महाशिवरात्रि…भूत-पिशाच संग निकलेगी भोलेनाथ की बारात:31 हजार निमंत्रण-कार्ड बांटे गए, पाताल भैरवी में महारुद्राभिषेक, रायपुर के 13 मंदिरों में आयोजन

छत्तीसगढ़ में महाशिवरात्रि पर्व पर कई विशेष आयोजन होंगे। राज्य के सबसे प्रसिद्ध गरियाबंद जिले के राजिम में स्थित भूतेश्वर नाथ मंदिर में एक दिन पहले से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर दर्शन किया। आज यहां शिवालय से बाबा भूतेश्वर नाथ की पालकी निकलेगी। राजनांदगांव जिले स्थित मां पाताल भैरवी सिद्धपीठ में विशाल आयोजन होगा। यहां विराजमान दुर्लभ स्फटिक के पातालेश्वर महादेव और पारे के भव्य पारेश्वर ज्योतिर्लिंग का महारुद्राभिषेक रात 10 बजे से शुरु हो गया। वहीं, जगदलपुर के दलपत सागर, रायगढ़ जिले के कोसमनारा में महाशिवरात्रि पर खासा उत्साह देखा जा रहा है। सरगुजा के देवगढ़ स्थित शिवलिंग की अर्धनारीश्वर के रुप में पूजा अर्चना होगी। दुर्ग जिले में राम, रावण, विभिषण, किन्नर, भूत पिशाच, राक्षसों के साथ भगवान की बारात निकलेगी, केरल की झांकी निकलेगी। आयोजन के लिए 31 हजार लोगों को निमंत्रण भेजा गया है। राजधानी रायपुर के 13 शिवमंदिरों में महाशिवरात्रि पर खास इंतजाम किए गए हैं। पहले जानिए रायपुर में कहां क्या तैयारी- दुर्ग में भूत पिशाच राक्षसों के साथ निकलेगी बारात दुर्ग जिले के भिलाई में भगवान भोलेनाथ की बारात एशिया बुक ऑफ रिकार्ड के साथ इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज कराया जाएगा। दूसरे प्रदेश की झांकियां आकर्षण का केंद्र रहेंगे। चार हजार से ज्यादा राम, रावण, विभिषण, किन्नर, भूत पिशाच, राक्षस, अवषण बारात में रहेंगे शामिल। 31 हजार लोगों को निमंत्रण केरल की झांकियों में शिव विवाह, देवी-देवताओं के होंगे दर्शन। आयोजन के लिए 31 हजार कार्ड बांटे गए हैं। बारात हथखोज इंदिरा नगर, भिलाई-चरोदा से निकलेगी। दोपहर 2 बजे इंदिरा नगर हथखोज वार्ड नं. 1 से प्रस्थान कर राम जानकी शिव मंदिर में पूजा अर्चना होगी। ट्रांसपोर्ट नगर होते हुए केनाल रोड, कार्तिकेय चौक, बोलबम चौक, नंदी तिराहा, जोन-1 शिव मंदिर होते हुए जोन-2 श्रीराम चौक होते हुए दुर्गा मैदान खुर्सीपार में विवाह स्थल पर समापन होगा। रायगढ़ में 27 सालों से तपस्या में बैठे बाबा के दर्शन रायगढ़ के कोसमनारा में 27 सालों से तपस्या में बैठे बाबा सत्यनारायण के दर्शन के लिए हजारों भक्त आज दर्शन के लिए पहुंचेंगे। हर साल यहां बड़ीं संख्या में भक्त पहुंचते हैं। इस लिहाज से पुलिस प्रशासन के सुरक्षा के इंतजाम पुख्ता किए गए हैं। रायगढ़ शहर के गौरी शंकर मंदिर में महाशिवरात्रि के दिन विशेष पूजा अर्चना की जाती है। इस दिन श्रद्धालुओं की सुबह से लेकर शाम तक भीड़ होती है। कोसमनारा सत्यनारायण बाबाधाम के ट्रस्टी मुकेश शर्मा ने बताया कि शहर ही नहीं दूसरे जिले से भी श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। आज पूरे दिन भव्य भंडारा चलेगा। सरगुजा के देवगढ़ में 3 दिवसीय मेले का आयोजन सरगुजा के प्राचीन शिवमंदिर में तीन दिवसीय मेले का आयोजन किया गया है। देवगढ़ में अर्धनारीश्वर शिव की पूजा अर्चना की जाती है। अंबिकापुर से 38 किलोमीटर की दूरी पर रेणुका नदी के तट पर स्थित स्थित देवगढ़ का शिव मंदिर शैव संप्रदाय काल की मानी जाती है। यह ऋणि जमदग्नि की तपोभूमि रही है। इस शिवलिंग के मध्यभाग पर शक्ति स्वरुपा मां पार्वती नारी रूप में अंकित है। इसे गौरी शंकर मंदिर भी कहते हैं। अंबिकापुर में निकलेगी शिव बारात अंबिकापुर शहर में शिव बारात निकाली जाएगी। यह बारात संगम गली से निकलेगी, जो बाजे-गाजे के साथ नगर भ्रमण करते हुए महागौरी मंदिर पहुंचेगी। महागौरी मंदिर में शिव-पार्वती विवाह का आयोजन किया जाएगा। देर रात तक विवाह का कार्यक्रम संपन्न होगा। जगदलपुर के मंदिरों में तैयारी पूरी जगदलपुर के दलपत सागर स्थित महादेव मंदिर और महादेव घाट में स्थित शिवालय में भव्य पूजा अर्चना की जाएगी। इन दोनों ही मंदिरों में तैयारी पूरी कर ली गई है। यह दोनों मंदिर जगदलपुर के काफी प्राचीन मंदिर हैं। भक्तों की भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रबंधन और प्रशासन ने तैयारी कर रखी है। बिलासपुर में निकलेगी शिव की बारात
बिलासपुर में महाशिवरात्रि पर्व पर शहर से लेकर गांव तक आस्था की झलक दिखाई देगी। अज्ञेय नगर स्थित शिव मंदिर में भगवान शिव पार्वती की शोभायात्रा के साथ बारात निकाली जाएगी। वहीं, देवालयों में भगवान भोलेनाथ को जलाभिषेक करने पहुंचेंगे। शहर के सरकंडा के सीपत चौक स्थित बघवा मंदिर में शिवरात्रि पर्व पर मेले का आयोजन किया गया है। वहीं, जोरापारा चौक के पास नंदीश्वर महादेव, हरदेव लाल मंदिर, सत्यम चौक मसानगंज स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर सहित शिव मंदिरों में विशेष पूजा आराधना की जाएगी। चांटीडीह रामायण चौक पर हर साल की तरह इस बार तीन दिनी मेले का आयोजन किया गया है।

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