भारत और UAE के बीच रक्षा क्षेत्र में नई बातचीत शुरू हुई है। रायटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, UAE भारत की ब्रह्मोस मिसाइल और आकाशतीर एयर डिफेंस सिस्टम खरीद सकता है। इस संबंध में दोनों देशों के बीच शुरुआती चर्चा चल रही है। ब्रह्मोस दुनिया की सबसे तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों में शामिल है। इसे भारत और रूस ने मिलकर बनाया किया है। यह मिसाइल जमीन, समुद्र और फाइटर जेट से दागी जा सकती है। हालांकि यह भारत-रूस का जॉइंट प्रोजेक्ट है, इसलिए इसके निर्यात के लिए रूस की मंजूरी जरूरी होती है। सूत्रों का कहना है कि इस मामले में किसी बड़ी रुकावट की संभावना नहीं है। हाल के महीनों में ईरान-इजराइल जंग और मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण सुरक्षा चुनौतियां बढ़ी हैं। इसी वजह से UAE अपनी सैन्य ताकत मजबूत कर रहा है। तेल और व्यापार के लिए अहम होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल है। ब्रह्मोस के बारे में जानें… आकाशतीर सिस्टम में भी UAE की रुचि ब्रह्मोस के साथ-साथ UAE भारत के आकाशतीर एयर डिफेंस सिस्टम को भी खरीदना चाहता है। इस सिस्टम को भारतीय सेना और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) ने मिलकर तैयार किया है। इसका काम हवाई खतरों का पता लगाना, उनकी निगरानी करना और कई एयर डिफेंस यूनिट्स के बीच बेहतर तालमेल बनाना है। इससे हवाई सुरक्षा व्यवस्था अधिक तेज और प्रभावी बनती है। 100 से ज्यादा देशों को 38 हजार करोड़ रुपए का एक्सपोर्ट भारत पिछले कुछ सालों से डिफेंस एक्सपोर्ट को बढ़ाने पर जोर दे रहा है। देश का रक्षा निर्यात करीब 4 अरब डॉलर (38 हजार करोड़) पहुंच चुका है। फिलीपींस को ब्रह्मोस मिसाइल की आपूर्ति के बाद भारत ने वियतनाम के साथ भी ब्रह्मोस एक्सपोर्ट की डील की है। वहीं, इंडोनेशिया के साथ बातचीत अंतिम चरण में बताई जा रही है। ऑपरेशन सिंदूर से दुनिया में भारतीय हथियारों की डिमांड बढ़ी ऑपरेशन सिंदूर में ब्रह्मोस, आकाश, लॉयटरिंग म्युनिशन और नेत्र जैसे भारतीय हथियारों के इस्तेमाल के बाद दुनिया में इनकी मांग तेजी से बढ़ी है। कई देशों ने इन्हें खरीदने में रुचि दिखाई है, जबकि कुछ के साथ हजारों करोड़ रुपए के सौदे भी हो चुके हैं। इनकी कीमत 21,000 करोड़ रुपए से अधिक है। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, 2025-26 में भारत का रक्षा निर्यात रिकॉर्ड 38,424 करोड़ रुपए पहुंच गया, जो पिछले साल से 62% ज्यादा है। ब्रह्मोस के लिए फिलीपींस, वियतनाम और दो अन्य देशों से करीब 12,500 करोड़ रुपए के सौदे हो चुके हैं। इंडोनेशिया के साथ लगभग 3,600 करोड़ रुपए की डील अंतिम मंजूरी के चरण में है। आकाश मिसाइल सिस्टम के लिए अर्मेनिया से 6,100 करोड़ रुपए का कॉन्ट्रैक्ट पहले ही हो चुका है। ———————————– ये खबर भी पढ़ें… सेना 800km रेंज वाली ब्रह्मोस क्रूज-मिसाइल खरीदेगी, ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल हुआ था भारतीय सेना 800 किमी से ज्यादा रेंज वाली ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल खरीदने की तैयारी में है। फिलहाल सेना के पास 450 किमी तक मारक क्षमता वाली ब्रह्मोस मिसाइल मौजूद है। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, रक्षा अधिकारियों ने बताया कि सेना इस नए वर्जन का बड़ा ऑर्डर देने की योजना बना रही है। पूरी खबर पढ़ें…
