1 अप्रैल 2026 से नया वित्तीय वर्ष शुरू होते ही देशभर में कई बड़े बदलाव लागू हो गए हैं, जिनका सीधा असर आम लोगों की जेब और रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ेगा। नए टैक्स सिस्टम के लागू होने से टैक्स प्रक्रिया बदली है, वहीं हाईवे पर सफर करना अब महंगा हो गया है, क्योंकि टोल दरों में बढ़ोतरी की गई है। इस बीच छत्तीसगढ़ में भी राहत और बदलाव दोनों साथ नजर आ रहे हैं। राज्य में प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री सस्ती हो गई है। राशन दुकानों में अब तीन महीने का चावल एक साथ मिलेगा और नई आबकारी नीति के तहत शराब अब प्लास्टिक बोतलों में बिकेगी। टैक्स सिस्टम में बड़ा बदलाव 1 अप्रैल यानी आज से देश में नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 लागू होगा, जो 1961 के पुराने आयकर अधिनियम की जगह लेगा। इस नए कानून के तहत टैक्स सिस्टम को सरल बनाने की कोशिश की गई है। गैर-ऑडिट करदाताओं के लिए ITR-3 और ITR-4 दाखिल करने की आखिरी तारीख बढ़ाकर 31 अगस्त कर दी गई है, जिससे टैक्सपेयर्स को राहत मिलेगी। अब तक लागू व्यवस्था में वित्तीय वर्ष और आकलन वर्ष अलग-अलग होते थे, जिससे अक्सर भ्रम की स्थिति बनती थी। नए प्रावधान में इस व्यवस्था को खत्म कर सिर्फ ‘टैक्स वर्ष’ लागू किया गया है। यानी 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 तक की अवधि को टैक्स वर्ष 2026-27 कहा जाएगा, जिससे टैक्स प्रक्रिया को आसान और स्पष्ट बनाने की कोशिश की गई है। हाईवे पर सफर महंगा: टोल टैक्स और एनुअल पास बढ़ा आज से छत्तीसगढ़ में टोल टैक्स की नई दरें लागू हो गई हैं। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की ओर से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार प्रदेश के प्रमुख टोल प्लाजा पर वाहनों को अब 5 से 20 रुपए तक अतिरिक्त शुल्क देना होगा। इसका असर बिलासपुर समेत रोजाना हाईवे पर सफर करने वाले लाखों यात्रियों पर पड़ेगा। भिलाई, आरंग, बिलासपुर-रायपुर, कोरबा, अंबिकापुर, रायगढ़ और जगदलपुर रूट पर स्थित कुम्हारी, भोजपुरी, मुढ़ीपार, पाराघाट और बगदेवा सहित कई टोल प्लाजा की दरों में बढ़ोतरी की गई है। वहीं FASTag अनिवार्य रहने के साथ एनुअल पास भी महंगा होकर 3,075 रुपए का हो गया है, जिससे नेशनल हाईवे पर सफर करना अब और खर्चीला हो गया है। NHAI की तरफ से जारी नोटिफिकेशन में 5 से 10% शुल्क में बढ़ोतरी की गई है। अलग-अलग टोल मैनेजमेंट और एनएचएआई से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक ये बढ़ोतरी 5 से लेकर 20 रुपए तक की है। रिंग रोड पर प्राइवेट के अलावा हल्के कॉमर्शियल वाहनों के लिए बढ़ोतरी नहीं की गई है। यहां केवल भारी कॉमर्शियल गाड़ियों के लिए टोल रेटों में 5 से लेकर 20 रुपए तक बढ़ोतरी की गई है। टोल पर नो-कैश: सिर्फ FASTag और UPI से भुगतान 1 अप्रैल से देशभर के टोल प्लाजा पर कैश ट्रांजेक्शन पूरी तरह बंद कर दिया गया है। अब टोल टैक्स का भुगतान केवल FASTag या UPI जैसे डिजिटल माध्यमों से ही किया जा सकेगा, जिससे टोल सिस्टम को पूरी तरह कैशलेस बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है। इस बदलाव के बाद बिना FASTag या पर्याप्त बैलेंस के यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में UPI ही एकमात्र विकल्प बचेगा, क्योंकि कैश भुगतान की सुविधा पूरी तरह खत्म कर दी गई है। PAN-KYC नियम सख्त: पहचान सत्यापन