भारतीय इकोनॉमी दूसरी तिमाही में 8.2% से बढ़ी:यह पिछली 6 तिमाही में सबसे ज्यादा, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के बेहतर प्रदर्शन से मिली ग्रोथ

वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में भारत की GDP ग्रोथ 8.2% हो गई है। ये पिछली 6 तिमाही में सबसे ज्यादा है। पिछले साल की समान तिमाही में ये 5.6% थी। वहीं पिछली तिमाही यानी अप्रैल-जून में ये 7.8% रही थी। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के बेहतर परफॉर्मेंस की वजह से GDP में ये उछाल आया है। साल दर साल आधार पर सेक्टर-वाइज GDP ग्रोथ सोर्स: सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय पिछली 6 तिमाही में GDP ग्रोथ RBI ने 6.5% इकोनॉमी ग्रोथ का अनुमान जताया था 1 अक्टूबर को रिजर्व बैंक (RBI) ने मॉनेटरी पॉलिसी मीटिंग में FY26 के लिए इकोनॉमी ग्रोथ का अनुमान 6.5% से बढ़ाकर 6.8% कर दिया। ये अनुकूल माहौल, सरकार और रिजर्व बैंक की सहायक नीतियों के साथ, भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए निकट भविष्य में अच्छा संकेत देता है। भले ही ग्लोबल ट्रेड की चुनौतियां बनी हुई हैं, लेकिन भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं कुछ हद तक कम हुई हैं। GDP क्या है? इकोनॉमी की हेल्थ को ट्रैक करने के लिए GDP का इस्तेमाल होता है। ये देश के भीतर एक तय समय में सभी गुड्स और सर्विस की वैल्यू को दिखाती है। इसमें देश की सीमा के अंदर रहकर जो विदेशी कंपनियां प्रोडक्शन करती हैं, उन्हें भी शामिल किया जाता है। दो तरह की होती है GDP GDP दो तरह की होती है। रियल GDP और नॉमिनल GDP। रियल GDP में गुड्स और सर्विस की वैल्यू का कैलकुलेशन बेस ईयर की वैल्यू या स्टेबल प्राइस पर किया जाता है। फिलहाल GDP को कैलकुलेट करने के लिए बेस ईयर 2011-12 है। वहीं नॉमिनल GDP का कैलकुलेशन करंट प्राइस पर किया जाता है। कैसे कैलकुलेट की जाती है GDP? GDP को कैलकुलेट करने के लिए एक फॉर्मूले का इस्तेमाल किया जाता है। GDP=C+G+I+NX, यहां C का मतलब है प्राइवेट कंजम्प्शन, G का मतलब गवर्नमेंट स्पेंडिंग, I का मतलब इन्वेस्टमेंट और NX का मतलब नेट एक्सपोर्ट है। GDP की घट-बढ़ के लिए जिम्मेदार कौन है? GDP को घटाने या बढ़ाने के लिए चार इम्पॉर्टेंट इंजन होते हैं। 1. आप और हम- आप जितना खर्च करते हैं, वो हमारी इकोनॉमी में योगदान देता है। 2. प्राइवेट सेक्टर की बिजनेस ग्रोथ- ये GDP में 32% योगदान देती है। 3. सरकारी खर्च- इसका मतलब है गुड्स और सर्विसेस प्रोड्यूस करने में सरकार कितना खर्च कर रही है। इसका GDP में 11% योगदान है। 4. नेट डिमांड- इसके लिए भारत के कुल एक्सपोर्ट को कुल इम्पोर्ट से घटाया जाता है, क्योंकि भारत में एक्सपोर्ट के मुकाबले इम्पोर्ट ज्यादा है, इसलिए इसका इम्पैक्ट GPD पर निगेटिव ही पड़ता है।

More From Author

विमेंस बिग बैश से जेमिमा ने अपना नाम वापस लिया:स्मृति के साथ रहने का फैसला; सुनील शेट्टी बोले- असली टीममेट ऐसे ही होते हैं

पुतिन बोले- रूस कभी यूरोप पर हमला नहीं करेगा:कागज पर लिखकर देने को तैयार हूं, यूरोपीय नेता हथियार कंपनियों के तलवे चाट रहे

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *