छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र का आज आखिरी दिन है। अंतिम दिन होने की वजह से विपक्ष जहां सरकार को घेरने की कोशिश करेगा, वहीं सरकार अपने अहम विधेयकों को पारित कराने पर फोकस रखेगी। प्रश्नकाल के दौरान नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत प्रदेश में खतरनाक अपशिष्ट उत्पन्न करने वाले उद्योगों का मामला उठाएंगे। विधायक सुनील सोनी सप्तपर्णी (छातिम) वृक्ष के रोपण पर रोक से जुड़ा मुद्दा उठाएंगे। पुन्नूलाल मोहले शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों की ओर से NPS से OPS योजना के चयन का विषय उठाएंगे। वहीं, विधायक रामकुमार टोप्पो मैनपाट स्थित कर्मा एथनिक रिसॉर्ट के संधारण को लेकर मुद्दा उठाएंगे। इसके साथ ही विधायक हर्षिता स्वामी बघेल डोंगरगढ़ में ‘प्रसाद योजना’ के तहत श्री यंत्र भवन निर्माण में अनियमितताओं का मामला सदन में रखेंगी। 71 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव, कई विभागों पर सवाल आज कुल 71 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव भी लगाए गए हैं, जिससे साफ है कि सरकार को अलग-अलग विभागों पर जवाब देना होगा। तुलेश्वर मरकाम रायपुर संभाग में आबकारी अधिकारियों की कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाकर मंत्री का ध्यान आकर्षित करेंगे। वहीं, सुनील सोनी रायपुर शहर में नए मार्गों पर सिटी बस सेवा शुरू नहीं होने को लेकर उपमुख्यमंत्री अरुण साव का ध्यान आकर्षित करेंगे। तीन अहम विधेयक आज हो सकते हैं पारित सत्र के आखिरी दिन सरकार तीन महत्वपूर्ण विधेयकों को पेश कर उन्हें पारित कराने की कोशिश करेगी। सबसे पहले वाणिज्यिक कर मंत्री ओ.पी. चौधरी छत्तीसगढ़ उपकर (संशोधन) विधेयक 2026 को सदन में प्रस्तुत करेंगे और उस पर चर्चा के बाद पारित कराने का प्रस्ताव रखेंगे। इसके अलावा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय छत्तीसगढ़ (लोक भर्ती-व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक 2026 पर विचार और पारित कराने का प्रस्ताव रखेंगे। यह विधेयक भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी रोकने के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। इसी के साथ छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल विधेयक 2026 भी सदन में लाया जाएगा, जिसके जरिए भर्ती प्रक्रिया को व्यवस्थित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा सकता है। ……………………….. बजट सत्र से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… छत्तीसगढ़ में अब धर्मांतरण कराने पर उम्रकैद: विधानसभा में धर्म स्वतंत्रता बिल पास, 25 लाख जुर्माना लगेगा, मददगारों को भी होगी जेल छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज धर्म स्वातंत्र्य विधेयक, 2026 पास हो गया है। अवैध तरीके से धर्मांतरण कराने के मामलों में दोषी पाए जाने पर 7 से 10 साल तक की जेल और कम से कम 5 लाख रुपए जुर्माना लगाया जाएगा। पढ़ें पूरी खबर…
