छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में मछली कारोबारी की मजदूरों ने हत्या कर दी। मजदूरी बढ़ाने की मांग पूरी नहीं होने और कारोबारी के बर्ताव से नाराज मजदूरों ने उस पर चाकू से 40 से अधिक बार वार कर उसकी हत्या कर दी। हमले में कारोबारी के शरीर पर कई जगह चोट के निशान मिले। यहां तक उसकी अतड़ियां भी बाहर आ गई थी। वारदात के बाद आरोपी 37 हजार रुपए लेकर फरार हो गए। पुलिस ने मामले की जांच के बाद दो नाबालिगों समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है। यह मामला नगरी थाना क्षेत्र के गोरेगांव गांव का है। पहले देखिए तस्वीरें अब जानिए पूरा मामला यह वारदात 27 जून की रात हुई। जानकारी के अनुसार, विपलभ मंडल (55) गरियाबंद जिले के बोइरगांव दर्रीपारा में रहकर मछली का कारोबार करते थे। घटना के समय वह अपने साथी चुम्मन यादव के साथ दुकान बंद कर घर लौट रहे थे। गोरेगांव के पास पहले से घात लगाए हमलावरों ने उनका रास्ता रोक लिया। हमलावरों ने पहले विपलभ मंडल के सिर पर हमला किया। इसके बाद उनके साथी चुम्मन यादव की आंखों में मिर्च पाउडर झोंक दिया। चुम्मन किसी तरह जान बचाकर मौके से भाग निकले। इसके बाद आरोपियों ने विपलभ मंडल पर दो चाकुओं से लगातार 40 से अधिक बार हमला किया और उनके शरीर पर 40 से अधिक वार किए। घटना की जानकारी मिलने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और गंभीर रूप से घायल कारोबारी को नगरी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू की। जांच में पता चला कि मछली कारोबारी की हत्या उनके फिश फार्म में काम करने वाले मजदूरों ने की है। दो नाबालिगों समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार ने बताया कि मृतक विप्लव मंडल एक निजी फिश फार्म चलाते थे और गिरफ्तार सभी आरोपी वहीं मजदूरी करते थे। मजदूरों ने मजदूरी बढ़ाने की मांग की थी, लेकिन उनकी बात नहीं मानी गई। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों का यह भी कहना है कि कारोबारी अक्सर उनके साथ गलत तरीके से पेश आते थे और गाली-गलौज करते थे। इसी बात को लेकर वे काफी समय से नाराज थे। पुलिस के अनुसार, इसी रंजिश में आरोपियों ने 25 जून 2026 को हत्या की योजना बनाई थी, लेकिन उस दिन वे अपने इरादे में सफल नहीं हो सके। पुलिस के मुताबिक, 25 जून को योजना पूरी नहीं होने के बाद आरोपियों ने 27 जून को हत्या और लूट की वारदात को अंजाम देने का फैसला किया। उन्होंने पहले से मृतक की हर गतिविधि पर नजर रखी। जैसे ही पता चला कि वह नगरी बाजार से मछली बेचकर लौट रहा है, सभी आरोपी गोरेगांव-भैंसमुड़ा रोड के सुनसान जंगल में छिपकर उसका इंतजार करने लगे। वहां पहुंचते ही उन्होंने लकड़ी के डंडों और धारदार हथियारों से हमला कर उसकी हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी मछली बेचकर मिले 37 हजार रुपए और मृतक का मोबाइल लेकर फरार हो गए। बाद में उन्होंने लूट की रकम आपस में बांट ली। जांच के दौरान पुलिस ने टंकेश्वर नेताम उर्फ मयंक नेताम (19), सुरेंद्र यादव (26) और जगदीश विश्वकर्मा (50) को गिरफ्तार कर लिया। तीनों गरियाबंद जिले के मैनपुर थाना क्षेत्र के बोईरगांव के रहने वाले हैं। गिरफ्तार आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेजा जा रहा है। वहीं, इस मामले में शामिल दो नाबालिगों को किशोर न्याय बोर्ड के सामने पेश किया जाएगा। पुलिस ने आरोपियों और नाबालिगों के कब्जे से लूटी गई कुल 37,800 रुपए, 6 मोबाइल फोन, 2 लोहे के चाकू और 2 मोटरसाइकिलें जब्त की हैं।
