गन कल्‍चर के प्रबल समर्थक थे चार्ली कर्क:कॉलेज छोड़ इलेक्‍शन कैंपेनिंग से जुड़े, 18 की उम्र में पॉलिटिकल संगठन बनाया; जानें पूरी प्रोफाइल

साल 2012 की बात है।
18 साल के एक अमेरिकी लड़के को हाईस्‍कूल में एक आर्टिकल लिखने को कहा गया। टॉपिक था- Liberal Bias Starts in High School Economics Textbooks, यानी लिबरल पक्षपात की शुरुआत हाईस्‍कूल इकोनॉमिक्‍स की किताबों से शुरू होती है। एक हाईस्‍कूल स्‍टूडेंट के लिखे इस आर्टिकल की चर्चा जल्‍दी ही नेशनल मीडिया जैसे Fox News और Breibart पर होने लगी। रिपब्लिकन थिंक टैंक्‍स और सर्कल्‍स में इस स्‍टूडेंट की बात होने लगी। ये स्‍टूडेंट था चार्ली कर्क, जिनकी आज 11 सितंबर को 31 साल की उम्र में एक कॉलेज में डिस्‍कशन करते समय हत्‍या कर दी गई। चंदा लेकर TPUSA शुरू किया चार्ली की उम्र जब सिर्फ 18 साल थी तब उन्होंने कॉलेज छोड़कर अपना संगठन Turning Point USA यानी TPUSA बनाया। इसके लिए उन्होंने शुरू में कुछ लोगों की मदद से चंदा इकट्ठा किया। अपनी मां को मनाया कि वो कॉलेज छोड़कर इस मिशन पर फोकस करना चाहते हैं। ये संगठन कॉलेजों में स्‍टूडेंट्स के बीच पॉलिटिकल और सोशल मुद्दों पर डिस्‍कशन करता था। शुरुआत में अक्‍सर उन्‍हें कॉलेजों में आलोचना और विरोध झेलने पड़ते थे। कभी-कभी कार्यक्रम रद्द भी हो जाते थे। लेकिन धीरे-धीरे उनकी लोकप्रियता बढ़ी और TPUSA अमेरिका के हजारों कॉलेजों में एक्टिव हो गया। 2016 के चुनावों में ट्रंप से जुडे़ 2016 के अमेरिकी चुनावों में चार्ली ट्रंप कैंपेन से जुड़े और युवा वोटर्स को आकर्षित करने का काम किया। जब पहली बार चार्ली की ट्रंप से मुलाकात हुई, तो ट्रंप ने मजाक में उनसे पूछा- ‘तो तुम ही वो बच्चे हो, जिसने युवाओं को रिपब्लिकन पार्टी के लिए जोड़ा है?’ इस मुलाकात के बाद ट्रंप ने कई बार सार्वजनिक मंच पर चार्ली की तारीफ की और उन्हें युवाओं का चेहरा बताया। कर्क ने चुनावों के दौरान युवाओं को रिपब्लिकन पार्टी की तरफ आकर्षित करने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाए। उन्‍होंने कई किताबें लिखीं, जैसे- Time for a Turning Point (2016) और MAGA Doctrine (2020)। खुद गन कल्‍चर का समर्थक करते थे चार्ली कर्क अक्सर अपने विवादित बयानों के कारण चर्चा में रहते हैं। COVID-19 महामारी के दौरान उन्होंने वैक्सीन और लॉकडाउन नीतियों का कड़ा विरोध किया। उनके संगठन TPUSA को लेकर आरोप हैं कि यह छात्रों के बीच ध्रुवीकरण फैलाता है। फिर भी वे अमेरिकी युवा कंजरवेटिव राजनीति का सबसे बड़ा चेहरा माने जाते हैं। कर्क खुद गन कल्‍चर यानी हथ‍ियार रखने के अधिकार के बड़े समर्थक थे। वो अक्‍सर अपने शो में Guns Save Life यानी ‘बंदूकें जान बचाती हैं’ का नारा दोहराते थे। जानकारी के अनुसार, उनपर हुए हमले के समय वो गन कल्‍चर और मास किलिंग से जुड़े सवाल का ही जवाब दे रहे थे। अचानक अज्ञात हमलावर ने उनकी गर्दन में गोली मारकर हत्‍या कर दी। ब्‍यूटी क्‍वीन एरिका फैंट्जवे से शादी की साल 2021 में चार्ली ने बिजनेस वुमन और पॉडकास्‍टर एरिका फैंट्जवे से शादी की। एरिका मिस एर‍िजोना 2012 रह चुकी थीं। एरिका एक क्रिश्चियन एक्टिविस्‍ट रही हैं और कर्क से उनकी मुलाकात धार्मिक कार्यक्रमों में ही हुई थी। 2025 में दोनों के दो बच्‍चे हैं। ———————— ये खबरें भी पढ़ें… सफीना हुसैन के NGO ‘एजुकेट गर्ल्स’ को रेमन मैग्सेसे: दिल्‍ली से पढ़ीं, सैन फ्रांसिस्‍को में चाइल्‍ड हेल्‍थ से जुड़ीं; एजुकेशन का पहला बॉन्‍ड शुरू किया भारत में लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने वाले NGO यानी नॉन-गवर्नमेंटल ऑर्गनाइजेशन ‘एजुकेट गर्ल्स’ को 2025 का रेमन मैग्सेसे अवॉर्ड मिलेगा। यह पहला इंडियन ऑर्गनाइजेशन है, जिसे यह प्रतिष्ठित पुरस्कार मिला है। साल 2007 में सफीना हुसैन ने इसकी शुरुआत की थी। रेमन मैग्सेसे को एशिया का नोबेल पुरस्कार कहा जाता है। ‘एजुकेट गर्ल्स’ मैग्सेसे सम्मान पाने वाला पहला भारतीय NGO है। पूरी खबर पढ़ें…

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