दवाओं के कच्चे माल के लिए चीन पर 65% निर्भर:नीति आयोग बोला- तेल-गैस सिर्फ एक जगह से न खरीदें, अमेरिका से ट्रेड डील जल्द होगी

नीति आयोग ने मंगलवार को दवा उद्योग और वैश्विक व्यापार पर अपनी ट्रेड वॉच क्वार्टरली रिपोर्ट जारी की। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत दवाओं के कच्चे माल के लिए 65% तक चीन पर निर्भर है। वहीं, नीति आयोग के वाइस चेयरमैन अशोक कुमार लाहिड़ी ने कहा कि मिडिल ईस्ट संकट से यह सीख मिली है कि किसी एक देश या क्षेत्र पर ज्यादा निर्भर नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत को तेल और गैस समेत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए अलग-अलग स्रोत विकसित करने चाहिए। नीति आयोग के सुझाव: पेटेंट और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने की जरूरत नीति आयोग ने इस निर्भरता को कम करने और भारतीय फार्मा सेक्टर को मजबूत करने के लिए कई अहम सुझाव दिए हैं। अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौता जल्द होने की उम्मीद लाहिड़ी ने कहा कि भारत और अमेरिका जल्द ही एक द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देंगे और इस पर हस्ताक्षर करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि नीति आयोग ने रिपोर्ट में सुझाव भी दिया है कि जब भी भारत किसी देश या ब्लॉक के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के लिए बातचीत करे, तो उसमें फार्मास्युटिकल प्रोडक्ट्स पर एक अलग चैप्टर जरूर शामिल किया जाना चाहिए। भारत में नई दवाओं पर रिसर्च का खर्च महंगा लाहिड़ी ने कहा कि भारत में पर्यावरण से जुड़े नियम अब काफी कड़े हो गए हैं। इस वजह से कंपनियों के लिए फैक्ट्रियों में दवाएं बनाने और नई दवाओं पर रिसर्च (RD) करने का खर्च बहुत बढ़ गया है। हमारे देश में नई खोजों को बढ़ावा देने और उन्हें बिजनेस में बदलने का सिस्टम अभी कमजोर है। इसी कमी के कारण नए और लंबे समय के लिए पैसा लगाने वाले निवेशक यहां निवेश करने से घबरा रहे हैं। दवा के प्रोडक्शन में हम अच्छे, लेकिन वैल्यू चेन में आगे बढ़ना जरूरी लाहिड़ी ने कहा कि भारत को आज पूरी दुनिया में ‘फार्मेसी ऑफ द वर्ल्ड’ माना जाता है। नीति आयोग ने अपनी स्टडी में पाया है कि दवाओं के प्रोडक्शन के मामले में हम बहुत अच्छा कर रहे हैं, लेकिन अब हमें वैल्यू चेन में ऊपर बढ़ने की जरूरत है। इंटरनेशनल मार्केट में भारतीय कंपनियों की अच्छी साख है। अगर भारतीय फार्मा कंपनियां अच्छी क्वालिटी और सही कीमत वाले ब्रांडेड प्रोडक्ट्स बाजार में लाती हैं, तो वैश्विक बाजार पर हमारी मजबूत पकड़ बन सकती है। दुनिया को सस्ती दवाएं देने में भारत नंबर-1 भारत दुनियाभर में सस्ती जेनेरिक दवाएं सप्लाई करने वाला एक प्रमुख देश है। 2025 में ₹123.13 लाख करोड़ की दवाओं की डिमांड रही अगर पूरी दुनिया में दवाओं के कुल कारोबार की बात करें, तो साल 2025 में दुनियाभर में करीब ₹123.13 लाख करोड़ ($1.3 ट्रिलियन) की दवाओं और उनके कच्चे माल की मांग (डिमांड) थी। ————— यह खबर भी पढ़ें… चांदी आज ₹10,566 सस्ती हुई, इस महीने ₹36,015 गिरी: सोना ₹2,522 गिरा, जून में ₹10,748 की गिरावट; जानें अपने शहर के दाम
सोने-चांदी की कीमतों में आज 23 जून को गिरावट आई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, एक किलो चांदी 10,566 रुपए घटकर 2.27 लाख रुपए पर आ गई है, जो सोमवार को 2.37 लाख रुपए पर थी। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 2,522 रुपए गिरकर 1.45 लाख रुपए आ गया है। इससे पहले 22 जून को यह 1.47 लाख पर था। सोना के दाम इस महीने 10,748 रुपए और चांदी के 36,015 रुपए गिरे हैं। 1 जून को सोना ₹1.56 लाख/10 ग्राम और चांदी ₹2.63 लाख/किलो थी। पूरी खबर पढ़ें…

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