छत्तीसगढ़ में अगले 24 घंटे तक हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा। रायपुर में सुबह कई इलाकों में तेज बारिश हुई, वहीं बिलासपुर सोमवार शाम आंधी-तूफान के साथ हुई तेज बारिश से कई इलाकों में जलभराव हो गया। कलेक्टर बंगले के पास एक बड़ा पेड़ गिरने से कार डैमेज हो गई, हालांकि कार सवार सुरक्षित बच गए। पेड़ गिरने से बिजली के तार टूटने के कारण पूरे इलाके की बत्ती गुल हो गई। रायगढ़ में अच्छी बारिश हुई। मौसम विभाग के मुताबिक, 1 जुलाई से पूरे प्रदेश में बारिश की गतिविधियां और तेज होंगी। अगले एक सप्ताह तक अलग-अलग इलाकों में मध्यम से भारी बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। इस बीच सरगुजा जिले के डुमकी गांव में बिजली गिरने से दो बच्चों समेत तीन लोगों की मौत हो गई। हादसे के वक्त सागर (5), रानी (9) और राम साय (36) आम बीनने के लिए पेड़ के नीचे खड़े थे, तभी बिजली गिरने से चपेट में आए तीनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं, सागर की 12 वर्षीय बड़ी बहन श्रद्धा गंभीर रूप से झुलस गई है, जिसका इलाज जारी है। दूसरी तरफ, प्रदेश में मानसून की रफ्तार अब भी बेहद धीमी है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, छत्तीसगढ़ में 30 जून तक सामान्य तौर पर 178.4 मिमी (7.0 इंच) बारिश हो जानी चाहिए थी, लेकिन अब तक महज 60.02 मिमी (2.3 इंच) बारिश ही रिकॉर्ड की गई है। यानी फिलहाल पूरा प्रदेश सामान्य से करीब 66% कम बारिश की कमी से जूझ रहा है। बारिश की ये तस्वीरें देखिए… आधे शहर की बत्ती गुल, वीआईपी इलाके भी प्रभावित तेज आंधी-बारिश से बिलासपुर की बिजली व्यवस्था चरमरा गई और आधा शहर घंटों अंधेरे में डूबा रहा। कलेक्टर, कमिश्नर और विधायक के वीआईपी इलाकों में भी रात 11 बजे तक बिजली नहीं आ सकी। कलेक्टर बंगले के पास 11 केवी लाइन टूटने और तिफरा-मोपका की 33 केवी मेन लाइन ब्रेकडाउन होने से संकट और बढ़ गया। इंसुलेटर फटे और ट्रांसफार्मर हुआ ब्लास्ट बिरकोना से चांटीडीह के बीच 11 केवी लाइन के एक साथ 9 इंसुलेटर फट गए, जिससे अरपा पार के क्षेत्रों में रात 10 बजे तक ब्लैकआउट रहा। इसके अलावा शनिचरी सबस्टेशन का करंट ट्रांसफार्मर फटने से आसपास के इलाकों में करीब चार घंटे तक बिजली ठप रही। रायपुर का मौसम रायपुर में आज (मंगलवार) बादल छाए रहेंगे। गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। अधिकतम तापमान 35°C और न्यूनतम तापमान 25°C के आसपास रहने का अनुमान है। अब तक 18 से ज्यादा जिलों में पहुंचा मानसून मानसून अब तक 18 से ज्यादा जिलों में पहुंच चुका है। इनमें मुख्य रूप से रायपुर, दुर्ग, धमतरी, गरियाबंद, महासमुंद, बलौदाबाजार, बेमेतरा, कबीरधाम, राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर, बस्तर, दंतेवाड़ा सुकमा, बीजापुर शामिल हैं। इन जिलों में एंट्री बाकी सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर, कोरिया, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, जशपुर, कोरबा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बिलासपुर, मुंगेली, जांजगीर-चांपा, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़ और रायगढ़ में मानसून नहीं पहुंचा है। इन जिलों में अगले 48 घंटों में मानसून एंट्री कर सकता है। हालांकि, इन जिलों में प्री-मानसून की बारिश हो रही है, लेकिन IMD ने आधिकारिक तौर पर मानसून के पहुंचने की घोषणा इन जिलों में नहीं की है। बस्तर में सबसे बेहतर स्थिति, फिर भी 54% तक कम वर्षा प्रदेश में मानसून की पहली दस्तक का असर सबसे पहले बस्तर संभाग में दिखाई दे रहा है, लेकिन इसके बावजूद यहां सामान्य से कम पानी गिरा है: बस्तर जिला: यहां स्थिति सबसे बेहतर है। 142.7 मिमी सामान्य बारिश के मुकाबले 74.8 मिमी वर्षा हुई है (48% कम) दंतेवाड़ा: 107.7 मिमी सामान्य के मुकाबले 49.9 मिमी बारिश दर्ज हुई है (54% कम) सुकमा: यहां 60.3 मिमी पानी गिरा है, जो सामान्य से 54% कम है। कोंडागांव, बीजापुर: कोंडागांव में 51.9 मिमी और बीजापुर में 28 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। मध्य छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा चिंता रायपुर: 90.1 मिमी के मुकाबले 25.3 मिमी बारिश, 72% कम
धमतरी: 112.6 मिमी के मुकाबले 34.2 मिमी
दुर्ग: 113.9 मिमी के मुकाबले 34.2 मिमी
महासमुंद: 105.4 मिमी के मुकाबले 20.7 मिमी
बलौदाबाजार: 81.3 मिमी के मुकाबले सिर्फ 14 मिमी कई जिलों में 80% से ज्यादा बारिश की कमी राजनांदगांव: 100.3 मिमी के मुकाबले 8.3 मिमी, 92% कम (सबसे गंभीर स्थिति)
मोहला-मानपुर-चौकी: 95% कम
बलौदाबाजार और सारंगढ़-बिलाईगढ़: 83% कमी
सक्ती: 83% कम
