छत्तीसगढ़ बिलासपुर में सोमवार को दिनभर तेज धूप और भीषण गर्मी के बाद शाम को आंधी-तूफान के साथ झमाझम बारिश हुई। पहली ही तेज बारिश में कई सड़कों और मोहल्लों में जलभराव हो गया। तेज आंधी के कारण शहर की बिजली व्यवस्था भी पूरी तरह चरमरा गई। आधे से ज्यादा शहर घंटों अंधेरे में डूबा रहा। कलेक्टर, कमिश्नर, जज और शहर विधायक के बंगले वाले वीआईपी इलाके में भी रात 11 बजे तक बिजली बहाल नहीं हो सकी। सोमवार को बिलासपुर का अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4.9 डिग्री अधिक रहा। हालांकि, देर शाम हुई बारिश से लोगों को गर्मी और उमस से कुछ राहत मिली। इसके साथ ही जून में आठवीं बार बिलासपुर प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा। पूरे महीने केवल 16.1 मिमी बारिश दर्ज होने के कारण गर्मी का असर बना रहा। बीते 13 दिनों में 8 दिन शहर प्रदेश में सबसे अधिक गर्म रहा। मौसम विभाग के अनुसार, सक्रिय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से आज भी गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। आंधी-बारिश के बाद की ये तस्वीरें देखिए- पहली ही बारिश में सड़कों पर भरा नालियों का पानी नगर निगम ने नालियों और नालों की तीन-तीन बार सफाई कराने का दावा किया था, लेकिन सोमवार की पहली तेज बारिश में कई प्रमुख सड़कें, चौराहे और रिहायशी इलाके जलमग्न हो गए। कई स्थानों पर पानी निकासी नहीं होने से सड़कें तालाब जैसी नजर आईं। इससे लोगों और व्यापारियों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। नगर निगम का कहना है कि नालों की सफाई पहले ही कराई जा चुकी थी। वहीं, महापौर ने सभी जोन कमिश्नरों को अपने-अपने क्षेत्रों का निरीक्षण कर जलभराव वाले स्थानों की रिपोर्ट देने और आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर बंगले के पास सड़क पर गिरा पेड़, कार डैमेज तेज आंधी के दौरान कलेक्टर बंगले के पास एक बड़ा पेड़ सड़क पर गिर गया। इसकी चपेट में आने से एक कार क्षतिग्रस्त हो गई। हालांकि, कार में सवार लोग सुरक्षित रहे। पेड़ गिरने से बिजली के तार भी टूट गए, जिससे पूरे इलाके की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। VIP इलाके से लेकर अरपा पार तक छाया अंधेरा तेज आंधी और बारिश के कारण शहर की बिजली व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई। आधे से ज्यादा शहर घंटों अंधेरे में डूबा रहा। कलेक्टर, कमिश्नर, जजों और शहर विधायक के बंगले वाले वीआईपी इलाके में भी रात 11 बजे तक बिजली बहाल नहीं हो सकी। कलेक्टर बंगले के पास 11 केवी की हाई वोल्टेज लाइन टूटने से पूरा वीआईपी इलाका प्रभावित हुआ। वहीं, तिफरा और मोपका सबस्टेशन से निकलने वाली 33 केवी मेन लाइन भी ब्रेकडाउन हो गई। बिरकोना से चांटीडीह के बीच 11 केवी लाइन के नौ इंसुलेटर एक साथ फट गए, जिससे अरपा पार के क्षेत्रों में रात 10 बजे तक बिजली आपूर्ति ठप रही। इसके अलावा शनिचरी सबस्टेशन का करंट ट्रांसफार्मर (सीटी) फटने से आसपास के इलाकों में करीब चार घंटे तक बिजली बंद रही। पेड़ हटाने में जुटा निगम का अमला आईजी तिराहा के पास भी एक बड़ा पेड़ बिजली के तारों पर गिर गया, जिससे एक कार डैमेज हो गई। नेहरू नगर डिवीजन और गोलबाजार जोन की टीम देर रात तक पेड़ हटाने और बिजली लाइन दुरुस्त करने में जुटी रही। शहर के अधिकांश इलाकों में बंद रही बिजली सरकंडा, मंगला, नेहरू नगर, कुदुदंड, अमन विहार, अल्का एवेन्यू, दीनदयाल कॉलोनी, गोलबाजार, मसानगंज, हेमूनगर, विद्यानगर, राजीव प्लाजा, टिकरापारा, गणेश नगर, अयोध्या नगर, 27 खोली, दयालबंद, व्यापार विहार और इमलीभाठा सहित शहर के अधिकांश इलाकों में देर रात तक बिजली बंद रही।
