राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पूर्व सरकार्यवाह सुरेश भैयाजी जोशी ने सोमवार को RSS और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच मतभेद की खबरों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि यह सब मीडिया की देन है। मोदी कई महान काम कर रहे हैं और उन्हें बढ़ावा दे रहे हैं। दरअसल, बीते कुछ महीनों में संघ प्रमुख मोहन भागवत और अन्य RSS नेताओं के बयानों के चलते पीएम मोदी और संघ के रिश्तों में खटास की अटकलें लगाई जा रही हैं। तीन महीने पहले भागवत ने पुणे के एक कार्यक्रम में कहा था, ‘मणिपुर एक साल से त्राहि-त्राहि कर रहा है। इस पर कौन ध्यान देगा? प्राथमिकता देकर विचार करना कर्तव्य है। जो कर्तव्य का पालन करते हुए मर्यादा की सीमा में रहता है, ऐसा व्यक्ति वास्तव में सेवक कहलाने का हकदार है।’ राउत का दावा- मोदी रिटायरमेंट पर चर्चा करने नागपुर गए शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने मुंबई में दावा किया कि पीएम मोदी अपने रिटायरमेंट प्लान पर चर्चा करने के लिए RSS मुख्यालय गए थे। उन्होंने भाजपा की 75 साल की उम्र में रिटायर होने की पॉलिसी का जिक्र किया। पीएम मोदी भी इस साल सितंबर में 75 साल की आयु पूरी कर लेंगे। राउत ने यह भी दावा किया कि RSS ही पीएम मोदी के उत्तराधिकारी का फैसला करेगा और उनका उत्तराधिकारी महाराष्ट्र से होगा। बीते दिन पीएम मोदी प्रधानमंत्री बनने के बाद पहली बार RSS मुख्यालय पहुंचे थे। वे RSS मुख्यालय का दौरा करने वाले दूसरे पीएम हैं। उनसे पहले अटल बिहारी वाजपेयी ने पीएम के रूप में तीसरे कार्यकाल के दौरान 2000 में वहां का दौरा किया था। पीएम मोदी का भी यह तीसरा कार्यकाल है। फडणवीस बोले- पिता के रहते उत्तराधिकार पर चर्चा संस्कृति नहीं राउत के बयान पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा पीएम मोदी अभी कई साल तक देश का नेतृत्व करते रहेंगे। नागपुर में मीडिया से बात करते हुए फडणवीस ने कहा- 2029 में हम मोदीजी को फिर से प्रधानमंत्री के रूप में देखेंगे। हमारी संस्कृति में जब पिता जीवित हो तो उत्तराधिकार के बारे में बात करना अनुचित है। यह मुगल संस्कृति है। इस पर चर्चा करने का समय नहीं आया है। सोमवार को पत्रकारों से बात करते हुए राउत ने दावा किया कि आरएसएस देश में राजनीतिक नेतृत्व में बदलाव चाहता है। ——————————————————— मोदी और संघ से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… RSS ने मोदी को ‘मोदी’ कैसे बनाया; आरक्षण और मुसलमानों पर रुख बदला, मोदी और RSS के रिश्ते की कहानी प्रधानमंत्री बनने के बाद 11 सालों में पहली बार नरेंद्र मोदी ने RSS हेडक्वार्टर में कदम रखा। 30 मार्च को नागपुर पहुंचे मोदी अपने 34 मिनट के भाषण में करीब आधा वक्त RSS की तारीफ करते रहे। करीब 66 साल पहले संघ से जुड़े मोदी समय के साथ एक-दूसरे के पूरक बनकर उभरे हैं। पूरी खबर पढ़ें…
