शेयर बाजार में 10 सितंबर को हाई-मोमेंटम मूव्स की उम्मीद:जानें सपोर्ट और रेजिस्टेंस के अहम लेवल; 5 फैक्टर्स तय करेंगे बाजार की चाल

शेयर बाजार में कल से शुरू होने वाले हफ्ते में 10 सितंबर (±1 दिन) को हाई-मोमेंटम मूव्स दिख सकते हैं। वेल्थव्यू एनालिटिक्स के डायरेक्टर हर्षुभ शाह ने अपनी वीकली मार्केट रिपोर्ट में इसकी संभावना जताई है। इसके अलावा महंगाई दर के आंकड़े, ग्लोबल मार्केट के संकेत, अमेरिकी टैरिफ से लेकर विदेशी निवेशकों की खरीद-बिक्री और टेक्निकल फैक्टर्स बाजार की चाल तय करेंगे। चलिए समझते हैं कि इस हफ्ते बाजार में क्या हो सकता है… सपोर्ट जोन: 24,676 | 24,540 | 24,480 | 24,445 | 24,382 | 24,331 | 24,140 सपोर्ट यानी, वह स्तर जहां शेयर या इंडेक्स को नीचे गिरने से सहारा मिलता है। यहां खरीदारी बढ़ने से कीमत आसानी से नीचे नहीं जाती। इन स्तरों पर खरीदारी का मौका मिल सकता है। रेजिस्टेंस जोन: 24,806 | 24,856 | 24,987 | 25,083 | 25,145 | 25,322 | 25,435 रेजिस्टेंस यानी, वह स्तर जहां शेयर या इंडेक्स को ऊपर जाने में रुकावट आती है। ऐसा बिकवाली बढ़ने से होता है। अगर निफ्टी रजिस्टेंस जोन को पार करता है, तो नई तेजी आ सकती है। ट्रेडिंग टिप्स: क्या करें ट्रेडर्स? अब 5 फैक्टर्स जो बाजार की दिशा तय कर सकते हैं… 1. महंगाई दर के आंकड़े: 12 सितंबर को अगस्त महीने की रिटेल महंगाई दर के आंकड़े जारी होंगे। जुलाई में रिटेल महंगाई घटकर 1.55% पर आ गई थी। ये 8 साल 1 महीने का निचला स्तर है। इसके अलावा निवेशकों की नजर विदेशी मुद्रा भंडार के आंकड़ों पर भी रहेगी। 2. FII की बिकवाली: विदेशी निवेशकों (FIIs/FPIs) ने शुक्रवार को 1,305 करोड़ रुपए के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 1,821 करोड़ रुपए की नेट खरीदारी की। इस साल अब तक, FIIs कुल 2.15 लाख करोड़ रुपए के नेट सेलर रहे हैं, वहीं DIIs नेट खरीदार के रूप में उभरे हैं। इनकी खरीदारी 5.24 लाख करोड़ रुपए तक पहुंची है। 3. अमेरिकी बाजार: वॉल स्ट्रीट की चाल अन्य बाजारों को भी प्रभावित करती है। भारतीय बाजारों पर भी इसका कुछ असर दिख सकता है। 4. अमेरिकी टैरिफ: मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं जिसमें उन व्यापारिक भागीदारों को टैरिफ छूट दी गई है, जिन्होंने इंडस्ट्रियल एक्सपोर्ट एग्रीमेंट कर लिए। इसमें निकल, सोना, अन्य धातुएं, फार्मास्यूटिकल कंपाउंड और केमिकल शामिल है। 5. टेक्निकल फैक्टर: SBI सिक्योरिटीज के सुदीप शाह ने कहा कि निफ्टी के लिए रेजिस्टेंस जोन 24,950-25,000 के बीच है, जबकि सपोर्ट 24,550-24,500 के दायरे में है। वहीं रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के अजित मिश्रा ने कहा- 25,000 के ऊपर ब्रेकआउट नया मोमेंटम ला सकता है। ये निफ्टी को 25,250 और फिर 25,400 की ओर ले जा सकता है। इस हफ्ते निफ्टी 1.29% चढ़कर बंद हुआ 1-5 सिंतबर के हफ्ते निफ्टी 1.29% की तेजी के साथ 24,741 पर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स 1.13% चढ़कर 80,710 पर बंद हुआ। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेसेस भी क्रमशः 1.8% और 2.5% बढ़े। पहले तिमाही की 7.8% जीडीपी ग्रोथ और जीएसटी स्लैब को 4 से घटाकर दो करने के कारण बाजार में ये तेजी दिखाई दी।

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