भारत ने तूफान दितवाह से प्रभावित श्रीलंका के लिए राहत सामग्री ले जा रही पाकिस्तान की ओवरफ्लाइट को अपने एयरस्पेस से गुजरने की मंजूरी दे दी है। यह मंजूरी महज 4 घंटों के अंदर दी गई। ओवरफ्लाइट यानी, जब कोई विदेशी विमान किसी देश की सीमा के ऊपर से गुजरता है, लेकिन वहां लैंड नहीं करता, तो उसे ओवरफ्लाइट कहते हैं। सरकार की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया कि पाकिस्तान ने सोमवार को दोपहर लगभग 1 बजे भारतीय एयरस्पेस के ऊपर से उड़ान भरने की रिक्वेस्ट की थी। पाकिस्तान ने 1 दिसंबर को ही ओवरफ्लाइट इजाजत मांगी थी। इसका मकसद श्रीलंका को मानवीय मदद देना बताया गया। इसे देखते हुए भारत ने बहुत तेजी से रिक्वेस्ट प्रोसेस की। इस दौरान सोमवार को 5.30 बजे आधिकारिक चैनलों के जरिए पाकिस्तानी विमान को भारतीय हवाई क्षेत्र से गुजरने की परमिशन दी गई। इसकी जानकारी पाकिस्तान सरकार को दे दी गई। पाकिस्तानी मीडिया का दावा- भारत ने एयरस्पेस नहीं खोला अधिकारियों का यह बयान तब आया जब पाकिस्तानी मीडिया ने कहा कि नई दिल्ली ने ओवरफ्लाइट के लिए अपने एयरस्पेस का इस्तेमाल करने की इजाजत देने से मना कर दिया है। अधिकारियों ने इन आरोपों को बेबुनियाद और गुमराह करने वाला बताया। भारतीय अधिकारियों ने कहा कि यह मंजूरी पूरी तरह से मानवीय कदम था, जो पाकिस्तान के भारतीय एयरलाइनों के लिए अपने एयरस्पेस के इस्तेमाल पर बैन लगाए रखने के बावजूद दिया गया। मैप से समझिए साइक्लोन दितवाह का रास्ता… दितवाह ने श्रीलंका में तबाही मचाई, 334 लोग मारे गए साइक्लोन दितवाह की वजह से श्रीलंका में भारी बाढ़ आई है। श्रीलंका में कम से कम 334 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। 370 लोग लापता हैं। देश में 11 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। लगभग 2 लाख लोग घर छोड़कर शेल्टर होम में रह रहे हैं। भारत ने साइक्लोन दितवाह से निपटने के लिए ऑपरेशन सागर बंधु के तहत श्रीलंका को 53 टन राहत सामग्री भेजी है। कोलंबो में इंडियन नेवी के दो जहाज से 9.5 टन इमरजेंसी राशन भेजा गया है। इनमें टेंट, तिरपाल, कंबल, हाइजीन किट, रेडी-टू-ईट खाने की चीजें, दवाइयां और सर्जिकल इक्विपमेंट समेत 31.5 टन और राहत सामग्री एयरलिफ्ट करने के लिए इंडियन एयर फोर्स के तीन एयरक्राफ्ट तैनात हैं। साथ ही पांच लोगों की मेडिकल टीम, NDRF की 80 लोगों की स्पेशल टीम भी भेजी हैं। इसके अलावा, नई दिल्ली ने इंडियन नेवी के जहाज सुकन्या (त्रिंकोमाली में) पर 12 टन और राहत सामग्री भेजी है, जिससे कुल सामग्री 53 टन हो गई है।
