुख जताया कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने हादसे पर दुख जताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि खदान संचालकों की जिम्मेदारी है कि वे वहां काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वाली खदानों के खिलाफ सरकार सख्त और उचित कार्रवाई करेगी। साथ ही हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। ————— ये खबर भी पढ़ें… कोलकाता में निर्माणाधीन गोदाम ढही, 5 की मौत:20 को बचाया, मलबे में दबा मजदूर बोला- मेरा पैर काट लो, लेकिन मुझे बचा लो दक्षिण कोलकाता के तारातला ट्रांसपोर्ट डिपो के पास 24 जून दोपहर 12:07 बजे निर्माणाधीन गोदाम का शेड गिर गया। हादसे में अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है। मलबे में दबे 20 लोगों का रेस्क्यू कर लिया गया है, जिनमें दो आईसीयू में है। अन्य 18 की हालत खतरे से बाहर है। पूरी खबर पढ़ें…
