टॉप-10 कंपनियों में 7 की वैल्यू ₹74,574 करोड़ बढ़ी:HDFC बैंक टॉप गेनर रहा; रिलायंस का मार्केट कैप ₹19,351 करोड़ गिरकर ₹18.45 लाख करोड़ हुआ

मार्केट कैपिटलाइजेशन के लिहाज से देश की 10 सबसे बड़ी कंपनियों में से 7 की वैल्यू बीते हफ्ते के कारोबार में 74,574 करोड़ रुपए बढ़ गई। इस दौरान बैंकिंग सेक्टर में सबसे ज्यादा खरीदारी देखने को मिली। HDFC बैंक टॉप गेनर रहा। इसका मार्केट कैप 30,106 करोड़ रुपए बढ़कर ₹14.82 लाख करोड़ पर पहुंच गया। लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (LIC) की वैल्यू ₹20,588 करोड़ बढ़कर ₹5.73 लाख करोड़ पर पहुंच गई। SBI का मार्केट कैप 9,277 करोड़ रुपए बढ़कर ₹8 लाख करोड़ पर पहुंच गई। वहीं, देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड का मार्केट कैप 19,351 करोड़ रुपए गिरकर ₹18.45 लाख करोड़ पर आ गया है। इसके अलावा, एयरटेल और इंफोसिस की वैल्यू भी गिरी है। पिछले हफ्ते 781 अंक चढ़ा बाजार पिछले हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन, शुक्रवार 3 अक्टूबर को शेयर बाजार तेजी के साथ बंद हुआ। सेंसेक्स 223 अंक की तेजी के साथ 81,207 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी भी 57 अंक चढ़कर 24,894 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, हफ्तेभर के कारोबार में यह 781 अंक चढ़कर बंद हुआ। मार्केट कैपिटलाइजेशन क्या होता है? मार्केट कैप किसी भी कंपनी के टोटल आउटस्टैंडिंग शेयरों यानी वे सभी शेयर जो फिलहाल उसके शेयरहोल्डर्स के पास हैं, उनकी वैल्यू है। इसका कैलकुलेशन कंपनी के जारी शेयरों की कुल संख्या को उनकी कीमत से गुणा करके किया जाता है। इसे एक उदाहरण से समझें… मान लीजिए… कंपनी ‘A’ के 1 करोड़ शेयर मार्केट में लोगों ने खरीद रखे हैं। अगर एक शेयर की कीमत 20 रुपए है, तो कंपनी की मार्केट वैल्यू 1 करोड़ x 20 यानी 20 करोड़ रुपए होगी। कंपनियों की मार्केट वैल्यू शेयर की कीमतों के बढ़ने या घटने के चलते बढ़ता-घटता है। इसके और कई कारण हैं… मार्केट कैप के उतार-चढ़ाव का कंपनी और निवेशकों पर क्या प्रभाव पड़ता है? कंपनी पर असर : बड़ा मार्केट कैप कंपनी को मार्केट से फंड जुटाने, लोन लेने या अन्य कंपनी एक्वायर करने में मदद करता है। वहीं, छोटे या कम मार्केट कैप से कंपनी की फाइनेंशियल डिसीजन लेने की क्षमता कम हो जाती है। निवेशकों पर असर : मार्केट कैप बढ़ने से निवेशकों को डायरेक्ट फायदा होता है। क्योंकि उनके शेयरों की कीमत बढ़ जाती है। वही, गिरावट से नुकसान हो सकता है, जिससे निवेशक शेयर बेचने का फैसला ले सकते हैं। उदाहरण: अगर TCS का मार्केट कैप ₹12.43 लाख करोड़ से बढ़ता है, तो निवेशकों की संपत्ति बढ़ेगी, और कंपनी को भविष्य में निवेश के लिए ज्यादा पूंजी मिल सकती है। लेकिन अगर मार्केट कैप गिरता है तो इसका नुकसान हो सकता है।

More From Author

हफ्ते की टॉप जॉब्स:बिहार में 23,175 भर्तियां, RRB NTPC में 8875 वैकेंसी; इस हफ्ते निकलीं 42 हजार से ज्यादा नौकरियां

एएसओ व एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट भर्ती एग्जाम की शुरूआत 12 से:एग्जाम जिले की जानकारी अपलोड, 9 अक्टूबर को जारी होंगे एडमिट कार्ड

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *