6 महीने में पुरुष बन जाते हैं महिला:बॉडी पार्ट बदल दिए जाते हैं, आवाज भी; रायपुर में 120 ऐसी सर्जरी, मां भी बने

आज के दौर में महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं, ये कहावत भी अब पुरानी हो चुकी है। ऐसा इसलिए क्योंकि, अब कई पुरुष ही जेंडर चेंज सर्जरी कराकर महिलाएं बन रहे हैं। सिर्फ रायपुर के ही एक्सपर्ट सर्जन ऐसी 1-2 नहीं बल्कि 120 सर्जरी कर चुके हैं। वुमेंस डे के खास मौके पर आपको बताते हैं कि, आखिर क्यों कोई पुरुष जेंडर चेंज कराता है, आखिर वो क्या मनोदशा होती है, इसके साथ ही आपको बताएंगे इसकी पूरी प्रोसेस। एक्सपर्ट सर्जन डॉ सुनील कालड़ा और इसी तरह महिला बन चुकी विद्या राजपूत के अनुभव से- जेंडर डिस्फोरिया की वजह से होती है ऐसी चाहत डॉक्टर बताते हैं कि जेंडर डिस्फोरिया होने पर एक लड़के को लड़की बनने की चाहत होती है। ये एक तरह की मनोदशा है, वो खुद को मानसिक रूप से लड़की ही मानता है, वो अगर लड़की की तरह न रह पाए तो उसके लिए ये घुटन भरा जीवन होता है। इसे ऐसे समझिए कि कोई सामान्य लड़का है अगर उसे जबरन लड़की की तरह रहने को कहा जाए तो उसे क्या फील होगा। इसी तरह जेंडर डिस्फोरिया में लड़का भले ही शारीरिक रूप से लड़का दिखे मगर वो दिलो-दिमाग से लड़की होता है। ऐसी स्थिति में इन लोगों को सेक्स चेंज करना होता है। 15 से 20 लाख खर्च, छत्तीसगढ़ में तीन लाख में उपचार डॉक्टर कालड़ा के अनुसार ऐसे ऑपरेशन के लिए अन्य राज्यों और विदेशों में लगभग 15 से 20 लाख का खर्च आता है। इसके अलावा मेकओवर सर्जरी भी लाखों में होती है लेकिन, छत्तीसगढ़ में इसका खर्च 3 लाख रुपए आता है। इसमें केवल दवाओं का शुल्क है। कम खर्च की वजह से बिहार, कलकत्ता, ओडिशा, दिल्ली, मुंबई और दुबई से भी पेशेंट उनके पास आ रहे हैं। रायपुर से ऐसा ही एक केस, अब वह ब्यूटी सैलून की संचालिका रायपुर की रानी (बदला हुआ नाम) वो जन्म से महिला नहीं थी, लेकिन उसे अपने महिला होने पर गर्व है। रानी रायपुर की रहने वाली है। वह थोड़ी बड़ी हुई, तो उसे पता चल गया था कि वो ट्रांसजेंडर है। उसने अपने परिवार के सदस्यों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने।
रानी जब बालिग हुई, तो डॉक्टरों के साथ काउंसलिंग की और सर्जरी कराई। रानी अब शहर के नामी ब्यूटी सैलून की संचालिका है। उसने कई ट्रांसजेंडर्स को अपने पास काम पर रखा है और खुद के साथ उनको भी नई जिंदगी जीने का मौका दिया है। हाल ही में रानी और उसके पार्टनर को सेरोगेसी से बच्चा भी हुआ है। सर्जरी कराने वालों का बढ़ रहा सोशल एडॉप्शन सेक्स चेंज करवाने या सर्जरी कराने वालों को पहले लोग हीन भावना से देखते है, लेकिन आधुनिकता के साथ इसका सोशल एडॉप्शन हो रहा है। छत्तीसगढ़ में अब सरकारी विभागों में नौकरी भी दी जा रही है। यह एडॉप्शन की दिशा में एक बडा कदम है। औरत बनने वालों की क्या मनोदशा होती है
सर्जरी के बाद अब पूरी तरह से महिला बन चुकीं विद्या अपने अनुभवों के बारे में बताती हैं। उन्होंने उस मेंटल स्टेटस और शारीरिक दिक्कतों के बारे में बात की, जिसमें एक शख्स खुद को महिला की तरह साइंटिफिकली ट्रांसफॉर्म कर लेता है। हाथ-पैर चेहरा औरतों की तरह होने लगते हैं- विद्या राजपूत ने बताया सर्जरी के बाद क्या होता है- महिला बन जाने के बाद कानूनी अधिकार भी मिलते हैं। भारत सरकार ने कानून अधिकार दिए हुए हैं। विशेष विवाह अधिनियम के तहत शादी भी हो सकती है। महिलाओं से जुड़ी सरकारी सुविधाएं मिलने के हकदार हो जाते हैं। मगर समाज हमें ट्रांसजेंडर के रूप में ही जानता है। मानसिक रुप से तो हम महिला ही होते हैं, सर्जरी के बाद शारीरिक रुप से भी पूरी तरह महिला ही हो जाते हैं। विद्या बताती हैं- जिले के कलेक्टर हमें ट्रांसजेंडर आईडी कार्ड देते हैं। सर्जरी के बाद रिवाइज सर्टिफिकेट जारी किया जाता है, ये महिला बन जाने का सरकारी आईडी कार्ड होता है, इसके लिए काउंसिलिंग, सर्जरी के दस्तावेज दिए जाते हैं, इसके बाद दस्तावेज में, मन-शरीर के मुताबिक पूरी तरह से हम महिला हो जाते हैं। छत्तीसगढ़ में नोरा–जैकलीन की तरह दिखने की चाहत मेट्रो सिटीज की तरह छत्तीसगढ़ में आम लोगों, छात्राओं, खासकर मिडिल क्लास में कॉस्मेटिक सर्जरी का ट्रेंड इन दिनों बढ़ा है। ज्यादातर लोग ऐसे है, जो फिल्म स्टार से प्रभावित होकर सर्जरी करा रहे हैं। प्रदेश में हर महीने कॉस्मेटिक सर्जरी कराने वालों की संख्या 250 से 300 तक पहुंच गई है। जबकि 5 साल पहले तक ये आंकड़ा केवल 50-60 लोगों का ही था।

More From Author

तेलंगाना टनल हादसा, स्नीफर डॉग्स ने दो स्थान खोजे:यहां इंसानों के होने की संभावना, मजदूरों के शवों की तलाश जारी; घटना को 15 दिन बीते

रोहित की कप्तानी में लगातार चौथा ICC फाइनल खेलेगा भारत:2 टाइटल गंवाए, 1 खिताब जीता; क्या 12 साल बाद जिता पाएंगे चैंपियंस ट्रॉफी?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *