छत्तीसगढ़ कैडर के 2009 बैच के IAS आईएएस अधिकारी अवनीश कुमार शरण ने बॉडी ट्रांसफॉर्मेशन किया है। 44 साल की उम्र में रायपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी (RDA) के कमिश्नर की जिम्मेदारी संभालते हुए उन्होंने महज 6 महीने में अपना लुक बदल लिया। अब सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरें जमकर वायरल हो रही हैं। कोरोना की कमजोरी, मेजर सर्जरी और बिगड़ते हेल्थ पैरामीटर्स से जूझने के बाद अफसर ने नए साल में खुद को बदलने की ठानी। सुबह 5 बजे उठने का कड़ा अनुशासन, शक्कर से दूरी और पर्सनल ट्रेनर की गाइडेंस के दम पर उन्होंने असंभव को संभव कर दिखाया। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में आईएएस अवनीश शरण ने अपने इस दिलचस्प सफर के कई राज खोले हैं। कैसे उन्होंने ई-ऑफिस सिस्टम की मदद से काम को मैनेज किया, शाकाहारी डाइट में प्रोटीन का बैलेंस कैसे बनाया और क्यों वे इंजरी के बाद भी दवा खाकर जिम जाते रहे। पढ़िए यह रिपोर्ट सवाल: सबसे पहले आप अपने सिविल सर्विस जर्नी के बारे में बताइए? जवाब: मैं 2009 बैच का आईएएस ऑफिसर हूं। मैं स्कूल में एक एवरेज स्टूडेंट रहा हूं। मेरे 10वीं और 12वीं की परीक्षा में बहुत अच्छे अंक नहीं आए थे। कॉलेज में भी मैं सामान्य विद्यार्थी रहा लेकिन माता-पिता ने हमेशा मोटिवेट किया। इसके बाद मैंने सिविल सर्विस की तैयारी की और दूसरे प्रयास में चयनित हुआ। सवाल: आप अपने पूरे कार्यकाल से कितने संतुष्ट रहे हैं? जवाब: मैं अपने कार्यकाल से पूरी तरह संतुष्ट हूं। करीब 17 साल से मैं छत्तीसगढ़ शासन में सेवा दे रहा हूं। इस दौरान मेरी पोस्टिंग शहरी क्षेत्रों के अलावा अर्बन इलाकों में भी हुई। मैंने बिलासपुर में असिस्टेंट कलेक्टर से शुरुआत की। जशपुर में एसडीएम रहा। रायपुर में जिला पंचायत सीईओ, निगम कमिश्नर के तौर पर काम किया। फिर बलरामपुर में तैनाती हुई। मैं बलरामपुर कवर्धा और बिलासपुर में कलेक्टर के पद पर रहा। अभी वर्तमान में रायपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी में कमिश्नर के तौर पर कार्यरत हूं। ओवरऑल सरकार ने मुझे अच्छे मौके दिए जिससे हर जगह अनुभव मिल सका। सवाल: आपने 2020 से बॉडी ट्रांसफॉर्मेशन की शुरुआत की 2026 में आश्चर्यजनक रिजल्ट के साथ हैं, यह कैसे संभव हुआ? इसके पीछे की क्या कहानी है? जवाब: इसकी शुरुआत कोरोना महामारी के बाद हुई। फील्ड में काम करते हुए मुझे कोरोना हो गया था। इस दौरान मैं वीक हो गया था। इस एपिडेमिक में पूरे वर्ल्ड का मेंटल लेवल डिस्टर्ब था। कोरोना से रिकवर होने के बाद मैंने खुद पर ध्यान देना शुरू किया। जिम और बॉडी बनाने का मुझे कोई अनुभव नहीं था। शुरुआत में मुझे हफ्ते-10 दिन में कई इंजरी भी हुई। 2024 में मेरी मेजर सर्जरी हुई। जिससे करीब 1 साल तक में वर्कआउट से दूर रहा। मेरे लिए अब टर्निंग पॉइंट 2025 बना जब मैं अपना ब्लड टेस्ट कराया तो उसमें कई पैरामीटर में स्थिति खराब थी। मुझे चिंता हो गई लेकिन घर वालों ने साथ दिया मेरी वाइफ ने भी सपोर्ट किया। जून 2025 से मैंने अपनी फिटनेस जर्नी की फिर शुरुआत की। 1 जनवरी 2026 को नए साल में मैंने संकल्प लिया जैसे आमतौर पर लोग लेते हैं। खुद के लिए एक टारगेट सेट किया कि जून 2026 तक बॉडी ट्रांसफॉर्मेशन वाला फिजिक्स बनाऊंगा। फिर इसके लिए काम करना चालू कर दिया। सवाल: ज्यादातर लोग वर्क लाइफ-बैलेंस की बात करते हैं, आपने इसे कैसे मैनेज किया? जवाब: पहले मैं सुबह 7 बजे उठता था जिसे मैं 5-5:30 बजे किया। सुबह मुझे डेढ़ घंटे अतिरिक्त मिले जिससे मैं फिटनेस के लिए दिया। सुबह उठकर जिम जाना शुरू किया। जिस दिन भर एनर्जी भी रहती थी। जिम के अलावा डाइट पर भी फोकस किया। सवाल: आप अपने डाइट शेड्यूल के बारे में बताइए? वेज ओर नॉनवेज को लेकर भी लोगों का अक्सर सवाल होता है। जवाब: दुनिया में शायद एक भी व्यक्ति नहीं है जो फिट नहीं होना चाहता होगा। कई बार हम अपनी डाइट में सुधार भी करते हैं लेकिन 4-5 दिनों बाद फिर वापस जंक फूड खाने लग जाते हैं। हम लोगों की एक आदत होती है। जितनी हमारी बॉडी की रिक्वायरमेंट है उसे हम ज्यादा खाते हैं, जबकि रिक्वायरमेंट से हमें कम खाना चाहिए। इसे समझने की आवश्यकता है। डाइट को लेकर दूसरा पॉइंट है कि हम खुद को बाहर से देखते हैं, लेकिन हमें अंदर से देखना है। आप अपना ब्लड टेस्ट बॉडी चेकअप करवाएंगे तो आपको कमियों का पता चलेगा। आप देखते हैं कि जिम में भी बहुत सारी हार्ट अटैक जैसी घटनाएं घटती है। इन सभी के लिए डॉक्टर की सलाह जरूरी है। फिटनेस की जर्नी केवल फिजिकल नहीं होती बल्कि मेंटल लेवल पर भी होती हैं। अगर बात वेज और नॉनवेज की बात करें तो उससे ज्यादा जरूरी है कि आप कोई भी खाने में कितना कैलोरी ले रहे हैं। उसमें प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कितनी है। वेजीटेरियन लोगों के लिए शुद्ध पनीर सोयाबीन बड़ी एक अच्छा विकल्प है। वहीं यदि जिम में प्रोटीन पाउडर लेते हैं तो पहले डॉक्टर से कंसल्ट करना चाहिए। सप्लीमेंट की बॉडी को कितनी जरूरत है यह आपको पता होना चाहिए। सवाल: आपने फिटनेस जर्नी के साथ ऑफिस के काम को कैसे मैनेज किया? जवाब: हर शासकीय सेवकों के लिए थोड़ा मुश्किल होता है, उन्हें समय पर कार्यालय पहुंचना होता है। इस वजह से मैंने जिम के लिए सुबह का समय चुना था। सुबह जिम कर 10 बजे तक कार्यालय पहुंचने में आसानी हुई। रात को जल्दी सोने और सुबह जल्दी उठने की आदत को रूटीन में लाया। इसके अलावा ई-ऑफिस सिस्टम की वजह से फाइल को निपटानें का भी तनाव नहीं रहा। इससे फिजिकल फाइल वाला टेंशन कम हो गया। मुझे लगता है आप 8 से 9 घंटे प्लानिंग से काम कर ले तो इससे ज्यादा जरूरत नहीं है। सवाल: आपने जो ट्रांसफॉर्म किया उसके लिए पर्सनल ट्रेनर से गाइडेंस लिए? जवाब: जी मैंने शुरू से पर्सनल ट्रेनर लिया। इसके पीछे मकसद यह था कि एक्सरसाइज करते समय किसी प्रकार की इंजरी ना हो। पर्सनल ट्रेनर होने से इसके चांसेस काम हो जाते हैं वह आपको गाइड कर देते हैं। कई लोगों की बॉडी ट्रांसफॉर्म करने के पीछे कहानी होती है, यह कोई ऐसा इंसिडेंट होता है जिसके बाद व्यक्ति खुद को बदल लेते हैं आपके साथ ऐसी कोई बात रही क्या? जैसा मैंने बताया था कोरोना के समय व्यक्ति फिजिकली मेंटली बहुत प्रभावित रहा। मेरे घर पर भी मुझे मेरी पत्नी बच्चों और माता-पिता को कोरोना हुआ था। इस बीच फिट इंडिया मूवमेंट भी प्रधानमंत्री ने चालू किया। इससे घर के लोग जागरूक हुए वह भी योगा करने लगे। इस दौरान मैंने भी खुद को फिट करने का सोचा और रिजल्ट आप देख सकते हैं। सवाल: आजकल के यंगस्टर्स का कहना है कि अभी हमारे खाने पीने की उम्र है और वह खुद को रोक नहीं पाते। ऐसी स्थिति में उनको क्या करना चाहिए? जवाब: देखा जाए तो जंक फूड बेकार फूड ही है। लेकिन वह टेस्टी रहता है इस वजह से लोग खा रहे हैं। जंक फूड से कंट्रोल नहीं कर पा रहे हैं, तो कम से कम खाएं इसके अंतराल को आप धीरे-धीरे बढ़ा सकते हैं। इसके अलावा कोशिश करें कि वह चीज घर पर बनाई जा सके। हम लोग अक्सर घर के सामान्य खाने को डाइट बोल देते हैं। लेकिन वही तो मुख्य भोजन है। सवाल: आपने जिम जाने से पहले कोई ऐसी चीज त्याग दी हो जैसे शक्कर खाना बंद कर देना। जवाब: यह बात सही है एक्सरसाइज की जर्नी में मैंने शक्कर खाना लगभग बंद कर दिया है। लेकिन घर पर कुछ पार्टी होती है तो ऐसी स्थिति में थोड़ा बहुत खा लेता हूं। यदि कोई चीज बिल्कुल नहीं खाएंगे तो क्रेविंग और बढ़ती है। जब मौका मिलता है तो व्यक्ति बहुत ज्यादा खा लेता है जो सही नहीं है। सवाल: जिम जाने के दौरान क्या आपको आलस लगता था, आज जिम नहीं जाता ऐसी कंडीशन पर आप क्या करते थे। जवाब: अगर सच बताऊं तो मुझे जिम जाना बहुत पसंद है, शायद ही कोई दिन मिस किया होगा, यदि मुझे मेजर इंजरी है, तो मैं दवा खाकर जिम जाता था। कई बार मन में आता था लेकिन ट्रेनर का फोन आ जाता था। सवाल: यूथ के लिए दो-तीन टिप्स जो उनके बॉडी ट्रांसफॉरमेशन और एजुकेशन दोनों के लिए जरूरी होंगे। जवाब: किसी भी चीज को पाने के लिए सबसे पहले डिसिप्लिन बनाए। इसे सख्ती से पालन कीजिए। इसी तरह डेली का शेड्यूल बनाकर उस पर चलना चाहिए। दूसरी बड़ी बात निरंतरता की है। मेरे टिप्स यूथ के अलावा 40 प्लस के लोगों के लिए भी है। हमें भी हार नहीं माननी चाहिए और अपने लिए ध्यान देना चाहिए।
