भारत का बांग्लादेश दौरा तय समय पर नहीं होगा:सुरक्षा कारणों के चलते BCCI ने मना किया; BCB ने मीडिया राइट्स की बिक्री रोकी

भारत का बांग्लादेश दौरा अब तय समय पर नहीं होगा। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने भले ही आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन भारत के खिलाफ अगले महीने होने वाली वनडे और T20 सीरीज की तैयारियां रोक दी गई हैं। माना जा रहा है कि भारत और बांग्लादेश के बीच हाल ही में बिगड़े रिश्तों और सुरक्षा की वजह से यह फैसला लिया गया है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने सीरीज के मीडिया राइट्स की बिक्री भी टाल दी है। पहले 7 जुलाई को टेक्निकल बोली और 10 जुलाई को फाइनेंशियल बोली होनी थी। लेकिन अब बोर्ड ने तय किया है कि वह पहले पाकिस्तान सीरीज (17-25 जुलाई) के लिए मीडिया राइट्स बेचेगा और फिर बाकी मैचों के लिए फैसला लेगा। एक हफ्ते पहले BCB के अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम ने कहा था कि दौरे में आने से पहले भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) को अपनी सरकार की मंजूरी का इंतजार है। BCCI ने भी मना किया, कोई तारीख तय नहीं क्रिकबज की रिपोर्ट के मुताबिक BCB के एक अधिकारी ने बताया कि भारत ने अगस्त में दौरे के लिए मना कर दिया है। BCCI ने फिलहाल कोई पक्की तारीख नहीं दी है। हालांकि, अगले हफ्ते तक इस पर आधिकारिक बयान आ सकता है। सीरीज को बाद में आयोजित किए जाने की उम्मीद है। सरकार की सलाह के बाद BCCI ने फैसला लिया भारत सरकार ने मौजूदा हालात को देखते हुए BCCI को बांग्लादेश दौरे से बचने की सलाह दी है। हालांकि, यह सलाह सिर्फ द्विपक्षीय सीरीज के लिए है। बांग्लादेश में आए दिनों हिंसा के मामले हो रहे हैं। ऐसे में भारतीय टीम को बांग्लादेश भेजना सही नहीं हैं। 3 जून को भारत सरकार ने पाकिस्तान की हॉकी टीम को एशिया कप के लिए बिहार आने की अनुमति दी है, जो 29 अगस्त से 7 सितंबर तक राजगीर में होगा। ऐसे में एशिया कप में भारत-पाकिस्तान के मैच को लेकर संभावना बढ़ गई हैं। पढ़ें पूरी खबर… BCB अब अलग-अलग देशों के हिसाब से बेचेगा राइट्स पहले बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने मीडिया राइट्स को तीन कैटेगरी में बेचना चाहा था। सैटेलाइट टीवी (दुनिया भर के लिए), डिजिटल ओटीटी और DTH (सिर्फ बांग्लादेश)। अब बोर्ड ने टेंडर में बदलाव कर इसे रीजनल बेचने की योजना बनाई है। पिछले साल अगस्त में छात्र आंदोलन ने हिंसक रूप ले लिया था बांग्लादेश में अगस्त 2024 में छात्र विरोध प्रदर्शनों के बाद शेख हसीना सरकार का पतन हो गया था। छात्रों के नेतृत्व में यह आंदोलन मुख्य रूप से सरकारी नौकरियों में विवादास्पद आरक्षण नीति के खिलाफ शुरू हुआ था। प्रदर्शनों ने हिंसक रूप ले लिया, जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए और देश भर में अशांति फैल गई। इसके बाद से ही बड़े पैमाने पर हिंदुओं पर अत्याचार की खबरें सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं। महिलाओं के साथ बर्बरता के कई वीडियो सामने आए। वहीं कई लोगों के घर तक जला दिए गए।

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