इंफोसिस का मुनाफा दूसरी तिमाही में 13.2% बढ़ा:₹7,364 करोड़ पहुंचा, ₹23 प्रति शेयर डिविडेंड का ऐलान; 8 हजार नई हायरिंग

इंफोसिस का जुलाई-सितंबर क्वार्टर में कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट पिछले साल के इसी क्वार्टर के मुकाबले 13.2% बढ़कर 7,364 करोड़ रुपए हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में ये 6,506 करोड़ रुपए रहा था। वहीं रेवेन्यू 8.6% बढ़कर 44,490 करोड़ रुपए पहुंच गया, जो पहले 40,986 करोड़ रुपए था। कंपनी ने Q2 के लिए 23 रुपए प्रति शेयर इंटरिम डिविडेंड का ऐलान किया है। रिकॉर्ड डेट 27 अक्टूबर है, और पेआउट 7 नवंबर को होगा। ये कंपनी की कैपिटल पॉलिसी का हिस्सा है, जिसमें 18,000 करोड़ का शेयर बायबैक भी शामिल है। इंफोसिस का शेयर आज 0.24% गिरकर 1470 रुपए पर बंद हुआ। अब 4 सवाल-जवाब में रिजल्ट से जुड़ी अहम बातें… सवाल 1: कंपनी की डील विन्स कैसी रहीं, और TCV कितना था? जवाब: बड़ी डील्स की टोटल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू (TCV) 3.1 बिलियन डॉलर रही, जो पिछले क्वार्टर के 3.8 बिलियन से थोड़ा कम है। अच्छी बात ये कि 67% डील्स नेट न्यू थीं। CEO सलिल पारेख ने AI और क्लाइंट प्रायोरिटीज पर फोकस को इसका कारण बताया। उन्होंने कहा- ये डील्स फ्यूचर ग्रोथ को मजबूत बनाएंगी। सवाल 2: FY26 के लिए गाइडेंस क्या है, और मार्जिन कैसे रहे? जवाब: कंपनी ने रेवेन्यू गाइडेंस को थोड़ा ऊपर किया है। अब कॉन्सटेंट करेंसी में 2-3% ग्रोथ की उम्मीद है, पहले 1-3% थी। ऑपरेटिंग मार्जिन गाइडेंस 20-22% पर ही रखा गया। सवाल 3: एट्रिशन रेट और एम्प्लॉयी हेडकाउंट पर क्या अपडेट है? जवाब: IT सर्विसेज में लास्ट-ट्वेल्व-मंथ वॉलंटरी एट्रिशन 14.3% रहा, जो पिछले क्वार्टर के 14.4% से थोड़ा कम है, लेकिन पिछले साल के 12.9% से ऊपर। एम्प्लॉयी काउंट 3,31,991 हो गया, जो पिछले क्वार्टर के 3,23,788 से 8,203 ज्यादा है। ये हायरिंग ग्रोथ दिखाता है, लेकिन एट्रिशन कंट्रोल अभी चैलेंज है। सवाल 4: इन रिजल्ट्स से आईटी सेक्टर का क्या फ्यूचर दिख रहा है? जवाब: इन्फोसिस के रिजल्ट्स से लगता है कि आईटी सेक्टर में ग्रोथ धीमी लेकिन स्टेबल है। AI और क्लाइंट प्रायोरिटीज पर फोकस से लॉन्ग-टर्म अच्छा लग रहा है, लेकिन एट्रिशन और मार्जिन प्रेशर को हैंडल करना होगा। नारायण मूर्ति ने 1981 में की थी कंपनी की शुरुआत इंफोसिस एक बड़ी भारतीय आईटी कंपनी है, जो 1981 में बैंगलोर में शुरू हुई। ये कंसल्टिंग, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, क्लाउड और AI जैसी सर्विसेज देती है, और दुनिया भर में 3 लाख से ज्यादा एम्प्लॉयी हैं। कंपनी के CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर सलील पारेख है। इंफोसिस को 1981 में नारायण मूर्ति ने छह साथियों के साथ शुरू किया था। नंदन नीलकेणी, क्रिस गोपालकृष्णन, एस.डी. शिबुलाल, के. दिनेश, एन.एस. राघवन और अशोक अरोड़ा। मूर्ति को इसका मुख्य फाउंडर माना जाता है। ये सिर्फ 250 डॉलर से शुरू हुई थी।

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