रायपुर में आज से बिना हेलमेट नहीं मिलेगा पेट्रोल:विवाद करने पर डायल 112 में शिकायत, एक्शन होगा; 7 महीने में 234 जानें गई

रायपुर में आज यानी 1 सितंबर से बिना हेलमेट के पेट्रोल पंप पर पेट्रोल नहीं मिलेगा। छत्तीसगढ़ पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन ने यह फैसला लिया है। अगर कोई बिना हेलमेट पेट्रोल भराने को लेकर विवाद करेगा या हंगामा करेगा तो उसके खिलाफ प्रशासन और पुलिस सीधे कार्रवाई करेगी। एसोसिएशन के नो हेलमेट नो पेट्रोल अभियान को प्रशासन ने भी पूरा सपोर्ट किया है। बिना हेलमेट के पेट्रोल नहीं मिलने पर जो लोग विवाद करेंगे उनसे सीधे पुलिस निपटेगी। पंप वाले इसकी​ शिकायत डायल 112 में कर सकते हैं। पुलिस से जारी आंकड़ों के मुताबिक हेलमेट नहीं लगाने की वजह से रायपुर में पिछले 7 महीने में 214 लोगों ने जान गंवाई है, जबकि 150 से ज्यादा को गंभीर चोटें आईं। इसी तरह सीट बेल्ट नहीं लगाने की वजह से 20 से ज्यादा लोगों की जान गई है। इसमें अधिकांश कार ड्राइवर हैं। अब पढ़िए रायपुर में भीषण हादसे और मौतें पहला मामला- रायपुर में युवती का सिर-धड़ से अलग 5 महीने पहले रायपुर में हादसे में स्कूटी सवार युवती का सिर धड़ से अलग हो गया। स्कूटी तेज रफ्तार में थी, जिससे अनियंत्रित होकर डिवाइडर के एंगल से टकरा गई। हादसे में 2 नाबालिग लड़कियां घायल हो गई। मामला टिकरापारा थाना क्षेत्र का था। मृतका का नाम आलिया खान (18) पिता रमजान खान है, जो टिकरापारा के चौरसिया कॉलोनी की रहने वाली थी। कॉलेज में पढ़ाई कर रही थी। तीनों लड़कियां बोरियाखुर्द से कमल विहार की तरफ घूमने जा रही थी। हादसा CCTV कैमरे में कैद हो गया। पढ़ें पूरी खबर… दूसरा मामला- रायपुर में कार ने बाइक को 8KM तक घसीटा वहीं 3 महीने पहले रायपुर माना एक्सप्रेस-वे पर तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार को टक्कर मार दी। कार की टक्कर इतनी जोरदार थी कि युवक दूर जाकर गिरा, लेकिन बाइक कार की बंपर पर फंस गई, जिसे कार सवार बाइक को एक्सप्रेस-वे पर करीब 8 किलोमीटर तक घसीटा। इस दौरान सड़क पर रगड़ाने से बंपर से लगातार चिंगारियां निकलती रही थी। कार ड्राइवर के कारनामे को देखकर राहगीरों ने पीछाकर पकड़ा। सड़क पर ही जमकर पिटाई कर दी, जिसका वीडियो भी सामने आया है। मामला सिविल लाइन थाना इलाके का है। पढ़ें पूरी खबर… अब पढ़िए रायपुर में साढ़े 7 महीने में 413 लोगों की कैसे गई जान ? जनवरी 2025 से 15 अगस्त तक साढ़े 7 महीने में रायपुर में 1310 सड़क हादसे हुए हैं। इसमें 413 लोगों की जानें गईं, जबकि 880 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। करीब 210 दुपहिया में हादसा हुआ। दुपहिया सवार 214 की जान गई, जिन्होंने हेलमेट नहीं लगाया था, जबकि 150 से ज्यादा घायल हुए हैं। 