छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर नगर निगम की महापौर मंजूषा भगत पर मीना बाजार लगाने की अनुमति दिलाने के एवज में 3 लाख रुपए लेने का आरोप लगाते हुए ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। ऑडियो वायरल होने के बाद सोमवार को वे अजाक थाने पहुंचीं और ऑडियो बनाने के साथ उसे वायरल करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। मीडिया से बात करते हुए महापौर रोने लगीं और उन्होंने कहा कि मेरे खिलाफ षडयंत्र रचा जा रहा है। उन्होंने बताया कि 21 जून की शाम उन्हें फोन पर बताया गया कि आपका किसी ने ऑडियो जारी किया है। इसके बाद उन्होंने फेसबुक और इंस्टाग्राम पर वह ऑडियो सुना। महापौर ने कहा कि उन्हें नहीं लगा कि वह आवाज उनकी है और उन्होंने ऐसी कोई बात नहीं की है। वहीं, कांग्रेस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर प्रशासन से तुरंत कार्रवाई करने की मांग की है। इधर, युवक कांग्रेस ने कलेक्टोरेट चौक पर प्रदर्शन किया और सड़क पर स्पीकर लगाकर लीक ऑडियो को पब्लिक को सुनाया। पहले देखिए 3 तस्वीरें रोते हुए बोलीं महापौर-मेरे खिलाफ षडयंत्र हुआ मीडिया से बात करते हुए महापौर मंजूषा भगत भावुक हो गईं और रोने लगीं। उन्होंने कहा कि यह उनके खिलाफ एक साजिश है। उन्होंने थाना प्रभारी से मांग की कि वायरल ऑडियो की बारीकी से जांच की जाए और इसमें जिस व्यक्ति अनुराग मिश्रा की आवाज बताई जा रही है, उसकी भी जांच की जाए। महापौर ने कहा कि इस ऑडियो से वह और उनका परिवार बहुत परेशान हैं। उन्होंने बताया कि वे कई दिनों से ठीक से खाना-पीना भी नहीं कर पा रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वे पांचवीं बार चुनाव लड़ चुकी हैं, लेकिन उनके साथ पहली बार ऐसा षडयंत्र किया गया है। उनका कहना है कि वे आदिवासी महिला हैं, इसलिए उनके साथ ऐसा किया गया है। महापौर ने कहा कि मेरे पति और पिता बीमार हैं। उन्हें कुछ होता है तो मेरी जिम्मेदारी नहीं है, संबंधित व्यक्ति की जवाबदेह होगा। मेरा परिवार मानसिक रूप से परेशान है। मैं आदिवासी महिला हूं, इसलिए मेरे खिलाफ षड़यंत्र किया जा रहा है। आज मुझे भी कुछ होता है तो इसकी जवाबदेही भी संबंधित व्यक्ति की होगी। अब जानिए वायरल ऑडियो में क्या है सोशल मीडिया पर एक ऑडियो वायरल हो रहा है, जिसमें कथित रूप से कलाकेंद्र मैदान में मीना बाजार लगाने के लिए भाजपा जिलाध्यक्ष भारत सिंह सिसोदिया और महापौर मंजूषा भगत पर अवैध वसूली करने का आरोप है। ऑडियो कुछ दिन पुराना बताया है। वायरल ऑडियो अनुराग मिश्रा द्वारा जारी किया गया है, जो मीना बाजार का संचालन करते हैं। वायरल ऑडियो में ये हुई बात वायरल ऑडियो में कथित रूप से अनुराग मिश्रा तीन लोगों से बात करते हुए सुनाई दे रहे हैं। इनमें एक आवाज भाजपा जिलाध्यक्ष और दूसरी आवाज महापौर मंजूषा भगत के होने का दावा किया गया है। दावा किया गया है कि मीना बाजार लगाने की अनुमति देने के लिए बड़ी रकम की मांग की गई। ऑडियो में अनुराग मिश्रा ने कथित रूप से महापौर मंजूषा भगत से बात करते हुए दिए गए पैसे वापस मांगे। अनुराग मिश्रा ने महापौर से कहा कि मेरे पास इतना नहीं है कि तीन लाख रुपए जिलाध्यक्ष को दूं और अलग से इधर दूं। मुझे कलाकेंद्र मैदान में अफीम की खेती नहीं करनी है। ऑडियो में महापौर कहते हुए सुनाई दे रही हैं कि घर में किसी को बोल देती हूं, जाकर ले लेना। अनुराग मिश्रा कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि मैं अध्यक्ष जी के घर गया था। आपने कहा था कुछ लेते जाना। उन्होंने पैसा फेंककर कहा कि तीन लाख से कम नहीं चाहिए। एक अन्य व्यक्ति से बात करते हुए अनुराग मिश्रा कह रहे हैं कि कलाकेंद्र मैदान की बुकिंग के लिए तीन लाख रुपए जिलाध्यक्ष को चाहिए। महापौर जी को तीन लाख रुपए चाहिए, एक लाख उनके स्टाफ का खर्च है। हमारे एक और जानने वाले वेद सिंह ने भी लगाया था। पता चल रहा है कि वे 6 लाख देकर आए हैं महापौर जी के यहां पर। अभी जिसने लगाया है, उसने 10 लाख रुपए दिया है। वायरल ऑडियो में महापौर मंजूषा भगत ने अपनी आवाज होने से इनकार किया है। कांग्रेस ने कहा-जीरो टालरेंस की बात, भ्रष्टाचार का खुला खेल ऑडियो वायरल होने के बाद कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने सरगुजा कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर वायरल ऑडियो की जांच की मांग की है। कांग्रेस ने कहा है कि वायरल ऑडियो में महापौर और भाजपा जिलाध्यक्ष पैसे मांगते सुने जा सकते हैं। मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। निगम के नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद ने कहा कि भाजपा जीरो टालरेंस की बात करती है और किस तरह से भ्रष्टाचार का खुला खेल खेला जा रहा है, यह जनता देख रही है। जो ऑडियो वायरल हो रहा है, उसमें किस तरह से खुलकर लेन-देन की बात की जा रही है। युवक कांग्रेस ने किया प्रदर्शन, सुनाया ऑडियो मामले को लेकर युवक कांग्रेस ने कलेक्टोरेट चौक पर प्रदर्शन किया और सड़क पर स्पीकर लगाकर लीक ऑडियो को पब्लिक को सुनाया। कांग्रेस पार्षद शुभम जायसवाल ने कहा कि मीना बाजार के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है। ठेकेदार ने महापौर को पैसा दिया था। जिलाध्यक्ष ने फोन किया कि मेरे पास कमीशन पहुंचाओ। ऑडियो में वे धमका रहे हैं कि कल तक पैसा पहुंच जाना चाहिए। इसकी जांच होनी चाहिए। कलाकेंद्र आवंटन के नियमों की अनदेखी का आरोप कलाकेंद्र मैदान का आवंटन नगर निगम द्वारा मीना बाजार, खादी शो और अन्य प्रदर्शनियों के लिए किया जाता है। इसके लिए नियम के अनुसार रोजाना किराया देना होता है। मैदान का आवंटन ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर किया जाता है। लेकिन आरोप है कि कई बार इस नियम का पालन नहीं किया जाता और आवंटन में गड़बड़ी की जाती है।
