दिल्ली के पूर्व सीएम और AAP नेता अरविंद केजरीवाल आज दोपहर करीब 12 बजे कनॉट प्लेस पहुंचेंगे। वे यहां हनुमान मंदिर में दर्शन करेंगे। उनके साथ मनीष सिसोदिया, AAP सांसद संजय सिंह समेत अन्य नेता भी होंगे। एक दिन पहले ही दिल्ली शराब नीति से जुड़े सीबीआई मामले में केजरीवाल-सिसोदिया समेत 23 लोगों को दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट में बरी किया। कल शाम केजरीवाल ने AAP दफ्तर में प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की थी। उन्होंने कहा था कि पीएम मोदी और अमित शाह ने हमारे खिलाफ षड्यंत्र रचा। वे AAP को हरा नहीं पाए तो खत्म करने जुट गए। उन्होंने कहा कि मैंने जिंदगी में सिर्फ ईमानदारी कमाई, कोर्ट में ये साबित हो गया। दरअसल, दिल्ली शराब नीति केस 2021-22 की आबकारी नीति में घोटाले का नाम है। आरोप है कि केजरीवाल की सरकार के दौरान नई शराब नीति में लाइसेंस देने और मार्जिन तय करने में अनियमितताएं हुईं। इससे कुछ निजी कारोबारियों को फायदा पहुंचा। बाद में यह नीति वापस ले ली गई। CBI केस में आरोपियों को बरी किया गया है। ED मामला फिलहाल कोर्ट में विचाराधीन है। ED मामले में भी बरी हो सकते हैं केजरीवाल अगस्त 2022 में CBI की चार्जशीट के आधार पर ED ने भी इस मामले में केस दर्ज किया था। ED के मामले भी अभी सुनवाई जारी है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि CBI मामले में केजरीवाल समेत अन्य लोगों के बरी होने के कारण ये सभी ED मामले में भी बरी हो सकते हैं। क्योंकि ED का मामला अब कमजोर पड़ गया है। राउज एवेन्यू कोर्ट की 4 बड़ी बातें कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया सहित सभी 23 आरोपियों को बरी किया। कहा कि हजारों पन्नों की चार्जशीट में कई खामियां हैं और उसमें लगाए गए आरोप किसी गवाह या बयान से साबित नहीं होते। चार्जशीट में विरोधाभास हैं, जो कथित साजिश (आरोपों) की पूरी थ्योरी को कमजोर करते हैं। अदालत ने सीबीआई के जांच अधिकारी (आईओ) के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी दिए हैं। आबकारी नीति पर: आबकारी नीति के निर्माण में कोई व्यापक साजिश या आपराधिक मंशा नहीं थी। अभियोजन पक्ष (सीबीआई) का मामला न्यायिक जांच पर खरा नहीं उतरता। CBI ने साजिश की एक कहानी गढ़ने की कोशिश की, लेकिन उसका सिद्धांत ठोस साक्ष्यों के बजाय मात्र अनुमान पर आधारित था। केजरीवाल पर: केजरीवाल का नाम बिना किसी ठोस सबूत के जोड़ा गया। जब मामला किसी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति से जुड़ा हो, तब बिना पुख्ता सबूतों के आरोप लगाना कानून के सिद्धांतों के खिलाफ है। मुख्य आरोपी कुलदीप पर: मुख्य आरोपी कुलदीप सिंह को बरी करते हुए कहा कि हैरानी की बात है कि उन्हें पहला आरोपी क्यों बनाया गया, जबकि उनके खिलाफ कोई ठोस सामग्री नहीं थी। मनीष सिसोदिया पर: सिसोदिया पर आरोप था कि वे शराब नीति बनाने और लागू करने के जिम्मेदार थे, लेकिन अदालत ने कहा कि उनके शामिल होने