टाटा ग्रुप की फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनी टाटा कैपिटल अपना IPO लाने के लिए तैयारी में है। कंपनी ने 26 सितंबर को सेबी और स्टॉक एक्सचेंज के पास अपना रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) दाखिल किया है। टाटा कैपिटल इस IPO के जरिए करीब 16,400 करोड़ रुपए (लगभग 1.85 बिलियन डॉलर) जुटाने का प्लान बना रही है। यह 2025 का सबसे बड़ा इश्यू होगा। इश्यू में कंपनी टोटल 47.58 करोड़ शेयर्स बेचेगी। जिसमें 21 करोड़ नए शेयर (फ्रेश इश्यू) और टाटा सन्स व इंटरनेशनल फाइनेंस कॉरपोरेशन (IFC) जैसे शेयरहोल्डर्स के 26.5 करोड़ शेयरों की बिक्री (ऑफर फॉर सेल) शामिल है। कंपनी का पोस्ट-मनी इक्विटी वैल्यूएशन 16.5 बिलियन डॉलर (करीब 1.46 लाख करोड़ रुपए) रहने की उम्मीद है। टाटा कैपिटल का IPO 6 अक्टूबर को ओपन होगा IPO 6 अक्टूबर 2025 को खुलेगा और 8 अक्टूबर 2025 को बंद होगा। वहीं एंकर निवेशकों के लिए बोली 3 अक्टूबर को होगी। इस इश्यू में देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी LIC भी बड़ा दांव लगाने की तैयारी में है। कंपनी ने IPO के लिए 4 अगस्त को मार्केट रेगुलेटर सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) के पास अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) यानी ड्राफ्ट पेपर्स फाइल किए थे। कंपनी ने कॉन्फिडेंशियल प्री-फाइलिंग की थी कंपनी ने 5 महीने पहले IPO के लिए SEBI के पास ड्राफ्ट पेपर्स फाइल किए थे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, टाटा कैपिटल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड की IPO के लिए सेबी के पास यह प्री-फाइलिंग कॉन्फिडेंशियल थी। नवंबर 2022 में SEBI ने कॉन्फिडेंशियल प्री-फाइलिंग रूट पेश किया गया था। इसके तहत कंपनियों को अपनी जरूरी बिजनेस डिटेल्स पब्लिक किए बिना अपना DRHP फाइल करने में सहायता मिलती है। टाटा संस की टाटा कैपिटल में 93% हिस्सेदारी टाटा संस, टाटा कैपिटल की होल्डिंग कंपनी है। इसके पास टाटा कैपिटल में करीब 93% हिस्सेदारी है। बाकी हिस्सेदारी टाटा ग्रुप की अन्य कंपनियों और ट्रस्टों के पास है। टाटा कैपिटल को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की ओर से अपर लेयर NBFC (नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी) का दर्जा मिला हुआ है। लिस्टिंग के लिए 10 इन्वेस्टमेंट बैंकों को नियुक्त किया टाटा कैपिटल ने लिस्टिंग के लिए सलाहकार के तौर पर 10 इन्वेस्टमेंट बैंकों को नियुक्त किया। इन बैंकों में कोटक महिंद्रा कैपिटल, सिटी, जेपी मॉर्गन, एक्सिस कैपिटल, ICICI सिक्योरिटीज, HSBC सिक्योरिटीज, IIFL कैपिटल, BNP पारिबास, SBI कैपिटल और HDFC बैंक शामिल हैं। सितंबर 2022 में NBFC में शामिल हुई थी कंपनी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के नियमों के मुताबिक, टाटा कैपिटल जैसी बड़े NBFC को 30 सितंबर तक स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट होना जरूरी था। हालांकि, कंपनी को हाल ही में RBI से थोड़ा और समय मिल गया है। RBI के आदेश के अनुसार, अपर लेयर NBFC के लिए यह मान्यता मिलने के 3 साल के अंदर शेयर बाजारों में लिस्ट होना जरूरी है। टाटा कैपिटल ने सितंबर 2022 में अपर लेयर NBFC में क्वालिफाई किया था। यानी RBI के नियम के तहत, टाटा कैपिटल के पास खुद को शेयर बाजार में लिस्ट कराने के लिए सितंबर 2025 तक का समय है। IPO के लिए बोर्ड की मंजूरी फरवरी में मिली थी टाटा कैपिटल को IPO के लिए अपने बोर्ड की मंजूरी फरवरी महीने में मिली थी। IPO से पहले बोर्ड ने फरवरी में ₹1,504 करोड़ के राइट्स इश्यू को भी मंजूरी दी थी। 2023 में टाटा टेक्नोलॉजीज की लिस्टिंग के बाद यह टाटा ग्रुप की किसी कंपनी का पहला IPO होगा। कंपनी का AUM 1.58 लाख करोड़ रुपए (31 मार्च 2024 तक) था। पर्सनल लोन, होम लोन, गाड़ी के लिए लोन, कॉमर्शियल वाहनों के लिए लोन और बिजनेस लोन देती है। इसके अलावा क्रेडिट कार्ड और डिजिटल लोन भी उपलब्ध कराती है। IPO से पहले फाइनेंशियल्स में शानदार ग्रोथ टाटा कैपिटल ने IPO से पहले अपने फाइनेंशियल परफॉर्मेंस में शानदार ग्रोथ दर्ज की है। मार्च 2025 तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल की समान तिमाही के 765 करोड़ रुपए की तुलना में 31% बढ़कर 1,000 करोड़ रुपए हो गया। इसी अवधि में कंपनी का ऑपरेशन से रेवेन्यू 4,998 करोड़ रुपए से 50% बढ़कर 7,478 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी का टोटल नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 3,327 करोड़ रुपए से बढ़कर 3,655 करोड़ रुपए रहा। वहीं कंपनी का टोटल रेवेन्यू 18,175 करोड़ रुपए से बढ़कर 28,313 करोड़ रुपए हो गया।