अनिवार्य नए वित्तीय वर्ष से PAN और KYC से जुड़े नियमों को और सख्त किया गया है। बैंक खाते, निवेश और टैक्स से जुड़े सभी लेनदेन में पहचान सत्यापन अनिवार्य रहेगा, जिससे बिना वैरिफिकेशन के ट्रांजैक्शन पर रोक लगेगी। इस कदम का मकसद फर्जी खातों पर नियंत्रण और टैक्स चोरी पर लगाम कसना है। PAN कार्ड के लिए केवल आधार ही नहीं बल्कि बर्थ सर्टिफिकेट या 10वीं कक्षा की मार्कशीट भी लगेगी। रेल टिकट नियम सख्त: अब 8 घंटे पहले तक ही मिलेगा रिफंड 1 अप्रैल से ट्रेन टिकट कैंसिलेशन के नियमों में बदलाव किया गया है। अब यात्रियों को ट्रेन छूटने से कम से कम 8 घंटे पहले टिकट रद्द करने पर ही रिफंड मिलेगा, जबकि पहले यह सीमा 4 घंटे थी। वहीं यात्री ट्रेन छूटने से 30 मिनट पहले तक बोर्डिंग स्टेशन बदल सकेंगे। इस बदलाव का सीधा असर यात्रियों की जेब पर पड़ेगा, क्योंकि समय पर टिकट कैंसिल नहीं करने पर रिफंड नहीं मिलेगा। हालांकि नियम सख्त होने से फर्जी बुकिंग पर रोक लगेगी और कंफर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी। कॉमर्शियल गैस महंगी: चाय-नाश्ता और कैटरिंग पर असर आज से तेल कंपनियों ने कॉमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर के दाम ₹218 तक बढ़ा दिए हैं, जिसके बाद चेन्नई में इसकी कीमत ₹2246.50 और दिल्ली में ₹2078.50 हो गई है। सिलेंडर महंगा होने से होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों का खर्च बढ़ेगा, जिसका असर सीधे आम लोगों पर पड़ेगा। चाय, नाश्ता और थाली की कीमतें बढ़ सकती हैं, वहीं शादी-ब्याह और कैटरिंग सेवाएं भी महंगी हो सकती हैं। घरेलू सिलेंडर के दामों में बदलाव नहीं सैलरी स्ट्रक्चर में बदलाव: बेसिक पे कम से कम 50% जरूरी 1 अप्रैल से लागू नए वेतन नियमों के तहत कर्मचारियों की बेसिक सैलरी अब उनके कुल CTC का कम से कम 50% रखना अनिवार्य होगा। कंपनियां भत्तों का हिस्सा 50% से ज्यादा नहीं रख सकेंगी, जिससे सैलरी स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव आएगा। इसका सीधा असर कर्मचारियों की इन-हैंड सैलरी पर पड़ सकता है, क्योंकि बेसिक पे बढ़ने से EPF और ग्रेच्युटी में कटौती का हिस्सा भी बढ़ेगा। हालांकि लंबे समय में इसका फायदा यह होगा कि कर्मचारियों का रिटायरमेंट फंड और ग्रेच्युटी पहले से ज्यादा मजबूत होगी। छत्तीसगढ़ में होने वाले बदलाव छत्तीसगढ़ में सस्ती रजिस्ट्री: स्टाम्प ड्यूटी पर सरचार्ज खत्म आज से अप्रैल से राज्य में जमीन, मकान और दुकानों की रजिस्ट्री सस्ती हो जाएगी। सरकार ने स्टाम्प ड्यूटी पर लगने वाले 12% सरचार्ज को खत्म कर दिया है, जिससे प्रॉपर्टी खरीदने वालों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा। राशन वितरण में बदलाव: एक साथ 3 महीने का चावल नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ ही सरकारी राशन दुकानों से हितग्राहियों को अप्रैल, मई और जून महीने का चावल एक साथ दिया जाएगा। इससे लोगों को बार-बार राशन दुकान जाने की जरूरत नहीं होगी। प्लास्टिक की बोतल में मिलेगी शराब छत्तीसगढ़ में 1 अप्रैल 2026 से नई आबकारी नीति लागू हो रही है, जिसके तहत सरकारी शराब दुकानों में कांच की जगह प्लास्टिक (PET) बोतलों में शराब बेची जाएगी। नई नीति के तहत ड्यूटी बढ़ने से देशी, विदेशी और बियर महंगी हो जाएंगी। महंगी शराब पर ज्यादा टैक्स का स्लैब तय किया गया है। हालांकि देसी शराब की कीमतें पहले की ही तरह रहेंगी।
