बजट वादे पूरा करने कर्ज ले सकती है सरकार:वित्तमंत्री ओपी बोले- RBI की तय लिमिट में लेंगे, किसानों को 5HP तक बिजली फ्री

छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने ‘संकल्प’ की थीम पर वित्तीय वर्ष 2026-27 का 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपए का बजट पेश किया। दैनिक भास्कर डिजिटल से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि यह किसी एक क्षेत्र विशेष पर केंद्रित नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के संतुलित विकास का बजट है। ओपी चौधरी ने कहा कि बस्तर और सरगुजा पर विशेष ध्यान जरूर है, लेकिन मैदानी इलाकों सहित सभी क्षेत्रों के लिए समान रूप से प्रावधान किए गए हैं। साथ ही कर्ज को लेकर उठ रहे सवालों पर उन्होंने दो टूक कहा कि राज्य भारतीय रिजर्व बैंक की तय सीमा के भीतर ही ऋण लेगा और उसका बेहतर उपयोग विकास कार्यों में किया जाएगा। संकल्प बजट’ के साथ क्या है सरकार का पूरा विजन, पढ़िए पूरा इंटरव्यू:- सवाल: साय सरकार के कार्यकाल का तीसरा बजट आपने पेश किया। छत्तीसगढ़ का आम नागरिक अपने वित्त मंत्री से इस बजट को कैसे समझे कि उसे क्या मिला? जवाब: हमने बजट के प्रावधानों को बहुत सरल तरीके से समझाया है। बस्तर के युवाओं के लिए अबूझमाड़ और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी लाई गई है। बाकी क्षेत्रों के बच्चों और युवाओं के लिए मुख्यमंत्री शिक्षा सहयोग योजना लाई गई है, जिसके तहत संभाग मुख्यालय में पढ़ाई करने वाले प्रतिभाशाली बच्चों को आर्थिक सहायता मिल सकेगी। उड़ान, शिखर और मंजिल जैसी योजनाएं भी लाई गई है, जिससे बैंकिंग, रेलवे, एसएससी जैसी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे बच्चों को आर्थिक मदद मिल सके। माताओं-बहनों के लिए 8 हजार 200 करोड़ रुपए की महतारी वंदन योजना है। उनके पंजीयन शुल्क को 50 प्रतिशत करने की योजना हमारे संकल्प पत्र के अनुरूप है। रानी दुर्गावती योजना के तहत बालिकाओं के 18 वर्ष होने पर उन्हें डेढ़ लाख रुपए की राशि मिलेगी। यह भी हमारे संकल्प पत्र का हिस्सा है। इससे माताओं-बहनों को लाभ मिलेगा। किसानों के लिए कृषक उन्नति योजना में 10 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान है। 5 एचपी तक की बिजली निशुल्क देने के लिए 5 हजार 500 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया है। खेती के लिए सहकारी बैंकों से जो ब्याज मुक्त ऋण मिलता है, उस पर 300 करोड़ रुपए का प्रावधान है। इसके अलावा कृषक उन्नति योजना को दलहनी और तिलहनी फसलों की ओर भी विस्तारित किया गया है। पाम ऑयल के लिए भारत सरकार के मिशन के तहत टॉपअप राशि देने की योजना लाई गई है। एंटरप्रेन्योर और उद्योगपतियों के लिए यह बजट निवेश की संभावनाओं से परिपूर्ण है। हमारी पूरी कोशिश है कि गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी सभी के कल्याण की व्यवस्था हो। साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, खेल विकास और एयर कनेक्टिविटी पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है। बस्तर-सरगुजा हो या स्टेट कैपिटल रीजन सभी क्षेत्रों को संतुलन के साथ ध्यान में रखकर बजट पेश किया गया है। सवाल: बजट देखकर ऐसा लगा जैसे आप बस्तर और सरगुजा के लिए स्पेशल पैकेज लेकर आए हैं। जवाब: ऐसा नहीं है। बस्तर और सरगुजा पर विशेष ध्यान जरूर है, लेकिन मैदानी इलाकों के लिए प्रावधानों की कोई कमी नहीं है। अगर हम इंद्रावती नदी पर 2 हजार करोड़ रुपए की सिंचाई परियोजना की बात करते हैं, तो मैदानी इलाकों के लिए 4 हजार करोड़ रुपए की सिंचाई परियोजना का भी प्रावधान है। अगर बस्तर क्षेत्र की सड़कों का जिक्र करते हैं, तो रायपुर की सड़कों की भी बात करते हैं। मैदानी क्षेत्रों में विशेष रूप से छत्तीसगढ़ की 36 सड़कों के अपग्रेडेशन पर फोकस किया गया है। मैंने बिलासपुर का जिक्र किया, रायपुर के प्रोजेक्ट्स का जिक्र किया, एससीआर और मेट्रो का जिक्र किया। नए निवेश आ रहे हैं, उनका भी उल्लेख किया गया है। सभी क्षेत्रों का ध्यान रखते हुए संतुलन के साथ बजट तैयार किया गया है। सवाल: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह जब आए थे, तब क्या उन्होंने बस्तर पर विशेष फोकस करने कहा था? जवाब: दरअसल, बजट भाषण की शुरुआत समावेशी विकास के विचार से हुई। स्वाभाविक रूप से बस्तर और सरगुजा का उल्लेख शुरू में हुआ, इसलिए आपको ऐसा लग रहा है। यह बजट पूर्णतः समग्रता का बजट है। किसी एक क्षेत्र विशेष पर केंद्रित बजट नहीं है, बल्कि पूरे प्रदेश को ध्यान में रखकर तैयार किया गया समग्र विकास का बजट है। सवाल: 25 साल हो गए छत्तीसगढ़ राज्य को बने। पहला बजट जब आया था तब वह 5 हजार 700 करोड़ रुपए का था और अब उसका आकार बढ़कर 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपए हो गया है। इसमें आपने पूंजीगत व्यय भी दर्शाया है। क्या इसके लिए कर्ज लेना पड़ सकता है? जवाब: हर विकासशील अर्थव्यवस्था में अधिक से अधिक पूंजी जुटाने के लिए कर्ज लेना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है। लेकिन कर्ज लेने के बाद उसका बेहतर से बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। कर्ज कितना लेना है, इसके लिए भारतीय रिजर्व बैंक और भारत सरकार के वित्त आयोग द्वारा नियम तय किए गए हैं। हम उसी लिमिट के भीतर हम कर्ज लेंगे और उस राशि का छत्तीसगढ़ के विकास में बेहतर से बेहतर उपयोग सुनिश्चित करेंगे। सवाल: अगर कर्ज को लेकर विपक्ष आपकी आलोचना करता है, तो क्या आप इसके लिए तैयार हैं? जवाब: वे पहले अपने राज्यों को देख लें। हिमाचल प्रदेश को देख आएं। कर्नाटक वे चला रहे हैं, कर्नाटक की स्थिति देख लें। उनके गठबंधन के साथी पंजाब चला रहे हैं, वहां की स्थिति भी देख लें। इन राज्यों की जो हालत है, वित्तीय अनुशासन की धज्जियां उड़ाने वाली पार्टी के लोग हमसे वित्तीय अनुशासन की बात कैसे कर सकते हैं। हम भारतीय रिजर्व बैंक के नियमों के तहत कर्ज ले रहे हैं और उसका बेहतर उपयोग करेंगे। …………………… बजट से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… 01. 1 लाख 72 हजार करोड़ का बजट:23 नए उद्योग खुलेंगे, बच्चियों को डेढ़ लाख, वन-संरक्षण के लिए 930 करोड़, कर्मचारियों का कैशलेस इलाज होगा विधानसभा में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपए का बजट पेश कर ‘संकल्प’ थीम के साथ विकास का रोडमैप रखा। बजट में किसानों को ब्याज मुक्त कर्ज देने की घोषणा की गई, वहीं 18 वर्ष पूरे होने पर बालिकाओं को डेढ़ लाख रुपए दिए जाएंगे। प्रदेश में 23 नए उद्योग खुलेंगे और पांच शहरों के एयरपोर्ट पर शोरूम बनाए जाएंगे। पढ़ें पूरी खबर… 02. भूपेश बोले-ChatGPT से लिखवाया बजट, बुद्धि का उपयोग नहीं हुआ:बैज बोले-गति की दुर्गति, ज्ञान का अल्पज्ञान हो गया, मंत्री नेताम ने कहा-चहुंमुखी विकास होगा छत्तीसगढ़ विधानसभा में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने साय सरकार का तीसरा बजट पेश किया। उन्होंने सदन में 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपए का बजट रखा। इस बार बजट की थीम ‘संकल्प’ रखी गई थी। वित्त मंत्री ने करीब 2 घंटे से ज्यादा समय तक बजट भाषण पढ़ा। बजट पेश होने के बाद पक्ष और विपक्ष के नेताओं ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। पढ़ें पूरी खबर…

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