दो दिन बारिश-बिजली गिरने का अलर्ट:आधे छत्तीसगढ़ में पहुंचा मानसून; बाकी हिस्सों को 24 घंटे में कवर करेगा, कोटे से 65% कम बरसा पानी

दक्षिण-पश्चिम मानसून ने छत्तीसगढ़ में अपनी रफ्तार बढ़ा दी है। मानसून प्रदेश के मध्य और दक्षिणी हिस्सों तक पहुंच चुका है, जबकि उत्तर और उत्तर-पश्चिम क्षेत्रों के कुछ जिलों को अगले 24 घंटों में कवर कर लेगा। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए भी प्रदेश के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश हुई, जबकि दंतेवाड़ा और रायगढ़ जिले में भारी वर्षा दर्ज की गई। बारिश के बावजूद बुधवार को बिलासपुर प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं राजनांदगांव में न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो प्रदेश में सबसे कम रहा। हालांकि मानसून इस बार सामान्य से करीब 7 दिन की देरी से छत्तीसगढ़ पहुंचा है। इसका असर बारिश के आंकड़ों पर भी दिख रहा है। 1 जून से अब तक प्रदेश में 127.8 मिमी (5 इंच) बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन केवल 44.8 मिमी (1.7 इंच) वर्षा हुई है। 18 जिलों में पहुंचा मानसून रायपुर, दुर्ग, धमतरी, गरियाबंद, महासमुंद, बलौदाबाजार, बेमेतरा, कबीरधाम, राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर, बस्तर, दंतेवाड़ा
सुकमा, बीजापुर। इन जिलों में एंट्री बाकी सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर, कोरिया, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, जशपुर, कोरबा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बिलासपुर, मुंगेली, जांजगीर-चांपा, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़, रायगढ़। इन जिलों में अगले 2 4 घंटों मानसून एंट्री कर सकता है। हालांकि, इन जिलों में प्री-मानसून की बारिश हो रही है, लेकिन IMD ने आधिकारिक तौर पर मानसून के पहुंचने की घोषणा इन जिलों में नहीं की है। बस्तर में सबसे बेहतर स्थिति; फिर भी 54% तक कम वर्षा प्रदेश में मानसून की पहली दस्तक का असर सबसे पहले बस्तर संभाग में दिखाई दे रहा है, लेकिन इसके बावजूद यहां सामान्य से कम पानी गिरा है: बस्तर जिला: यहां स्थिति सबसे बेहतर है। 142.7 मिमी सामान्य बारिश के मुकाबले 74.8 मिमी वर्षा हुई है (48% कम) दंतेवाड़ा: 107.7 मिमी सामान्य के मुकाबले 49.9 मिमी बारिश दर्ज हुई है (54% कम) सुकमा: यहां 60.3 मिमी पानी गिरा है, जो सामान्य से 54% कम है। कोंडागांव, बीजापुर: कोंडागांव में 51.9 मिमी और बीजापुर में 28 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। मध्य छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा चिंता रायपुर: 90.1 मिमी के मुकाबले 25.3 मिमी बारिश, 72% कम
धमतरी: 112.6 मिमी के मुकाबले 34.2 मिमी
दुर्ग: 113.9 मिमी के मुकाबले 34.2 मिमी
महासमुंद: 105.4 मिमी के मुकाबले 20.7 मिमी
बलौदाबाजार: 81.3 मिमी के मुकाबले सिर्फ 14 मिमी कई जिलों में 80% से ज्यादा बारिश की कमी राजनांदगांव: 100.3 मिमी के मुकाबले 8.3 मिमी, 92% कम (सबसे गंभीर स्थिति)
मोहला-मानपुर-चौकी: 95% कम
बलौदाबाजार व सारंगढ़-बिलाईगढ़: 83% कमी
सक्ती: 83% कम खरीफ सीजन के लिए अगले 10 दिन अहम प्रदेश में मानसून देर से आने और कमजोर होने के कारण बारिश बहुत कम हुई है। इस वजह से ज्यादातर जिलों में अभी तक बोनी (बुवाई) के लायक खेतों में जरूरी नमी नहीं बन पाई है। हालांकि, मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक गरज-चमक के साथ बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है। अगर जून के इन बचे हुए दिनों में पूरे प्रदेश में अच्छी और भारी बारिश होती है, तो पानी की यह कमी तेजी से पूरी हो सकती है। रायपुर का मौसम मौसम विभाग ने आज (24 जून) रायपुर में बादल छाए रहने, गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई है। शहर का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

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