टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) को वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में 12,075 करोड़ रुपए का मुनाफा (कॉन्सोलिडेटेड नेट प्रॉफिट) हुआ है। सालाना आधार पर इसमें 1.4% की बढ़ोतरी हुई है। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी को 11,909 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ था। जुलाई-सितंबर तिमाही में कंपनी ने संचालन से 65,799 करोड़ रुपए का रेवेन्यू जनरेट किया। सालाना आधार पर यह 2.4% बढ़ा है। पिछले साल की सामान अवधी में कंपनी ने 64,259 करोड़ का रेवेन्यू जनरेट किया था। वस्तुओं और सेवाओं के बेचने से मिलने वाली राशि को राजस्व या रेवेन्यू कहा जाता है। इसमें टैक्स शामिल नहीं होता है। कंपनी ने 9 अक्टूबर को जुलाई-सितंबर तिमाही के नतीजे जारी किए। 11 रुपए प्रति शेयर लाभांश देगी TCS कंपनी ने अपने शेयरधारकों को प्रति शेयर पर 11 रुपए का लाभांश यानी डिविडेंड देने का ऐलान किया है। इसके लिए रिकॉर्ड डेट 15 अक्टूबर तय की गई है। कंपनियां अपने मुनाफे का कुछ हिस्सा शेयर होल्डर्स को भी देती हैं, इसे ही लाभांश कहा जाता है। TCS भारत में 1 गीगावाट AI डेटा सेंटर बनाएगी रिजल्ट के साथ ही टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की फील्ड में बड़े ऐलान किए हैं। 1 साल में 28% गिरा टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज का शेयर वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही के नतीजों से पहले TCS का शेयर आज यानी 9 अक्टूबर को 33 रुपए चढ़कर 3,060 रुपए पर बंद हुआ। बीते एक महीने में कंपनी का शेयर 0.35%, छह महीने में 5.74%, एक साल में 28.05% और इस साल यानी 1 जनवरी से अब तक 25.59% गिरा है। कंपनी की मार्केट वैल्यू 11.08 लाख करोड़ रुपए है। 1968 में हुई थी TCS की स्थापना टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) भारत की मल्टीनेशनल इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) कंपनी है। यह टाटा ग्रुप की एक सहायक कंपनी है। TCS की स्थापना 1968 में ‘टाटा कंप्यूटर सिस्टम्स’ के रूप में हुई थी। 25 अगस्त 2004 को TCS पब्लिक लिस्टेड कंपनी बनी। 2005 में इन्फॉरमेटिक्स मार्केट में जाने वाली यह भारत की पहली कंपनी बनी। अप्रैल 2018 में 100 अरब डॉलर मार्केट कैपिटलाइजेशन वाली देश की पहली IT कंपनी बनी। कंपनी का मौजूदा मार्केट कैप 14.17 लाख करोड़ रुपए है। यह 46 देशों में 149 लोकेशन पर काम करती है। —————————— ये खबर भी पढ़ें… रतन टाटा के जाने के बाद ग्रुप में विवाद:सरकार को दखल देना पड़ा, आज पहली डेथ एनिवर्सरी; जानें लीडरशिप से लेकर क्या-क्या बदला रतन टाटा की आज पहली डेथ एनिवर्सरी है। पिछले साल 9 अक्टूबर 2024 को 86 साल की उम्र में उनका निधन हुआ था। इसके बाद टाटा ग्रुप में लीडरशिप से लेकर कई बड़े बदलाव हुए हैं। इसके अलावा उनके जाने के बाद से ग्रुप में कई विवाद भी चल रहे हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें…
