चीन के राजदूत शू फीहोंग ने गुरुवार को भारत पर लगाए गए 50% अमेरिकी टैरिफ की निंदा की। उन्होंने कहा कि चीन इसका कड़ा विरोध करता है। चुप रहने से दबंगई को बढ़ावा मिलता है। चीन भारत के साथ मजबूती से खड़ा है। फीहोंग ने भारत और चीन के बीच रणनीतिक भरोसे और सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दोनों देश प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि साझेदार हैं और मतभेदों को बातचीत के जरिए सुलझाना चाहिए। चीनी राजदूत ने कहा- भारत और चीन को आपसी संदेह से बचना चाहिए और रणनीतिक भरोसे को बढ़ाना चाहिए। दोनों देशों के लिए एकजुटता और सहयोग ही साझा विकास का रास्ता है। फीहोंग बोले- भारत और चीन के विकास के दो इंजन फीहोंग ने ग्लोबल हालात पर कहा कि दुनिया इस समय बड़े बदलावों से गुजर रही है और ऐसे में भारत-चीन रिश्तों का महत्व और बढ़ गया है। उन्होंने कहा- भारत और चीन एशिया की आर्थिक प्रगति के दो इंजन हैं। हमारी दोस्ती न सिर्फ एशिया बल्कि पूरी दुनिया के लिए फायदेमंद है। फीहोंग ने कहा कि SCO समिट के लिए पीएम मोदी चीन यात्रा दोनों देशों के संबंधों को नई गति देगी।” यह विजिट 31 अगस्त से 1 सितंबर तक तियानजिन में होगी। हाल ही में चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने पीएम मोदी से मुलाकात कर उन्हें चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का निमंत्रण सौंपा था। मोदी ने निमंत्रण स्वीकार करते हुए कहा कि वह शी जिनपिंग से तियानजिन में मुलाकात के लिए उत्सुक हैं।
