गुजरात के गांधीनगर में 35 फीट ऊंची होली जलाई:सीएम योगी ने गोरखपुर में पूजा की, हिमाचल में सेलिब्रेशन शुरू

देशभर में होली दहन होना शुरू हो गया है। गुजरात के गांधीनगर गुरुवार शाम 7 बजे होलिका दहन किया गया। करीब 35 फीट ऊंची होलिका जलाई गई। इसके बाद लोगों ने दौड़-दौड़ कर परिक्रमा लगाई। वहीं, दोपहर में हिमाचल प्रदेश के मंडी में हजारों की भीड़ ने त्योहार सेलिब्रेट किया है। जमकर रंग-गुलाल उड़ाया गया। मंडी के सेलिब्रेशन का एरिअल व्यू भी सामने आया है। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ होलिका दहन कार्यक्रम में शामिल होने के लिए गोरखपुर पहुंचे। उन्होंने यहां हालिका माता की पूजा की। गोरखपुर सांसद रविकिशन भी उनके साथ मौजूद रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देश को होली की शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने X पोस्ट में लिखा- आप सभी को होली की ढेरों शुभकामनाएं। हर्ष और उल्लास से भरा यह पावन-पर्व हर किसी के जीवन में नई उमंग और ऊर्जा का संचार करने के साथ ही देशवासियों की एकता के रंग को और प्रगाढ़ करे, यही कामना है। होली सेलिब्रेशन को लेकर पुलिस भी अलर्ट पर है। क्योंकि होली का त्योहार और रमजान के जुमे की नमाज साथ-साथ है। माहौल न बिगड़ने पाए, इसके लिए उत्तर प्रदेश पुलिस-प्रशासन हाई अलर्ट पर है। यूपी के 18 जिलों में जुमे की नमाज का वक्त बदला गया है। चार जिलों में 189 मस्जिदों को रंग-गुलाल से बचाने के लिए तिरपाल से ढका गया है। ड्रोन से निगरानी की जा रही है। देशभर से होलिका दहन-होली सेलिब्रेशन-सिक्योरिटी की तस्वीरें… होलिका दहन मुहूर्त रात 11.30 से 12:30 तक
परंपरा के मुताबिक सूरज ढलते ही होली की पूजा और उसके बाद दहन किया जाता है। लेकिन आज शाम को भद्रा का अशुभ समय रहेगा। इस वक्त होली की पूजा तो कर सकते हैं, लेकिन होली जलाने का मुहूर्त रात 11.30 से 12:30 तक रहेगा। ग्रंथों के अनुसार सतयुग के बाद त्रेतायुग में श्रीराम ने होली खेली, द्वापर में श्रीकृष्ण ने राधा और गोपियों के साथ होली खेली थी। अधिकतर लोगों को होलिका और प्रहलाद की कहानी ही पता है, लेकिन इस उत्सव से जुड़ी कुछ और मान्यताएं भी हैं। एक मान्यता कामदेव से जुड़ी है तो दूसरी ढोंढा नाम की राक्षसी से। ये मान्यताएं विष्णु पुराण, शिव पुराण और भविष्य पुराण में बताई गई हैं। पूरी खबर पढ़ें… …………….. होली से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… 14 मार्च को सूर्य करेगा मीन राशि में प्रवेश: खरमास 13 अप्रैल तक, इस महीने में सूर्य पूजा और दान-पुण्य करने की है परंपरा 14 मार्च को सूर्य मीन राशि में प्रवेश करेगा। मीन राशि का स्वामी ग्रह देव गुरु बृहस्पति है। बृहस्पति सूर्यदेव के भी गुरु हैं। अपने गुरु की मीन राशि में सूर्य प्रवेश करेगा। इस संबंध में ज्योतिष की मान्यता है कि सूर्य देव अब एक माह तक अपने गुरु बृहस्पति की सेवा में रहेंगे। इस माह को खरमास कहा जाता है। पूरी खबर पढ़ें…

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