मशहूर कॉमेडियन कृष्णा अभिषेक का कहना है कि उनके लिए हर कैरेक्टर अपने आप में एक नया चैलेंज होता है। खासकर क्रॉस-जेंडर एक्टिंग के दौरान कई बार चीजें उम्मीद के मुताबिक नहीं चलतीं, लेकिन वे उन गलतियों से सीखते हैं और हंसी-मजाक के जरिए उन्हें सुधारते रहते हैं। लोगों का प्यार जिंदगी को बेहतर बनाता है। कृष्णा ने यह भी कहा कि मिमिक्री करना उन्हें हमेशा से पसंद रहा है। धर्मेंद्र पाजी की मिमिक्री उनकी सबसे फेवरेट है, जिसे वे बड़े मजे से निभाते हैं। कृष्णा अभिषेक चेट्रीचंड्र महोत्सव में शामिल होने रायपुर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल से खास बातचीत की। पढ़िए उनकी जिंदगी और करियर से जुड़े कुछ दिलचस्प किस्से… सवाल- स्क्रीन पर आप लोगों को हंसाते हैं, इसका आपकी जिंदगी में क्या बेनिफिट होता है? जवाब- इसका मेरी निजी जिंदगी पर असर काफी सकारात्मक रहा है। सबसे बड़ी बात ये है कि लोगों से बहुत प्यार मिलता है। खासकर महिलाएं क्योंकि घर में ज्यादातर रिमोट उनके हाथ में होता है वो हमारे काम को ज्यादा देखती हैं और सराहती हैं। जब भी उनसे मुलाकात होती है, वो बहुत प्यार और दुआएं देती हैं। आज की स्ट्रेसफुल लाइफ में अगर हमारा काम किसी का मूड हल्का कर पाता है, तो इससे बड़ी खुशी और क्या हो सकती है। लोगों का यही प्यार, आशीर्वाद और पॉजिटिविटी हमारी जिंदगी को और बेहतर बनाता है। सवाल- क्रॉस जेंडर एक्टिंग में गेटअप चेंज करने के लिए कितना वक्त मिलता है, कैसे टाइम मैनेज होता है? जवाब- देखिए, कोई भी परफॉर्मेंस के पीछे एक पूरा प्रोसेस होता है। हमें अच्छा-खासा समय दिया जाता है, टीम हमारे साथ मिलकर पूरी तैयारी करवाती है, रिहर्सल करवाई जाती है और फिर हम सब साथ बैठकर प्लान करते हैं कि सीन को कैसे बेहतर तरीके से किया जाए। इसलिए ऑन-स्क्रीन जो चीजें आसान लगती हैं, उसके पीछे काफी मेहनत और टीमवर्क होता है। सवाल- कौन सा किरदार आपके लिए सबसे चुनौतीपूर्ण रहा है? आपको सबसे फेवरेट कौन सा लगता है? जवाब- जहां तक अलग-अलग किरदार निभाने की बात है, तो मेरे हिसाब से हर रोल अपने आप में चैलेंजिंग होता है। क्योंकि जब भी आप स्टेज या कैमरे के सामने जाते हैं, तो मन में एक हल्की-सी घबराहट जरूर रहती है कि सब कुछ ठीक से होगा या नहीं। वही घबराहट आपको और बेहतर करने के लिए मोटिवेट भी करती है। लेकिन अगर अपने सबसे पसंदीदा किरदार की बात करूं, तो धरम जी का रोल मेरे दिल के बहुत करीब रहा है। उनसे मेरा एक पर्सनल कनेक्शन भी था। वो बेहद सरल और अच्छे इंसान थे, और मुझसे खास स्नेह रखते थे। जब उनके निधन की खबर मिली, तो मैं उस वक्त भारत में नहीं था, अमेरिका में था, बहुत ज्यादा दुख हुआ। जब भी मैं धरम जी का किरदार निभाता था, तो उसमें एक अलग ही इमोशन जुड़ जाता था। सवाल- क्रॉस जेंडर एक्टिंग के दौरान कई चीजे फेल हो जाती है, ऑन कैमरा कैसे मैनेज करते हैं? जवाब- हां ये सही है कि एक्टिंग के दौरान हमारी कई बार चीजें फेल हो जाती हैं। लेकिन खास बात ये है कि हम उन्हें संभालना जानते हैं। स्टेज पर या शूट के दौरान अगर कुछ गड़बड़ हो भी जाए, तो हम सब मिलकर उसे तुरंत मैनेज कर लेते हैं। हमारी टीम बहुत मजबूत है। कपिल भाई, सुनील, किकू और बाकी सभी कलाकार हम सबके बीच इतनी अच्छी अंडरस्टैंडिंग है कि कोई भी सीन खराब नहीं होने देते। अगर कोई गलती हो भी जाए, तो उसे हम हंसी-मजाक में ही कवर कर लेते हैं, और कई बार वही चीज दर्शकों को और ज्यादा एंटरटेन कर जाती है। सवाल- लंबी स्क्रिप्ट याद कैसे रखते हैं? कई बार डायलॉग भूलने पर क्या करते हैं। जवाब- जहां तक स्क्रिप्ट की बात है, तो कॉमेडी में लंबी-लंबी स्क्रिप्ट्स होती हैं, जिन्हें याद रखना आसान नहीं होता। लेकिन हम लोग बहुत मेहनत करते हैं, खूब रिहर्सल करते हैं, इसलिए चीजें अच्छे से सेट हो जाती हैं। और सबसे जरूरी बात ये है कि हम सब खुद भी इस प्रोसेस को बहुत एंजॉय करते हैं। यही वजह है कि अगर छोटी-मोटी गलतियां भी हो जाएं, तो हम उन्हें बोझ नहीं बनने देते, बल्कि हंसते-खेलते उन्हें भी परफॉर्मेंस का हिस्सा बना लेते हैं। सवाल- हमें जब स्ट्रेस होता है, तो वो कॉमेडी शोज देख लेते हैं, स्ट्रेस होने पर आप क्या करते है? जवाब- ये मेरे केस में थोड़ा अलग है। जब मैं स्ट्रेस में होता हूं, तो मेरे सामने कश्मीरा ही होती हैं…और सच कहूं तो वही हमारे लिए एक और स्ट्रेस बन जाती हैं (हंसते हुए)। तो ऐसा नहीं है कि हम स्ट्रेस से बाहर निकलने के लिए कुछ खास करते हैं, हम तो उसी में हंसते-खेलते जी लेते हैं। यही हमारा तरीका है, स्ट्रेस को भी मजाक में बदल देने का। सवाल- यूथ जो एक्टिंग में जाना चाहते हैं, उन्हें क्या टिप्स देना चाहेंगे? जवाब- आजकल का युथ वाकई बहुत अच्छा काम कर रहा है। मैं सोशल मीडिया पर देखता रहता हूं नए-नए लोग कॉमेडी में शानदार परफॉर्म कर रहे हैं। मुझे तो लगता है कि उन्हें अलग से टिप्स देने की जरूरत ही नहीं है। आज का यंग टैलेंट खुद ही एक्सपेरिमेंट करता है, अपनी स्टाइल बनाता है और उसी में आगे बढ़ रहा है। सबसे अच्छी बात ये है कि जो नए लोग आ रहे हैं, वो सीनियर्स को बहुत रिस्पेक्ट देते हैं। ये बहुत पॉजिटिव चीज है और इंडस्ट्री के लिए भी अच्छा संकेत है। कुल मिलाकर, सभी लोग बहुत बढ़िया काम कर रहे हैं और आगे का फ्यूचर काफी ब्राइट लग रहा है। सवाल- आप फ्री टाइम में क्या करते है? हॉबी क्या है? जवाब- मेरे फ्री टाइम की बात है, तो जब भी मौका मिलता है, हम घूमना-फिरना पसंद करते हैं। जैसे अभी रायपुर आए हैं, तो यहां घूम रहे हैं, अच्छा खाना खा रहे हैं और दोस्तों के साथ समय बिता रहे हैं, यहां हमारे दोस्त होपी के पास भी आए हैं। और अगर मुंबई में होते हैं, तो सच कहूं तो फ्री टाइम बहुत कम मिलता है। वहां खाली समय में भी हम अपने काम से जुड़े रहते है कभी एक्टिंग की प्रैक्टिस, कभी डांस, कभी कुछ नया सीखना। इसके अलावा परिवार के साथ वक्त बिताना भी बहुत जरूरी होता है। बच्चों के साथ टाइम स्पेंड करते हैं और कश्मीरा के साथ भी क्वालिटी टाइम निकालते हैं। सवाल- एक्टिंग में करियर बनाने के लिए गंभीर लोग कैसे सीखें? क्या स्टेप्स होना चाहिए। जवाब- अगर कोई इस फील्ड में सीरियसली आना चाहता है, तो मैं यही कहूंगा कि सबसे पहले ऑब्जर्व करना सीखिए। हमारा शो देखिए, एंजॉय करिए लेकिन सीखने वाले ध्यान से देखिए। जब आप हर एक्ट को गौर से देखेंगे, तो उसमें आपको बहुत कुछ सीखने को मिलेगा। हम लोग इतने सालों से जो मेहनत कर रहे हैं, उसका एक्सपीरियंस हर परफॉर्मेंस में नजर आता है। और ऐसा नहीं है कि सिर्फ आप ही हमसे सीखेंगे हम भी नए युथ से बहुत कुछ सीखते हैं। ये एक लगातार चलने वाला प्रोसेस है, जहां हर कोई एक-दूसरे से सीख रहा है।