का कोई सबूत नहीं मिला और न ही उनके खिलाफ कोई बरामदगी हुई। केजरीवाल बोले- मैंने जिंदगी में सिर्फ इज्जत और ईमानदारी कमाई शुक्रवार को केजरीवाल ने कहा था कि मैंने जिंदगी में इज्जत और ईमानदारी कमाई है। एक पैसा नहीं कमाया, ये लोग उसी पर चोट करना चाहते थे। इसलिए षड्यंत्र रचा। कोर्ट में आज साफ हुआ केजरीवाल, सिसोदिया, संजय सिंह और आम आदमी पार्टी कट्टर ईमानदारी हैं। इस षडयंत्र के कारण मेरे परिवार को बहुत परेशानी हुई। मेरी मां अस्पताल गईं, वो बहुत रोईं। सिसोदिया की पत्नी को गंभीर बीमारी है। मोदी और शाह के षड़यंत्र के कारण दिल्ली के 3 करोड़ लोग खामियाजा भुगत रहे हैं। मेरा चैलेंज है। दिल्ली में आज चुनाव करा दो अगर बीजेपी की 10 से ज्यादा सीटें आ जाएं तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा। पूर्व CM ने कहा कि कई लोग कहते हैं कि जेल से आने के बाद केजरीवाल क्यों चुप हो गया। नेताओं को फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि उनकी चमड़ी मोटी है। लेकिन मैं कोई नेता नहीं हूं। मुझे फर्क पड़ता है। मेरे परिवार पर पत्थर उछाले गए, मुझे फर्क पड़ता है। केजरीवाल ने कहा-आज मेरे दिल से बड़ा बोझ उतर गया है। एक समय AAP के टॉप 5 नेता जेलमें थे, लेकिन कुछ नहीं बिगाड़ सके। अब तो केवल कत्ल कराकर ही केजरीवाल को कंट्रोल कर सकते हैं। बिना कत्ल कराए ये लोग केजरीवाल को संभाल नहीं सकते हैं। BJP का पोस्टर- AAP के पाप अभी पाप धुले नहीं हैं केजरीवाल-सिसोदिया के बरी होने के फैसले पर भाजपा ने कहा है कि कानूनी प्रक्रिया अभी खत्म नहीं हुई है। अदालत ने सबूतों के अभाव में बरी किया है। यह एक तकनीकी पहलू है और CBI आगे की कार्रवाई करेगी। अगर घोटाले के आरोप निराधार थे तो आरोप तय कैसे हुए? भाजपा आईटी सेल चीफ अमित मालवीय ने कहा कि फैसला निचली अदालत का है और उच्च अदालतों में इसकी जांच हो सकती है। कानूनी प्रक्रिया अभी बहुत दूर तक बाकी है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल ईमानदार थे तो अनियमितताओं के संकेत मिलने के बाद नीति वापस क्यों ली गई? फोन और सिम कार्ड नष्ट करने तथा वेंडरों की संख्या घटाकर कमीशन 6% से 12% करने जैसे फैसलों क्यों लिए गए। दिल्ली भाजपा ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट जारी किया, जिसमें लिखा है- AAP के पाप अभी पाप धुले नहीं हैं। ………………….. दिल्ली शराब नीति पर CAG रिपोर्ट- 2026 करोड़ का नुकसान: केजरीवाल सरकार ने फैसलों पर LG की मंजूरी नहीं ली, लाइसेंस में गड़बड़ी; नेताओं को घूस पिछले साल दिल्ली में शराब नीति को लेकर CAG (कंप्ट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल ऑफ इंडिया) की रिपोर्ट लीक हुई। इसमें सरकार को 2026 करोड़ रुपए का रेवेन्यू लॉस होने की बात कही थी। रिपोर्ट में बताया गया था कि शराब नीति में काफी गड़बड़ियां थीं, जिनमें लाइसेंस देने में खामी भी शामिल है। इसके साथ ही आप लीडर्स को कथित तौर पर घूस के जरिए फायदा पहुंचाया गया। पूरी खबर पढ़ें…
