पेंड्रा हत्याकांड…मुख्य शूटर समेत तीन आरोपी गिरफ्तार:बिहार-झारखंड से पकड़ाए, मास्टरमाइंड समेत अब तक 7 अरेस्ट, कट्टा-कारतूस और लूटे गए सोने-चांदी के जेवरात बरामद

छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में सर्राफा व्यापारी प्रदीप सोनी की हत्या और लूट मामले में शामिल मुख्य शूटर मनीष मंडल सहित तीन और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इनमें मनीष मंडल उर्फ राहुल और सुजीत उर्फ राजू दास (दोनों बिहार के बांका जिले के रहने वाले) और संतोष दास (झारखंड के गोड्डा जिले का रहने वाला) शामिल हैं। पुलिस की पूछताछ में पता चला कि कोटमीकला के साप्ताहिक हाट बाजार में बदमाशों ने सर्राफा व्यापारी प्रदीप सोनी का सोना-चांदी से भरा बैग लूटने की कोशिश की थी। लेकिन प्रदीप सोनी ने डटकर विरोध किया। इसी दौरान मुख्य शूटर मनीष मंडल उर्फ राहुल ने अवैध हथियार निकालकर उन पर गोली चला दी। गोली लगने से प्रदीप सोनी की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल किए गए दो देसी कट्टे, चार जिंदा कारतूस, लूटा गया 40 ग्राम सोना, करीब साढ़े चार किलो चांदी, सात मोबाइल फोन, दो बाइक और घटना में इस्तेमाल की गई एक स्विफ्ट कार बरामद की है। इस मामले में वारदात की साजिश रचने और रेकी करने में मदद करने वाले समेत अब तक कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। गिरफ्तार आरोपियों में मास्टरमाइंड खुशीराम साहू का दामाद श्रेयांश शुक्ला भी शामिल है। श्रेयांश ने वारदात के बाद आरोपियों को फरार होने में कार मुहैया कराई थी। पहले देखिए तस्वीरें मास्टरमाइंड सहित 3 आरोपी गिरफ्तार पुलिस के मुताबिक, इस वारदात का मास्टरमाइंड बिलासपुर जिले के बिटकुला गांव का रहने वाला खुशीराम साहू है। उसने बाजार में सोना-चांदी व्यापारियों की रेकी कर पूरी साजिश रची थी। इस काम में उसके भतीजे राजाराम साहू और दामाद श्रेयांस शुक्ला ने भी मदद की। खुशीराम ने बिहार और झारखंड में अपने परिचित राहुल के जरिए शूटर बुलाए थे। राहुल अपने साथी सुजीत उर्फ राजू दास और संतोष दास के साथ बिहार से आया और सभी ने मिलकर लूट और हत्या की वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद आरोपी देवरीखुर्द स्थित गया प्रसाद रजक के घर पहुंचे, जहां लूटे गए सोने-चांदी के आभूषणों का बंटवारा किया गया। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर खुशीराम साहू, राजाराम साहू और गया प्रसाद रजक को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से एक देसी कट्टा, दो जिंदा कारतूस, लूटे गए आभूषण और तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। जानिए क्या है पूरा मामला जानकारी के अनुसार, मंगलवार (26 मई) शाम करीब 7 बजे 3 आरोपी एक पल्सर पर सवार होकर आए थे। बदमाशों ने सर्राफा व्यापारी प्रदीप सोनी को बेहद करीब से गोली मारी थी। दाहिने तरफ सीने में गोली लगी थी। सूचना मिलते ही कोटमी चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। गंभीर रूप से घायल प्रदीप सोनी को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने घटना स्थल को सील कर दिया है। मौके से खून के धब्बे और खाली कारतूस बरामद किए गए थे। बिलासपुर का खुशीराम निकला मास्टरमाइंड पुलिस जांच में सामने आया है कि बिलासपुर जिले के बिटकुला निवासी खुशीराम सही पूरे हत्याकांड का मास्टरमाइंड था। उसने अपने साथियों के साथ मिलकर कोटमी बाजार स्थित ज्वेलरी कारोबारी की पहले रेकी की और फिर लूट की योजना बनाई। बिहार- झारखंड से बुलाए गए थे शूटर जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि खुशीराम ने वारदात को अंजाम देने के लिए बिहार से तीन शूटर मनीष मंडल उर्फ राहुल, सुजीत उर्फ राजू दास और संतोष दास बुलाए थे। इन्हीं शूटरों ने सर्राफा व्यापारी प्रदीप सोनी की गोली मारकर हत्या की और लूट की घटना को अंजाम दिया। घटना के बाद सभी आरोपी अलग-अलग दिशाओं में फरार हो गए थे। भागते समय राहुल उर्फ मनीष मंडल और संतोष कुमार दास रास्ता भटक गए, जिसके चलते दोनों ने बोदरापारा तिलोरा की पहाड़ी (टेकरी) पर रात बिताई। वहीं, आरोपी राजू उर्फ सरगुन उर्फ सुजीत, खुशीराम साहू और गया राम रजक के साथ मोटरसाइकिल पर बैठकर गया राम रजक के घर पहुंच गया, जहां उन्होंने रात गुजारी। रात बीतने के बाद 27 मई 2026 की सुबह राहुल उर्फ मनीष मंडल ने फोन करके खुशीराम साहू से संपर्क किया। बातचीत होने के बाद खुशीराम साहू, राजू और गया राम रजक तीनों बोदरापारा तिलोरा की टेकरी पहुंचे, जहां राहुल और संतोष रात से छिपे हुए थे। इसके बाद वे दोनों को अपने साथ लेकर वहां से निकल गए। सोना-चांदी को निकाला, डिब्बे और पैकिंग सामग्री को जलाया बोदरापारा तिलोरा की टेकरी में आरोपियों ने लूटे गए सोना-चांदी को अलग निकाल लिया था। इसके बाद उन्होंने सामान रखने वाले डिब्बे, झिल्ली और अन्य पैकिंग सामग्री को जलाकर सबूत मिटाने की कोशिश की। वहीं, बाकी कुछ सामान को अलग-अलग जगहों पर छिपा दिया था, ताकि पुलिस को उनकी भनक न लगे। लूट के सामान का किया गया बंटवारा पुलिस जांच में पता चला कि आरोपियों ने देवरीखुर्द में गया प्रसाद रजक के घर बैठकर लूटे गए सोने-चांदी के आभूषणों का आपस में बंटवारा किया था। हिस्सा बांटने के बाद 27 मई को सभी आरोपी अपने-अपने हिस्से का सामान लेकर दो मोटरसाइकिलों से बस्तीबगरा की ओर निकल गए। वहीं, राहुल उर्फ मनीष मंडल, राजू और संतोष बस और ट्रेन के जरिए वापस झारखंड भाग गए। दूसरी ओर, मास्टरमाइंड खुशीराम साहू ने अपने दामाद श्रेयांश शुक्ला को बस्तीबगरा बुलाया और उसे भी लूट का कुछ हिस्सा देकर रवाना कर दिया। इसके बाद वह खुद मोटरसाइकिल से बिटकुला (सीपत) चला गया। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि खुशीराम साहू और गया प्रसाद रजक ने वारदात में इस्तेमाल देसी कट्टा, दो जिंदा कारतूस और लूट के कुछ आभूषण टेकरी में छिपाकर रखे थे। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर इन्हें बरामद कर लिया। इसके अलावा, राजाराम साहू और खुशीराम साहू की निशानदेही पर लूटे गए आभूषणों का कुछ हिस्सा बिटकुला गांव के पास रेलवे ट्रैक किनारे एक नाले से भी बरामद किया गया। पुलिस ने मुख्य शूटर राहुल को बिहार के बांका जिले से, राजू को बिहार के रजौन क्षेत्र से और संतोष दास को झारखंड के गोड्डा जिले से गिरफ्तार किया। राहुल के पास से लूट के कुछ आभूषण, संतोष के पास से एक देसी कट्टा और एक जिंदा कारतूस, जबकि राजू के पास से वारदात में इस्तेमाल किया गया कीपैड मोबाइल बरामद किया गया है। पुलिस ने इस मामले में शामिल सभी सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। …………………….. इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… पेंड्रा सर्राफा व्यापारी हत्याकांड, मास्टरमाइंड समेत 3 गिरफ्तार:गोली मारने वाले बिहार-झारखंड के 3 शूटर फरार, कट्टा-कारतूस और लूटे गए जेवरात बरामद छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में सर्राफा व्यापारी प्रदीप सोनी हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। मास्टरमाइंड सहित 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस वारदात का मास्टरमाइंड बिलासपुर जिले के बिटकुला गांव का रहने वाला खुशीराम साहू है। उसने बाजार में सोना-चांदी व्यापारियों की रेकी कर पूरी साजिश रची थी। पढ़ें पूरी खबर…

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