छत्तीसगढ़-तेलंगाना बॉर्डर पर डीआरजी जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हो रही है। बीजापुर जिले के दक्षिणी क्षेत्र में सुबह 7 बजे से रुक-रुक कर दोनों तरफ से फायरिंग जारी है। मामला पामेड़ थाना क्षेत्र का है। हथियार से लैस माओवादियों की मौजूदगी की सूचना पर जवान सर्च ऑपरेशन में निकले थे। जहां नक्सलियों से सामना हो गया। इस मुठभेड़ में 3-4 नक्सलियों के मारे जाने की खबर है। मौके से कुछ हथियार भी बरामद हुए है। वहीं, ग्राम लंकापल्ली के जंगल में जवानों ने 30 किलो वजनी IED भी डिफ्यूज किया है। मारे गए नक्सलियों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हालांकि, मारे गए नक्सलियों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन शुरुआती जानकारी के मुताबिक 3 से 4 नक्सलियों के मारे जाने की संभावना है। बीजापुर, सुकमा और तेलंगाना के सीमावर्ती इलाकों में नक्सलियों की बटालियन सक्रिय है। विशेष रूप से पामेड़ थाना क्षेत्र में नक्सलियों की सक्रियता ज्यादा देखी जा रही है। 30 किलो वजनी IED डिफ्यूज किया गया बीजापुर जिले के ग्राम लंकापल्ली के पास जंगल में नक्सलियों ने 2 IED प्लांट किए थे। जिसे 29 जनवरी की सुबह सर्चिंग पर निकली जवानों की टीम ने डिफ्यूज किया। मामला ईलमिड़ी थाना क्षेत्र का है। कच्ची सड़क पर किया था IED प्लांट डीआरजी बीजापुर, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल 9वीं वाहिनी और बीडीएस की संयुक्त टीम ने सड़क किनारे लगाए गए दो शक्तिशाली आईईडी बरामद किए गए। कुछ दिन पहले इसी इलाके में हुए आईईडी ब्लास्ट में राजू मोडियम नाम का एक ग्रामीण घायल हुआ था, जिसका इलाज जिला अस्पताल में जारी है।
पुलिस के अनुसार, 29 जनवरी को संयुक्त सुरक्षा बल ईलमिड़ी-लंकापल्ली क्षेत्र में सर्चिंग अभियान पर निकले थे। इसी दौरान लंकापल्ली की कच्ची सड़क पर डिमाइनिंग के दौरान नक्सलियों के लगाए गए 20 से 30 किलोग्राम वजन के दो आईईडी का पता चला। बड़ी गाड़ियों को उड़ाने का था मकसद
नक्सलियों ने इन आईईडी को कमांड स्विच सिस्टम के जरिए सड़क के बीचों-बीच लगाया था, जिसका मकसद बड़ी गाड़ियों को निशाना बनाना था। सूचना मिलते ही बीडीएस टीम बीजापुर को मौके पर बुलाया गया, जिन्होंने सभी सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए आईईडी को मौके पर ही सुरक्षित रूप से निष्क्रिय कर नष्ट कर दिया।
कर्रेगुट्टा-पहाड़ी पर IED ब्लास्ट में 11 जवान घायल बीजापुर जिले के कर्रेगुट्टा पहाड़ी में गणतंत्र दिवस से एक दिन पहले 25 जनवरी को एक बाद एक 6 IED (इम्प्रूवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) विस्फोट हुए। जिसकी चपेट में आने से डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG) के 11 जवान घायल हो गए थे।
