छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के कसडोल इलाके में रेत से भरे ट्रैक्टर को छोड़ने के एवज में महिला नायब तहसीलदार ने 50 हजार रिश्वत मांगी, तो किसान ने कीटनाशक पी लिया। उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां अब उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। कसडोल विधायक संदीप साहू ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि, यदि किसी अधिकारी ने अवैध वसूली की है, तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। वहीं, अपने ऊपर लगे आरोपों को नायब तहसीलदार आकांक्षा तिवारी ने खारिज कर दिया है। घटना कसडोल विकासखंड के ग्राम चांटीपाली की है। जानिए क्या है पूरा मामला ? किसान कमल ओगरे के बेटे राज ओगरे ने बताया कि, शुक्रवार सुबह वह महानदी से रेत लेकर ट्रैक्टर से लौट रहा था। इसी दौरान नायब तहसीलदार ने गाड़ी को रोककर कार्रवाई की। राज का आरोप है कि ट्रैक्टर छोड़ने के एवज में 50 हजार रुपए मांगे गए। पैसे नहीं देने पर ट्रैक्टर को कसडोल थाने में खड़ा करवा दिया गया। दो ट्रैक्टर को छोड़ने लिए पैसे राज ओगरे का कहना है कि, उसके साथ दो और ट्रैक्टर भी पकड़े गए थे, लेकिन पैसे लेने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। जबकि उसका ट्रैक्टर जब्त रखा गया। क्योंकि उसने पैसे नहीं दिए। मेरे फोन पर बात करने पर चमकाया भी। पिता को मामले की जानकारी दी, तो वो मौके पर पहुंचे। 10 बजे टैक्टर नहीं छोड़ने पर किसान ने कीटनाशक पी लिया। आर्थिक परेशानी और तनाव में उठाया कदम परिजनों के मुताबिक, कमल ओगरे पहले से आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। ट्रैक्टर जब्त होने और रिश्वत की मांग पूरी नहीं कर पाने के कारण वे मानसिक तनाव में आ गए। इसी तनाव के चलते उन्होंने खेत में छिड़कने वाला कीटनाशन पी लिया। हालत बिगड़ने पर उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कसडोल में भर्ती कराया गया। इलाज के बाद खतरे से बाहर- बीएमओ इस मामले में सीएचसी कसडोल की बीएमओ वंदना भेले ने बताया कि, समय पर इलाज मिलने से किसान की जान बच गई। फिलहाल उनकी हालत खतरे से बाहर है और स्वास्थ्य में लगातार सुधार हो रहा है। अस्पताल पहुंचे विधायक, जांच की मांग घटना की जानकारी मिलने के बाद कसडोल से कांग्रेस विधायक संदीप साहू अस्पताल पहुंचे और किसान से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। विधायक ने कहा कि, यदि किसी अधिकारी ने अवैध वसूली की है तो मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने रेत परिवहन, ट्रैक्टर जब्ती और कथित रिश्वतखोरी के आरोपों की जांच की मांग की है। नायब तहसीलदार ने आरोपों को नकारा वहीं, नायब तहसीलदार आकांक्षा तिवारी ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि, रेत परिवहन को लेकर की गई कार्रवाई पूरी तरह नियमों के तहत की गई थी। किसी तरह की रिश्वत नहीं मांगी गई। उन्होंने कहा कि जांच में सच्चाई सामने आ जाएगी। कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश इस मामले के सामने आने के बाद बलौदाबाजार कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने संज्ञान लिया है। कलेक्टर ने एसडीएम को पूरे मामले की जांच कर 3 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। अब प्रशासनिक जांच रिपोर्ट से ही स्पष्ट होगा कि मामले में कितनी सच्चाई है और क्या किसी स्तर पर रिश्वत मांगी गई है या नहीं। ………………………………. इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… जमीन पर कब्जा दिलाने 40 हजार रिश्वत, हेड-कॉन्स्टेबल सस्पेंड,VIDEO:काम नहीं हुआ तो पैसे वापस मांगे; पुलिसकर्मी बोला- नहीं दूंगा, मुझे लाइन अटैच करा दो छत्तीसगढ़ सरकार के सुशासन तिहार में रोजाना अलग-अलग तस्वीरें देखने को मिल रही है। दुर्ग जिले में लगे शिविर में विधायक के सामने जनपद CEO और भाजपा नेता की बहस हो गई। सामुदायिक भवन की राशि की सही जानकारी नहीं मिलने पर भाजपा नेता पुराण देशमुख नाराज थे। उन्होंने जब थनौद के जनपद CEO रूपेश पांडे से जानकारी मांगी तो वे भड़क उठे। पढ़ें पूरी खबर…
