बलरामपुर में बिजली गिरने से 2 मौतें:3-4 दिन में पूरे प्रदेश को कवर करेगा मानसून, 7 दिन गरज-चमक, बिजली गिरने का अलर्ट

छत्तीसगढ़ में अगले कुछ दिनों में मानसून की एक्टिविटी और तेज होने के आसार हैं। फिलहाल मानसून प्रदेश के करीब 80% हिस्से को कवर कर चुका है, जबकि मौसम विभाग के अनुसार अगले 3 से 4 दिनों में इसके बाकी क्षेत्रों में एंट्री हो सकती है। इधर, बलरामपुर जिले के चांदो थाना क्षेत्र के कंदरी गांव में बुधवार शाम बिजली गिरने से दो युवकों की मौत हो गई। दोनों युवक बारिश से बचने के लिए एक पेड़ के नीचे खड़े थे, तभी दोनों बिजली के चपेट में आ गए। मौसम विभाग ने अगले 7 दिनों तक प्रदेश के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश और बिजली गिरने की आशंका जताई है। लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े नहीं होने की अपील की गई है। पिछले 24 घंटे में प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। वहीं, अधिकतम तापमान 39.4 डिग्री सेल्सियस बिलासपुर में रिकॉर्ड किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस पेंड्रा रोड में दर्ज हुआ। अब तक 18 से जिलों में पहुंचा मानसून मानसून ने अब तक 18 से अधिक जिलों में स्ट्राइक किया है। इनमें मुख्य रूप से रायपुर, दुर्ग, धमतरी, गरियाबंद, महासमुंद, बलौदाबाजार, बेमेतरा, कबीरधाम, राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर, बस्तर, दंतेवाड़ा सुकमा, बीजापुर शामिल हैं। इन जिलों में एंट्री बाकी सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर, कोरिया, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, जशपुर, कोरबा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बिलासपुर, मुंगेली, जांजगीर-चांपा, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़, रायगढ़। इन जिलों में अगले 48 घंटों में मानसून एंट्री कर सकता है। हालांकि, इन जिलों में प्री-मानसून की बारिश हो रही है, लेकिन IMD ने आधिकारिक तौर पर मानसून के पहुंचने की घोषणा इन जिलों में नहीं की है। बस्तर में सबसे बेहतर स्थिति; फिर भी 54% तक कम वर्षा प्रदेश में मानसून की पहली दस्तक का असर सबसे पहले बस्तर संभाग में दिखाई दे रहा है, लेकिन इसके बावजूद यहां सामान्य से कम पानी गिरा है: बस्तर जिला: यहां स्थिति सबसे बेहतर है। 142.7 मिमी सामान्य बारिश के मुकाबले 74.8 मिमी वर्षा हुई है (48% कम) दंतेवाड़ा: 107.7 मिमी सामान्य के मुकाबले 49.9 मिमी बारिश दर्ज हुई है (54% कम) सुकमा: यहां 60.3 मिमी पानी गिरा है, जो सामान्य से 54% कम है। कोंडागांव, बीजापुर: कोंडागांव में 51.9 मिमी और बीजापुर में 28 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। मध्य छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा चिंता रायपुर: 90.1 मिमी के मुकाबले 25.3 मिमी बारिश, 72% कम
धमतरी: 112.6 मिमी के मुकाबले 34.2 मिमी
दुर्ग: 113.9 मिमी के मुकाबले 34.2 मिमी
महासमुंद: 105.4 मिमी के मुकाबले 20.7 मिमी
बलौदाबाजार: 81.3 मिमी के मुकाबले सिर्फ 14 मिमी कई जिलों में 80% से ज्यादा बारिश की कमी राजनांदगांव: 100.3 मिमी के मुकाबले 8.3 मिमी, 92% कम (सबसे गंभीर स्थिति)
मोहला-मानपुर-चौकी: 95% कम
बलौदाबाजार व सारंगढ़-बिलाईगढ़: 83% कमी
सक्ती: 83% कम खरीफ सीजन के लिए अगले 10 दिन अहम प्रदेश में मानसून देर से आने और कमजोर होने के कारण बारिश बहुत कम हुई है। इस वजह से ज्यादातर जिलों में अभी तक बोनी (बुवाई) के लायक खेतों में जरूरी नमी नहीं बन पाई है। रायपुर का मौसम रायपुर में आज (शुक्रवार) बादल छाए रहने, गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। शहर का अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। INSAT इमेज ने दिए बारिश के संकेत IMD के INSAT सैटेलाइट की इन्फ्रारेड (IR) तस्वीरों से पता चलता है कि छत्तीसगढ़ में बादलों की गतिविधि लगातार बढ़ रही है। प्रदेश के उत्तर और दक्षिण हिस्सों में सक्रिय बादल बने हुए हैं, जबकि मध्य क्षेत्र में भी नमी पहुंच रही है। इसी वजह से मौसम विभाग ने अगले 7 दिनों तक गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है। साथ ही 27 जून से पूरे प्रदेश में बारिश की गतिविधियां और तेज होने का अनुमान है। सैटेलाइट इमेज के अनुसार छत्तीसगढ़ में मौसम की स्थिति सरगुजा, बलरामपुर और जशपुर में घने बादल छाए हुए हैं। यहां गरज-चमक के साथ अच्छी बारिश होने की संभावना है। बस्तर संभाग के दक्षिणी हिस्से में भी घने बादल हैं। यहां तेज बारिश और आकाशीय बिजली गिर सकती है। रायपुर, दुर्ग, धमतरी और महासमुंद में बादल छिटपुट हैं। इन इलाकों में कुछ जगह हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। बिलासपुर और आसपास बादल अपेक्षाकृत कम हैं। इसलिए यहां बारिश की संभावना बाकी इलाकों के मुकाबले कम है।

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