12 कार का एक्सीडेंट हुए हैं। उसमें सवार 20 लोगों की जान गई हैं। शो रूम में अभी भी लापरवाही, नहीं दे रहे हेलमेट बाइक के शो रूम में नई बाइक के साथ हेलमेट देना अनिवार्य किया गया है, लेकिन अधिकांश जगह हेलमेट नहीं दिया जा रहा है। बाइक चालक नया हेलमेट खरीदना नहीं चाह रहे हैं। वे बहाना कर रहे हैं कि उनके पास घर पर हेलमेट है। नया हेलमेट लेकर क्या करेंगे। शो रूम में एक हेलमेट 800 रुपए से 3000 रुपए तक बेचा जा रहा है। हेलमेट नहीं पहने वालों को रोज ई-चालान पुलिस ने हेलमेट नहीं लगाने वालों को रोकना-टोकना बंद कर दिया है। अब पुलिस सीधा कार्रवाई कर रही है। शहर के भीतर बिना हेलमेट के बाइक-मोपेड चलाने वाले औसतन 350 लोगों को रोज ई-चालान जा रहा है। पहली बार में 500 रुपए, दोबारा पकड़े गए तो 1000 रुपए भेजा रहा है। हर बार राशि दोगुनी हो रही है। पुलिस रोजाना 1200 लोगों को ई-चालान करती है। इसमें 350 सिर्फ हेलमेट पर है। कैमरे में सीट बेल्ट का पता नहीं चल पाता, इसलिए सड़कों पर रोककर कार्रवाई की जा रही है। पहले भी लागू हुआ नियम, लेकिन नहीं माने लोग रायपुर में बिना हेलमेट से पेट्रोल नहीं देने का नियम कुछ साल पहले भी लागू ​किया गया था, लेकिन सख्ती नहीं होने की वजह से लोगों ने इस नियम को नहीं माना। बिना हेलमेट के पेट्रोल की बिक्री नहीं करने पर पंपों की बिक्री प्रभावित हो रही थी। इतना ही नहीं लोग उधार में हेलमेट लेकर पेट्रोल डलवा लेते थे। अधिकतर बार लोग हेलमेट वाले लोगों से हेलमेट मांगकर पेट्रोल डलवाते, फिर उन्हें वापस कर देते थे। सख्ती नहीं होने की वजह से नियम की धज्जियां उड़ रही थी। इस वजह से इस बार पेट्रोल पंप संचालकों को खुद आगे किया गया है। उनसे कहा गया है​ कि वे ही सख्ती करें। एसोसिएशन का निर्णय एक सार्थक पहल- रायपुर एसएसपी रायपुर एसएसपी लाल उमेद सिंह ने कहा कि यह हमारी नैतिक ज़िम्मेदारी है कि अगर सामाजिक हित में कोई भी कदम उठाया जाए, तो उसे पुलिस का सहयोग मिले। हेलमेट को लेकर एसोसिएशन ने जो निर्णय लिया है, वह एक सार्थक पहल है। अगर कोई इसमें कोई बाधा या रुकावट डालता है, तो पुलिस कार्रवाई करेगी। ………………………… इससे संबंधित यह खबर भी पढ़ें 10 महीने में 12 हजार हादसे, 5500 की मौत: छत्तीसगढ़ में 70% बाइकर्स की गई जान, रायपुर, बिलासपुर समेत 7 जिलों में सबसे ज्यादा एक्सीडेंट छत्तीसगढ़ में सड़क हादसे लगातार बढ़ रहे हैं। जनवरी से अक्टूबर 2024 तक पिछले दस महीने में प्रदेश में 12 हजार सड़क हादसे हुए हैं। इनमें 5500 लोगों की मौत हुई है। आंकड़ों के मुताबिक सड़क हादसे में साढ़े 9 हजार दोपहिया चालक घायल हुए हैं, जबकि करीब पांच हजार लोगों की मौत हुई है। अधिकांश सड़क हादसे दोपहर 3 बजे से रात 9 बजे के बीच हुए हैं। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह थकान और हड़बड़ी को माना गया है। सड़क दुर्घटना में 49 फीसदी हादसे 7 जिलों हुए हैं। इनमें रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा, महासमुंद और बलौदाबाजार जिला शामिल है। पढ़ें पूरी खबर…

More From Author

SCO में एकसाथ दिखे पुतिन, मोदी और जिनपिंग:पीएम ने रूसी राष्ट्रपति को गले लगाया; कुछ देर में बैठक को संबोधित करेंगे

पंजाब के 9 जिलों में बाढ़, हरियाणा में हाई-अलर्ट:MP-राजस्थान के 44 जिलों में भारी बारिश; जम्मू-कश्मीर में 15 दिन में 130 मौतें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *