महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा ऑपरेशन सिंदूर के पहले ही दिन भारत को हार का सामना करना पड़ा था। एयरफोर्स के विमान गिराए गए थे। मंगलवार को पुणे में प्रेस कॉन्फ्रेंस में चव्हाण ने कहा- 7 मई को हुई करीब आधे घंटे की हवाई झड़प में भारतीय विमान उड़ान भरने की हालत में नहीं थे, क्योंकि पाकिस्तान की ओर से उन्हें गिराए जाने का खतरा था। इसी वजह से एयरफोर्स को पूरी तरह ग्राउंड कर दिया गया था। उन्होंने दावा किया कि अगर ग्वालियर, बठिंडा या सिरसा से कोई विमान उड़ता, तो उसके गिरने की पूरी आशंका थी। चव्हाण ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जमीन पर सेना की एक किलोमीटर की भी मूवमेंट नहीं हुई। लड़ाई सिर्फ हवाई और मिसाइल हमलों तक सीमित रही। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या भविष्य में होने वाली लड़ाइयों में 12 लाख सैनिकों वाली बड़ी थलसेना की जरूरत होगी क्या? उन्हें किसी और काम में भी लगाया जा सकता है। 7 मई को शुरू हुआ था ऑपरेशन सिंदूर जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को आतंकियों ने 26 लोगों की गोली मारकर हत्या की थी। इसके जवाब में भारत ने 6-7 मई रात ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया था। भारत ने 24 मिसाइलें दागीं थीं। भारत ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) और पाकिस्तान में मौजूद 9 आतंकी ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की थी। सेना ने 100 आतंकियों को मार गिराया था। दोनों देशों के बीच 10 मई की शाम 5 बजे से सीजफायर पर सहमति बनी थी। ……………………………… ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… आर्मी चीफ बोले- ऑपरेशन सिंदूर एक भरोसेमंद ऑर्केस्ट्रा जैसा था:हर म्यूजिशियन ने भूमिका निभाई, 22 मिनट में सेना ने 9 आतंकी ठिकाने तबाह किए आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर एक भरोसेमंद ऑर्केस्ट्रा की तरह था, जहां हर म्यूजिशियन ने एक साथ मिलकर काम करने वाली भूमिका निभाई, इसी तरह 22 मिनट में भारतीय सेना ने 9 आतंकी जगहों को तबाह कर दिया। मिलिट्री ऑपरेशन में हालात के बदलने के साथ बदलाव का अंदाजा लगाने की दूर की सोच दिखाई देती है। पूरी खबर पढ़ें…
