3 महीने का बेटा लेकर मीटिंग में पहुंचीं मिनिस्टर VIDEO:स्वीडन की मंत्री ने बच्चे को गोद में लेकर स्पीच दी; कहा- मां बनने से करियर नहीं रुकता

स्वीडन की जलवायु मंत्री रोमिना पोरमोख्तारी अपने तीन महीने के बेटे एडम को लेकर यूरोपीय संघ (EU) के जलवायु मंत्रियों की बैठक में पहुंचीं। लक्जमबर्ग में गुरुवार को हुई इस बैठक का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में रोमिना अपने बेटे को गोद में लेकर मीटिंग में हिस्सा लेती और भाषण देती नजर आ रही हैं। इस दौरान वह बच्चे को शांत भी कराती रहीं, लेकिन साथ ही बैठक में अपनी बात भी रखती रहीं। रॉयटर्स से बातचीत में पोरमोख्तारी ने कहा कि उन्होंने जानबूझकर ऐसा किया, ताकि यह मैसेज दिया जा सके कि महिलाओं को करियर और परिवार में से किसी एक को चुनने के लिए मजबूर नहीं होना चाहिए। उनका कहना था कि मां बनने का मतलब यह नहीं है कि किसी महिला का करियर रुक जाए। EU काउंसिल के एक अधिकारी के मुताबिक, उनकी जानकारी में पहली बार किसी EU मंत्रियों की बैठक में एक बच्चा शामिल हुआ है। बेटे के साथ EU मीटिंग में रोमिना… देखिए 2 तस्वीरें सोशल मीडिया पर लोगों ने मंत्री की सरहाना की सोशल मीडिया पर कई लोगों ने स्वीडन की मंत्री के इस कदम की तारीफ की है। लोगों ने इसे कामकाजी महिलाओं के लिए प्रेरणादायक बताया। उनका कहना है कि मां बनने के बाद भी महिलाएं परिवार और करियर दोनों की जिम्मेदारियां एक साथ निभा सकती हैं। बैठक से पहले पत्रकारों से बातचीत में रोमिना पोरमोख्तारी ने कहा कि वह यही मैसेज देना चाहती हैं कि मां बनने के बाद भी महिलाएं सार्वजनिक जीवन और नौकरी में सक्रिय रह सकती हैं। उन्होंने कहा कि यूरोप में परिवार के हित में बनाई गई नीतियां माता-पिता को बच्चों की देखभाल और काम के बीच बेहतर संतुलन बनाने में मदद करती हैं। रोमिना ने अपने पार्टनर का जिक्र करते हुए कहा, “सिर्फ सरकार की नीतियां ही काफी नहीं होतीं। इसके लिए ऐसा साथी भी होना चाहिए, जो पुराने विचारों वाला न हो, बल्कि आधुनिक सोच रखता हो और जिम्मेदारी निभाने के लिए तैयार हो।” उन्होंने कहा कि अब स्वीडन में पिता का बच्चे की देखभाल के लिए घर पर रहना पहले जितना असामान्य या विवादित नहीं माना जाता। यह बदलाव देश की पारिवारिक नीतियों और समाज की बदलती सोच का नतीजा है। पोरमोख्तारी स्वीडन की सबसे युवा मंत्री हैं रोमिना पोरमोख्तारी 2022 में सासंद बनी थीं। उसे साल उन्हें सरकार में मंत्री बनाया गया। उस समय वह देश के इतिहास की सबसे कम उम्र की मंत्री बनी थीं। हाल ही में वह पैरेंटल लीव पूरी कर काम पर लौटी हैं। उनके पति फिलहाल स्वीडन में सितंबर में होने वाले चुनाव तक पैरेंटल लीव पर हैं। वह भी लक्जमबर्ग पहुंचे थे और बैठक के दौरान एडम की देखभाल कर रहे थे। पोरमोख्तारी का कहना है कि उनके सहयोगियों का समर्थन भी इसे आसान बनाता है। स्वीडन में माता-पिता बनने पर 16 महीने की पेड लीव स्वीडन उन देशों में शामिल है जहां माता-पिता को बच्चों की देखभाल के लिए सबसे ज्यादा सुविधाएं मिलती हैं। इन सुविधाओं का खर्च सरकार उठाती है और इन दिनों यह मुद्दा वहां चुनावी बहस का भी हिस्सा बना हुआ है। स्वीडन में माता-पिता को बच्चे के जन्म के बाद करीब 16 महीने की सवेतन छुट्टी (पेड लीव) मिलती है। इसमें 90 दिन सिर्फ मां के लिए और 90 दिन सिर्फ पिता के लिए तय होते हैं। बाकी करीब 300 दिन दोनों अपनी जरूरत के हिसाब से आपस में बांट सकते हैं। ये छुट्टियां एक-दूसरे को नहीं दी जा सकतीं। अगर कोई अपनी तय छुट्टी नहीं लेता, तो वह खत्म हो जाती है। पिता के लिए तय इन छुट्टियों को आमतौर पर ‘डैड मंथ्स’ कहा जाता है। इसका मकसद यह है कि पिता भी बच्चों की परवरिश में बराबर की जिम्मेदारी निभाएं। इटली, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया में भी ऐसे उदाहरण 2010: इटली की सांसद बच्ची को लेकर यूरोपीय संसद पहुंचीं इटली की यूरोपीय सांसद लिसिया रोंजुली अपनी छह हफ्ते की बेटी विट्टोरिया को गोद में लेकर यूरोपीय संसद की कार्यवाही में शामिल हुई थीं। उस दौरान उनकी बच्ची उनकी गोद में ही बैठी रही, जबकि रोंजुली संसद में वोटिंग और बहस में हिस्सा लेती रहीं। तब पहली बार था जब कोई सांसद यूरोपीय संसद की कार्यवाही में शामिल हुई। बाद में भी वह कई मौके पर ऐसा करती नजर आईं। 2018: न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री 3 महीने की बेटी के साथ UN पहुंचीं सितंबर 2018 में न्यूजीलैंड की तत्कालीन प्रधानमंत्री जेसिंडा आर्डर्न अपनी तीन महीने की बेटी नेवे को लेकर संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) पहुंची थीं। ऐसा करने वाली वह दुनिया की पहली निर्वाचित महिला प्रधानमंत्री बनी थीं। उस समय उनके पार्टनर क्लार्क गेफोर्ड भी न्यूयॉर्क गए थे और बैठकों के दौरान बेटी की देखभाल करते थे। जेसिंडा ने कहा था कि मां बनने के बाद भी महिलाएं दुनिया की सबसे बड़ी जिम्मेदारियां निभा सकती हैं। 2017: ऑस्ट्रेलियाई सांसद ने संसद में बच्चे को स्तनपान कराया जून 2017 में ऑस्ट्रेलिया की सीनेटर लारिसा वॉटर्स ने संसद की कार्यवाही के दौरान अपनी दो महीने की बेटी आलिया जॉय को स्तनपान कराते हुए भाषण दिया था। उस समय ऑस्ट्रेलिया ने हाल ही में संसद में स्तनपान कराने की अनुमति देने वाला नियम लागू किया था। उनकी तस्वीरें दुनियाभर में वायरल हुईं और उन्हें कामकाजी माताओं के लिए एक मजबूत संदेश माना गया। ——————– ये खबर भी पढ़ीं… अमेरिका में बच्ची से रेप केस में स्नैपचैट पर मुकदमा:इसके फीचर से रेपिस्ट बच्ची तक पहुंचा, भारत में इसके 25 करोड़ एक्टिव मंथली यूजरॉ सोशल मीडिया एप स्नैपचैट की मूल कंपनी स्नैप पर अमेरिका के मिसौरी में मुकदमा दायर किया गया है। इस मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि प्लेटफॉर्म 12 साल की बच्ची के बलात्कार के लिए जिम्मेदार है। आरोप लगाया गया है कि स्नैपचैट के क्विक एड और स्नैप मैप जैसे फीचर्स के जरिए आरोपी गैब्रियल जोएल वैलेंटीन-रियोस ने जेएफ नाम की लड़की को शिकार बनाया। पूरी खबर पढ़ें…

More From Author

अनऑफिशियल टेस्ट, भारत-ए ने पहली पारी 452/6 पर डिक्लेयर की:श्रीलंका-ए के खिलाफ जुरेल-सुदर्शन के शतक, चमिका गुणशेखरा को 3 विकेट

मुहर्रम पर या हुसैन के नारों संग निकला मातमी जुलूस:रायपुर में तात्यापारा से राजकुमार कॉलेज तक जाम, दुर्ग में भी कड़ी सुरक्षा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *