क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर आज (22 अप्रैल) छत्तीसगढ़ दौरे पर है। वे प्राइवेट जेट से अपने परिवार के साथ जगदलपुर पहुंच चुके हैं। यहां से वे सीधे दंतेवाड़ा के छिंदनार जाएंगे, जहां आदिवासी बच्चों और खेल में रुचि रखने वाले बच्चों से मुलाकात करेंगे। इनके साथ वे क्रिकेट भी खेलेंगे। कार्यक्रम के लिए स्कूली बच्चे सुबह 9 बजे से पहुंच गए हैं। आरोप है कि भीषण गर्मी में बच्चों को अलग-अलग गांव से ठुसकर कार्यक्रम स्थल तक लाया गया। टीचर ने बताया कि एक बस में 100 से ज्यादा बच्चों को बैठाकर लाया गया। जबकि बस 50 सीटर है। तैयारियों की तस्वीरें देखिए… DEO ने कहा- बाद में बताएंगे दंतेवाड़ा जिला शिक्षा अधिकारी प्रमोद ठाकुर ने कहा कि, स्कूली बच्चों को सचिन तेंदुलकर के कार्यक्रम में लाया जा रहा है। जब उनसे पूछा गया कि इतनी भीषण गर्मी में लंबी दूरी तय करवा कर बस में ठूंस-ठूंसकर क्यों ला रहे? तो उन्होंने कहा कि मैं एक VC में हूं बाद में बात करता हूं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का दौरा रद्द जानकारी के मुताबिक, सचिन का टोटल 3 जगह कार्यक्रम तय था, लेकिन गीदम ऑडिटोरियम में शिक्षकों-बच्चों से मुलाकात और पनेड़ा क्रिकेट ग्राउंड का उद्घाटन दौरा रद्द हो गया है। सचिन तेंदुलकर के साथ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी आने वाले थे, लेकिन किसी कारण से उनका दौरा कैंसिल हो गया है। बता दें कि मांदेशी फाउंडेशन और जिला प्रशासन का यह संयुक्त कार्यक्रम है। मास्टर-ब्लास्टर के दौरे को लेकर सुरक्षा के लिहाज से भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। क्या-क्या रहेगा कार्यक्रम, किन-किन जगहों पर जाएंगे सचिन तेंदुलकर छिंदनार में बच्चों से सीधे बातचीत करेंगे। वे खेल प्रतिभाओं को देखेंगे और बच्चों को आगे बढ़ने के लिए मार्गदर्शन देंगे। यहां छात्र-छात्राएं खो-खो, कबड्डी और वॉलीबॉल जैसे खेलों का प्रदर्शन करेंगे। इस दौरे की खास बात यह है कि सचिन केवल औपचारिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि बच्चों के साथ मैदान में उतरकर क्रिकेट भी खेल सकते हैं। सचिन अपने परिवार के साथ आ रहे हैं, जिससे यह दौरा और खास बन जाएगा। इससे बच्चों को उनसे जुड़ने और प्रेरणा लेने का अच्छा मौका मिलेगा। सचिन फाउंडेशन के 15 खेल मैदान, 25 स्कूलों में गतिविधियां सचिन तेंदुलकर की संस्था दंतेवाड़ा में खेलों को बढ़ावा देने के लिए काम कर रही है। जिले में 15 खेल मैदान तैयार किए जा चुके हैं। 25 स्कूलों, आश्रमों और पोटाकेबिन में खेल गतिविधियां लगातार संचालित हो रही हैं। सीमित जगह में मल्टी-यूज ग्राउंड विकसित किए गए हैं, जहां क्रिकेट के साथ अन्य खेल भी खेले जा सकते हैं। गीदम ब्लॉक के छिंदनार, कासोली, गुमड़ा, कारली, बांगापाल समेत कई स्कूलों में मैदान तैयार हो चुके हैं, जबकि दंतेवाड़ा ब्लॉक के चितालूर, मेंडोली, गोडरे, भांसी सहित अन्य स्थानों पर भी काम जारी है। शिक्षकों को मुंबई में ट्रेनिंग, बच्चों को मिल रही प्रोफेशनल कोचिंग फाउंडेशन ने सिर्फ मैदान बनाने तक खुद को सीमित नहीं रखा है। जिले के 15 से ज्यादा शिक्षकों को मुंबई में प्रोफेशनल कोचिंग दी गई है। बच्चों को क्रिकेट के साथ-साथ अन्य खेलों की तकनीकी ट्रेनिंग भी दी जा रही है। इससे ग्रामीण और आदिवासी अंचल के बच्चों को पहली बार प्रोफेशनल खेल माहौल मिल रहा है। नक्सल मुक्त दंतेवाड़ा में बदल रही तस्वीर दंतेवाड़ा जो कभी नक्सल गतिविधियों के कारण सुर्खियों में रहता था, अब खेल और शिक्षा के जरिए नई पहचान बना रहा है। सचिन का यह दौरा इस बदलाव को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती देगा। स्थानीय प्रशासन और खेल संस्थाओं को उम्मीद है कि इस पहल से यहां की खेल प्रतिभाओं को नया मंच मिलेगा और आने वाले समय में दंतेवाड़ा से भी राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी निकलेंगे। ………………… इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… सचिन तेंदुलकर परिवार का सीक्रेट बिलासपुर दौरा: अचानकमार के आदिवासी गांव पहुंचे, पत्नी अंजलि, बेटी सारा और बहू सानिया ने बच्चों संग बिताया समय भारत रत्न और पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर का परिवार मंगलवार सुबह साढ़े 5 बजे बिलासपुर पहुंचा। यह दौरा पूरी तरह गोपनीय रखा गया, जिससे परिवार ने बिना किसी सार्वजनिक सूचना के शहर और ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा किया। सचिन की पत्नी डॉ. अंजलि तेंदुलकर, बेटी सारा और बहू सानिया चंडोक तेंदुलकर ग्रामीणों से मिलीं। पढ़ें पूरी खबर…
