दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में सोमवार को IRCTC घोटाला मामले में सुनवाई हुई। कोर्ट ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के खिलाफ आरोप तय कर दिए। कहा कि लालू यादव की जानकारी में टेंडर घोटाले की पूरी साजिश रची गई। टेंडर में उनकी दखलअंदाजी थी। कोर्ट ने लालू यादव से कोर्ट ने पूछा- ‘क्या आप आरोप स्वीकार करते हैं? या ट्रायल का सामना करेंगे।’ लालू यादव ने कहा- ‘सभी आरोप गलत हैं।’ आज ही लैंड फॉर जॉब मामले में भी सुनवाई होनी है, जिसमें चार्ज फ्रेम (आरोप तय) किए जाएंगे, लेकिन इस केस में लालू या तेजस्वी यादव की मौजूदगी जरूरी नहीं है। लैंड फॉर जॉब केस में 25 अगस्त 2025 को पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने और सबूतों की समीक्षा करने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। कोर्ट ने कहा- राबड़ी-तेजस्वी को कम कीमत में जमीन मिली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि साजिश में लालू यादव शामिल थे। इससे लालू परिवार को फायदा हुआ। राबड़ी और तेजस्वी यादव को बेहद कम कीमत में जमीन मिली। कोर्ट ने राबड़ी देवी से पूछा- ‘आप पर लगे आरोपों को लेकर क्या कहना है।’ राबड़ी देवी ने कहा- ‘मैं किसी तरह की साजिश और धोखाधड़ी में शामिल नहीं हूं।’ कोर्ट ने कहा कि यही आरोप तेजस्वी यादव पर भी हैं। क्या आप आरोप स्वीकार करते हैं। दोनों ने कहा, आरोप गलत हैं। आज ही लैंड फॉर जॉब मामले में भी सुनवाई होनी है, जिसमें चार्ज फ्रेम (आरोप तय) किए जाएंगे, लेकिन इस केस में लालू या तेजस्वी यादव की मौजूदगी जरूरी नहीं है। लैंड फॉर जॉब केस में 25 अगस्त 2025 को पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने और सबूतों की समीक्षा करने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। आज इस मामले में आरोप तय किए जाएंगे। अब जानिए क्या है IRCTC घोटाला यह मामला साल 2004 से 2009 के बीच का है, जब लालू प्रसाद यादव केंद्र में रेल मंत्री थे। CBI का आरोप है कि इस दौरान IRCTC के दो होटलों (रांची और पुरी) के रखरखाव का ठेका गलत तरीके से सुजाता होटल्स नाम की एक निजी फर्म को दिया गया। जांच एजेंसी का दावा है कि इस सौदे के बदले में लालू परिवार को पटना में एक बेशकीमती जमीन मिली थी। इस मामले में लालू परिवार के अलावा IRCTC के तत्कालीन ग्रुप जनरल मैनेजर वीके अस्थाना, आरके गोयल और सुजाता होटल्स के निदेशक विजय और विनय कोचर भी आरोपी हैं। CBI के एडिशनल डायरेक्टर, राकेश अस्थाना ने कोर्ट को बताया था कि लालू यादव रेल मंत्री थे, तब रेलवे के पुरी और रांची स्थित BNR होटल को IRCTC को ट्रांसफर किया था। इन्हें रख-रखाव और इम्प्रूव करने के लिए लीज पर देने की प्लानिंग थी। इसके लिए टेंडर विनय कोचर की कंपनी मेसर्स सुजाता होटल्स को दिए गए। टेंडर प्रोसेस में हेरा-फेरी किया गया था। टेंडर की प्रक्रिया IRCTC के तत्कालीन MD पीके गोयल ने पूरी की थी। 17 जुलाई 2017 को CBI ने लालू समेत 5 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराई थी। इस विनय कोचर समेत अन्य आरोपियों के 12 ठिकानों पर छापेमारी की गई थी। क्या आप हैं बिहार की राजनीति के एक्सपर्ट? खेलिए और जीतिए 2 करोड़ तक के इनाम बिहार की राजनीति से जुड़े 5 आसान सवालों के जवाब दीजिए और जीतिए 2 करोड़ तक के इनाम। रोज 50 लोग जीत सकते हैं आकर्षक डेली प्राइज। लगातार खेलिए और पाएं लकी ड्रॉ में बंपर प्राइज सुजुकी ग्रैंड विटारा जीतने के मौके। चुनावी क्विज अभी खेलने के लिए यहां क्लिक करें – https://dainik.bhaskar.com/GXiUvc8h3Wb
