​​​​​​​NCERT की किताब में जिन्ना, कांग्रेस-माउंटबेटन विभाजन के दोषी:कांग्रेस बोली- इसे फाड़ देना चाहिए, RSS इतिहास का सबसे बड़ा विलेन

NCERT की किताब में मोहम्मद अली जिन्ना, कांग्रेस पार्टी और लॉर्ड माउंटबेटन को भारत-PAK बंटवारे का दोषी बताया गया है। इसको लेकर कांग्रेस ने आपत्ति जताई है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि हिंदू महासभा और मुस्लिम लीग की जुगलबंदी से बंटवारा हुआ है। उन्होंने कहा, इतिहास का कोई सबसे बड़ा विलेन है तो RSS है। उन्होंने जो किया है, पीढ़ियां उनको माफ नहीं करेंगी। RSS ने उस वक्त के 25 साल मुख बंदी और जुगलबंदी करते हुए गुजारे। आडवाणी जिन्ना की मजार पर सजदा करने गए थे। दरअसल, NCERT ने कक्षा 6 से 8 और 9 से 12 के लिए भारत-PAK बंटवारे पर 2 नए मॉड्यूल जारी किए हैं। ये सामान्य किताबों से अलग हैं। इसमें लिखा है कि बंटवारे की मांग मोहम्मद अली जिन्ना ने की, कांग्रेस ने इसे मान लिया और लॉर्ड माउंटबेटन ने इसे लागू किया। यह जानकारी “विभाजन के दोषी” नामक हिस्से में दी गई है। NCERT विवाद में नेताओं की बयानबाजी समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव- अगर इतिहास के पन्ने पलटकर देखेंगे तो उसमें कई बाते लिखी हैं कि किस-किस ने माफी मांगी थी, सब सामने आ जाएगा।”​​​​​​ कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित- मैं NCERT को बहस की चुनौती देता हूं। आज एनसीईआरटी बीजेपी के कब्जे में है, जिन्हें बंटवारे के बारे में कुछ पता ही नहीं है। आरजेडी सांसद मनोज कुमार झा- इतिहास किसी की सोच से नहीं बदलता, उसका पूरा संदर्भ होता है। ये लोग गांधी को भी दोषी ठहराते हैं, कांग्रेस को नहीं। यही इनकी सोच है। भाजपा को नफरत की भाषा ही आती है और ये नफरत के बीज बोने में माहिर हैं। लेकिन अब ये फसल हमारे देश में नहीं उगने वाली। बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला- NCERT के बंटवारे वाले मॉड्यूल की जानकारी मिली है। सच यह है कि उस समय सत्ता में मुस्लिम लीग, नेहरू की अगुआई वाली कांग्रेस और माउंटबेटन थे। बंटवारा रोक सकते थे तो या मुस्लिम लीग या कांग्रेस। नेहरू के बंटवारे के पक्ष में बयान भी हैं। बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया- यह कहना गलत नहीं होगा कि जिन्ना और राहुल की सोच एक जैसी है और दोनों एक-दूसरे के पर्याय बन गए हैं। हम सब जानते हैं कि अखंड भारत का बंटवारा धर्म के आधार पर हुआ था। जिन्ना की जहरीली सोच, तुष्टिकरण और सांप्रदायिकता वही सोच आज नकली गांधी यानी राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी में दिखाई देती है। मॉड्यूल में नेहरू का बयान जोड़ा गया मॉड्यूल में पंडित जवाहरलाल नेहरू के जुलाई 1947 के भाषण का अंश भी जोड़ा गया है, जिसमें उन्होंने कहा था- “हमें या तो विभाजन स्वीकार करना होगा या फिर लगातार संघर्ष और अराजकता झेलनी होगी।” कश्‍मीर में आतंकवाद का जिक्र भी शामिल मॉड्यूल के अनुसार, 1947 और 1950 के बीच, विभाजन ने भारत की एकता को खंडित किया, शत्रुतापूर्ण सीमाएं बनाईं, सामूहिक हत्याएं और विस्थापन को बढ़ावा दिया। सांप्रदायिक अविश्वास को गहरा किया। पंजाब और बंगाल की अर्थव्यवस्थाओं को तबाह कर दिया। जम्मू-कश्मीर को सामाजिक, आर्थिक और जनसंख्या के तौर पर पतन के रास्ते पर डाल दिया। यह बाद में आतंकवाद के कारण और भी बदतर हो गया। नियमित सिलेबस में शामिल नहीं होते मॉड्यूल NCERT के स्पेशल मॉड्यूल कोर्स का हिस्‍सा नहीं होते, ये सप्लीमेंट्री मटेरियल होता है जो कोई खास टॉपिक बच्‍चों को समझाने के लिए तैयार किया जाता है। इसे पोस्‍टर्स, चर्चाओं और वाद-विवाद के द्वारा बच्‍चों को पढ़ाया जाता है। हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर को भी स्‍पेशल मॉड्यूल में जोड़ा गया था। PM मोदी के भाषण का हिस्‍सा भी शामिल स्‍पेशल मॉड्यूल की प्रस्‍तावना में PM नरेंद्र मोदी के शब्दों को भी शामिल किया गया है। मोदी ने कहा था, ‘बंटवारे के दर्द को कभी भुलाया नहीं जा सकता। हमारी लाखों बहनें और भाई विस्थापित हो गए और लोगों की नासमझी और नफरती हिंसा के कारण कई जानें गईं। संघर्षों और बलिदान की याद में हमारे लोग 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में मनाएंगे।’ ——————— NCERT से संबंधित ये खबर भी पढ़ें…. अकबर ‘क्रूर लेकिन सहिष्णु’, औरंगजेब ‘कट्टर धार्मिक’:NCERT की किताब में मुगल काल की नई समीक्षा NCERT कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की क‍िताब में मुगल शासकों के धार्मिक फैसले, सांस्‍कृतिक योगदान और क्रूरता की नई व्‍याख्‍या की गई है। ये किताब 2025-26 एकेडमिक सेशन से ही स्‍कूलों में लागू होगी। किताब में बनारस, मथुरा और सोमनाथ में मंदिरों को तोड़ने और जैन, सिख, सूफी और पारसी समुदायों पर अत्याचार की घटनाओं का भी जिक्र है। पूरी खबर पढ़ें…

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