NPS में ₹8 लाख जमा तो पूरा निकाल सकेंगे:एंट्री-एग्जिट एज 85 साल हुई, प्राइवेट कर्मचारियों के लिए एन्युटी लिमिट 40% से 20% हुई

पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के एग्जिट और विड्रॉल नियमों में बड़े बदलाव किए हैं। अपडेटेड नियमों के मुताबिक, अगर NPS में कुल जमा 8 लाख रुपए या उससे कम है, तो आप अपना पूरा पैसा निकाल सकते हैं। पहले ये लिमिट 5 लाख रुपए थी। वहीं, गैर सरकारी कर्मचारियों के लिए जमा का सिर्फ 20% हिस्सा एन्युटी खरीदने में लगाना जरूरी रह गया है, पहले ये 40% था। यानी अब वे 80% तक लंपसम निकाल सकते हैं। अगर जमा 12 लाख से ज्यादा है, तो 20% एन्युटी और बाकी लंपसम या स्टेगर्ड (टुकड़ों में) निकासी कर सकते हैं। अगर जमा 8 से 12 लाख के बीच है, तो 6 लाख तक लंपसम और बाकी सिस्टेमेटिक विड्रॉल ऑप्शन से निकाल सकते हैं। नए नियमों से छोटे निवेशकों को रिटायरमेंट पर कैश की जरूरत पूरी करने में आसानी होगी और कर्मचारियों को रिटायरमेंट पर ज्यादा विकल्प मिलेंगे। सरकार ने 16 दिसंबर को नोटिफिकेशन जारी कर इसकी जानकारी दी। सरकारी कर्मचारियों के लिए क्या बदला? गवर्नमेंट एम्प्लॉयी के लिए एन्युटी का नियम पहले जैसा ही है, यानी बड़े कॉर्पस (जमा) पर कम से कम 40% एन्युटी में लगाना पड़ता है। लेकिन छोटे जमा (8 लाख तक) पर पूरा पैसा लंपसम निकालने की लिमिट बढ़ गई। कर्मचारी 8-12 लाख कॉर्पस पर 6 लाख तक लंपसम और बाकी सिस्टेमेटिक पेआउट या एन्युटी के निकाल सकेंगे। एंट्री और एग्जिट एज अब 85 साल तक पहले NPS में पूरी तरह बाहर निकलने की उम्र 75 साल थी, अब इसे बढ़ाकर 85 साल कर दिया गया है। कर्मचारी रिटायरमेंट के बाद भी अकाउंट एक्टिव रख सकते हैं, लंपसम या एन्युटी खरीदना कम या ज्यादा कर सकते हैं। इससे मार्केट रिटर्न का फायदा लंबे समय तक मिलता रहेगा। नॉन-गवर्नमेंट यूजर्स 60 से 85 साल के बीच कभी भी एग्जिट ले सकते हैं। सिस्टेमेटिक विड्रॉल का नया ऑप्शन नए नियमों में सिस्टेमेटिक यूनिट रिडेम्प्शन (SUR) का ऑप्शन जोड़ा गया है। कर्मचारी पूरा पैसा एक साथ न निकालकर धीरे-धीरे निकाल सकते हैं, कम से कम 6 साल तक। इससे टैक्स प्लानिंग और कैश फ्लो मैनेज करने में मदद मिलेगी। पहले क्या थे नियम पहले नॉन-गवर्नमेंट में 40% एन्युटी अनिवार्य थी, गवर्नमेंट में भी बड़े कॉर्पस पर सख्त नियम। छोटे कॉर्पस पर लिमिट कम थी और एग्जिट एज भी सीमित। PFRDA ने इन बदलावों से NPS को ज्यादा अट्रैक्टिव बनाने की कोशिश की है, ताकि लोग रिटायरमेंट सेविंग्स के लिए इसे चुनें। आगे क्या असर पड़ेगा ये बदलाव सब्सक्राइबर्स को अपनी जरूरत के हिसाब से पैसा यूज करने की आजादी देंगे। छोटे इन्वेस्टर को पूरा कैश मिलेगा, बड़े को ज्यादा लंपसम। लेकिन एन्युटी कम होने से लॉन्ग टर्म पेंशन इनकम पर असर पड़ सकता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इससे NPS में ज्यादा लोग जुड़ेंगे और रिटायरमेंट प्लानिंग आसान होगी। —————————— नए बदलाव से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… EPF अकाउंट से अब पूरा पैसा निकाल सकेंगे: डॉक्यूमेंट्स भी जमा करने की जरूरत नहीं होगी, EPFO ने नियमों को आसान बनाया अब EPF अकाउंट से पूरा पैसा निकाला जा सकेगा। EPFO ने 13 अक्टूबर को हुई सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT) की मीटिंग में इसका ऐलान किया। सेंट्रल लेबर मिनिस्टर मनसुख मांडविया की अध्यक्षता में हुई मीटिंग में कई राहत भरे फैसले लिए गए। इन फैसलों से नौकरीपेशा लोगों को अपने EPF से पैसा निकालना अब पहले से कहीं ज्यादा आसान हो जाएगा। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें…

More From Author

भर्ती परीक्षाओं में देरी से परेशान छात्रा का सुसाइड:ट्यूशन टीचर से नाराज 8वीं का छात्र छत से कूदा; यूपी पुलिस की 41,424 भर्तियों समेत 3 नौकरियां

TMC सांसद ने गडकरी से पूछा- एक घुसपैठिया मिला क्या:केंद्रीय मंत्री बोले- मिलवाएंगे कभी; विपक्ष SIR के जरिए घुसपैठियों को निकालने का आरोप लगा रहा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *