3 राज्यों में SIR की फाइनल लिस्ट पब्लिश:राजस्थान में 5.15 करोड़, छत्तीसगढ़ में 1.87 करोड़ वोटर रजिस्टर्ड; अब तक 6 राज्यों-UT की सूची जारी

देश के 12 राज्यों-केंद्र शासित प्रदेश में चुनाव आयोग के वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) का दूसरा फेज अपने अंतिम चरण में है। शनिवार को राजस्थान, छत्तीसगढ़ और केरल की फाइनल वोटर लिस्ट पब्लिश हुई। राजस्थान में 5.15 करोड़, छत्तीसगढ़ में 1.87 करोड़ और केरल में 2.69 करोड़ वोटर के नाम फाइनल वोटर लिस्ट में है। अब तक कुल 6 राज्यों-UT की फाइनल लिस्ट आ चुकी है। आज गोवा और अंडमान-निकोबार की लिस्ट भी आ सकती है। इससे पहले लक्षद्वीप, पुडुचेरी और गुजरात की अंतिम मतदाता सूची जारी हुई थी। 23 फरवरी को तमिलनाडु और मध्य प्रदेश की लिस्ट आएगी। उत्तर प्रदेश-राजस्थान समेत 12 राज्यों में SIR प्रक्रिया 27 अक्टूबर 2025 से शुरू हुई थी। 23 दिसंबर 2025 से 22 जनवरी तक नाम जोड़ने, हटाने और सुधार के लिए आवेदन लिए गए, जिनका निपटारा करने के बाद फाइनल वोटर लिस्ट पब्लिश की जा रही है। 12 राज्यों-UT में वोटर लिस्ट के SIR में करीब 51 करोड़ मतदाता शामिल हैं। 1 हफ्ते में 6 राज्यों की फाइनल लिस्ट पब्लिश नाम जोड़ने-हटाने की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने, हटाने का काम जारी रहेगा। बीएलओ के पास फॉर्म भरकर अब भी वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाया जा सकता है। इसके लिए फॉर्म 6 भरना होगा। वोटर पोर्टल https://voters.eci.gov.in पर जाकर ऑनलाइन भी नाम जुड़वा सकते हैं। 10 फरवरी: असम में फाइनल लिस्ट पब्लिश EC ने असम में हुए स्पेशल रिवीजन (SR) 2026 के तहत फाइनल वोटर लिस्ट जारी की थी। EC के मुताबिक, ड्राफ्ट वोटर लिस्ट की तुलना में 2.43 लाख से ज्यादा नाम हटाए गए हैं। अब राज्य में कुल 2,49,58,139 वोटर्स रजिस्टर्ड हैं। ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में मतदाताओं की संख्या 2,52,01,624 थी। स्पेशल रिवीजन प्रक्रिया के बाद लिस्ट में 2,43,485 नाम हटाए गए हैं। अब फाइनल लिस्ट में 1,24,82,213 पुरुष, 1,24,75,583 महिलाएं और 343 थर्ड-जेंडर शामिल हैं। SIR के बारे में जानें… यह चुनाव आयोग की एक प्रक्रिया है। इसमें वोटर लिस्ट अपडेट की जाती है। इसमें 18 साल से ज्यादा के नए वोटर्स को जोड़ा जाता है। ऐसे लोग जिनकी मौत हो चुकी है। जो शिफ्ट हो चुके हैं उनके नाम हटाए जाते हैं। वोटर लिस्ट में नाम, पते में हुई गलतियों को भी ठीक किया जाता है। BLO घर-घर जाकर खुद फॉर्म भरवाते हैं। 1951 से लेकर 2004 तक का SIR हो गया है, लेकिन पिछले 21 साल से बाकी है। इस लंबे दौर में मतदाता सूची में कई परिवर्तन जरूरी हैं। जैसे लोगों का माइग्रेशन, दो जगह वोटर लिस्ट में नाम होना। डेथ के बाद भी नाम रहना। विदेशी नागरिकों का नाम सूची में आ जाने पर हटाना। कोई भी योग्य वोटर लिस्ट में न छूटे और कोई भी अयोग्य मतदाता सूची में शामिल न हो। पहले फेज में बिहार में हुआ। फाइनल लिस्ट में 7.42 करोड़ वोटर्स हैं। ——————————– ये खबर भी पढ़ें… दिल्ली-कर्नाटक समेत 22 राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों में SIR की घोषणा, अप्रैल से प्रक्रिया शुरू होगी चुनाव आयोग ने देशभर में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की घोषणा कर दी है। चुनाव आयोग के सचिव पवन दीवान ने 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEO) को लेटर लिखकर SIR से जुड़ी तैयारी का काम जल्द से जल्द पूरा करने के लिए कहा है। पूरी खबर पढ़ें…

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