मौसम विभाग ने आज प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और कुछ इलाकों में बिजली गिरने की भी आशंका है। मौसम विभाग के अनुसार ऐसी स्थिति अगले पांच दिनों तक बनी रह सकती है। साथ ही दक्षिण-पश्चिम मानसून के छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। बारिश की गतिविधियां बढ़ने से प्रदेश में गर्मी से राहत मिलने लगी है। पिछले 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 38.5 डिग्री सेल्सियस रायपुर में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 24.2 डिग्री सेल्सियस दुर्ग में रिकॉर्ड किया गया। रायपुर के मौसम का हाल आज बादल छाए रहने, गरज-चमक और बारिश की संभावना है। शहर का अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। कितना लेट है मानसून? सामान्य तौर पर दक्षिण छत्तीसगढ़ में मानसून की एंट्री 10-15 जून के बीच मानी जाती है।
17 जून तक आधिकारिक एंट्री नहीं हुई है, यानी मानसून करीब 3 से 7 दिन पीछे चल रहा है।
केरल में भी मानसून 4 जून को पहुंचा था, जो सामान्य तिथि 1 जून से 3 दिन देर थी। कब तक एंट्री हो सकती है?
मौजूदा परिस्थितियों और IMD के संकेतों के आधार पर:
बस्तर, सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा जैसे दक्षिण छत्तीसगढ़ के जिलों में 18-20 जून के बीच एंट्री की संभावना है।
रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, महासमुंद, बलौदाबाजार जैसे मध्य छत्तीसगढ़ में 20-22 जून तक पहुंच सकता है।
अंबिकापुर, सरगुजा संभाग में 22-25 जून तक प्रभाव दिख सकता है।
