भारत ने शुक्रवार को सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच हुए रक्षा समझौते पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हमें उम्मीद है कि सऊदी अरब हमारे साथ अपने रिश्तों को ध्यान रखेगा। साथ ही यह भी कहा कि पाकिस्तान की आतंकियों से साठगांठ है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा- भारत और सऊदी अरब के बीच पिछले कुछ सालों में रणनीतिक साझेदारी बहुत मजबूत हुई है। हम उम्मीद करते हैं कि यह साझेदारी आपसी हितों और संवेदनशीलता का ध्यान रखेगी। सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने 17 सितंबर को एक रक्षा समझौता किया है। इसमें एक देश पर हमला दूसरे पर हमला माना जाएगा। भारत बोला- पाकिस्तान और आतंकियों में गठजोड़ जायसवाल ने आतंकी संगठन जैश और लश्कर के साथ पाकिस्तान के संबंधों पर कहा कि दुनिया पाकिस्तानी सेना और आतंकवादियों की साठगांठ अच्छे से जानती है। जायसवाल ने जोर देकर कहा- आतंकवाद के मुद्दे पर भारत का स्टैंड क्लियर है। सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ ग्लोबल समुदाय को एकजुट होकर कठोर कदम उठाने होंगे। हम दुनिया से अपील करते हैं कि आतंकवाद से निपटने के लिए अपनी कोशिशों को और तेज किया जाए। ईरान के चाबहार पोर्ट पर भी बयान दिया अमेरिका ने हाल में ही ईरान के चाबहार पोर्ट को मिली छूट खत्म कर दी है। 29 सितंबर से इससे जुड़ी कंपनियों पर जुर्माना लगेगा। यह पोर्ट 10 साल के लिए भारत के पास लीज पर है। रणधीर जायसवाल ने इसे लेकर कहा कि हमने चाबहार पोर्ट के लिए प्रतिबंधों में छूट रद्द करने के मामले अमेरिकी प्रेस रिलीज देखी है। हम फिलहाल भारत पर इसके असर की जांच कर रहे हैं। चाबहार को 2018 में अफगानिस्तान की मदद और विकास के लिए छूट मिली थी। भारत इस बंदरगाह को अफगानिस्तान और सेंट्रल एशिया तक पहुंचने के लिए इस्तेमाल करता है, ताकि पाकिस्तान से न गुजरना पड़े। कनाडा से भारतीय कॉन्सुलेट की सुरक्षा तय करने को कहा खालिस्तानी संगठन सिख फॉर जस्टिस ने कुछ दिन पहले कनाडा के वैंकूवर में भारतीय कॉन्सुलेट पर घेराव की धमकी दी थी। इसे लेकर भारत ने कनाडा सरकार से कॉन्सुलेट सुरक्षा तय करने की मांग की है।जायसवाल ने कहा कि भारतीय दूतावासों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कनाडा सरकार की है। जायसवाल ने कहा- जब भी कोई सुरक्षा से जुड़ी चिंता होती है, हम उसे कनाडा के अधिकारियों के सामने उठाते हैं। हाल ही में कनाडा के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) ने हमारे NSA से बात की। यह दोनों देशों के बीच रेगुलर सुरक्षा वार्ता का हिस्सा थी। ————————————————- यह खबर भी पढ़ें… अमेरिका ईरानी चाबहार पोर्ट से जुड़ी कंपनियों पर जुर्माना लगाएगा:10 दिन में पोर्ट को मिली छूट खत्म होगी; ये भारत के पास 10 साल लीज पर अमेरिका ने ईरान के चाबहार बंदरगाह को दी गई खास छूट गुरुवार को रद्द कर दी। यह भारत के लिए बड़ा झटका है, क्योंकि यह बंदरगाह भारत का बहुत जरूरी प्रोजेक्ट है। 29 सितंबर 2025 से इस बंदरगाह को चलाने, पैसे देने या उससे जुड़े किसी काम में शामिल कंपनियों पर अमेरिका जुर्माना लगा सकता है। इसकी जानकारी अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने दी है। यहां पढ़ें पूरी खबर…
